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बूंदाबांदी से मिली राहत, किसानों के चेहरे खिले
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भीषण गर्मी और उमस से बेहाल जनमानस को सुबह से दोपहर तक हुई हल्की बूंदाबांदी से बड़ी राहत मिली। वहीं दोपहर से शाम तक आसमान में छाए बादलों से तापमान में तीन से चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इस बूंदाबांदी से किसानों को संजीवनी मिल गई है। वहीं धान रोपाई की तैयारी कर रहे किसानों को इससे बड़ी राहत मिली है।
कई दिन से शहर में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस पार चल रहा था। वहीं वातावरण में नमी अधिक होने से गर्मी के साथ उमस भी बढ़ने लगी थी। गर्मी के कारण लोग तो परेशान थे ही गन्ने के साथ ही पशुओं के चारे के लिए बोई गई फसल भी मुरझाने लगी थी। बृहस्पतिवार को आसमान में बादल जरूर छाए लेकिन गर्मी से ज्यादा राहत नहीं मिली। शुक्रवार को बादल छा गए और बूंदाबांदी होनी शुरू हो गई। करीब दस बजे कुछ समय के लिए धूप निकली और फिर बादल छा गए। किसान मोहन लाल, साधूराम, सुखपाल सिंह, महिपाल सिंह, मंजीत कुमार, दिलावर आदि का कहना है कि बारिश से गन्ने और चारे की फसलों की प्यास कम हुई है। धान की रोपाई की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।
बारिश से किसानों के चेहरे खिले
बूंदाबांदी के बाद किसानों ने धान की रोपाई शुरू कर दी है। नारसन क्षेत्र में हुई बारिश ने किसानों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। बारिश हुई तो किसान खुशी से झूम उठे। यह बारिश किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। कई दिनों से बारिश न होने से किसान बेहद परेशान थे। उनको अपनी फसलों के बर्बाद होने की चिंता सता रही थी। किसान टकटकी लगाकर बारिश का इंतजार कर रहे थे। संवाद
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धान की रोपाई में लगे किसान
क्षेत्र में सुबह से आसमान में छाए बादलों के बाद हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। इस बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। लगातार बढ़ती गर्मी से भूजल का स्तर गिरता जा रहा था। क्षेत्र में किसानों के नलकूप ठप होने के कगार पर पहुंच गए थे। वहीं बहुत से गांव में हैंडपंपों ने पानी देना भी बंद कर दिया था। फसलों की सिंचाई के लिए भी किसानों को बड़ी मात्रा में डीजल खर्च करना पड़ रहा था। ऐसे में बारिश नहीं होने से किसानों के सामने समस्या खड़ी होने लगी थी। किसानों ने धान की फसल की रोपाई शुरू कर दी है। संवाद
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कई दिन से शहर में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस पार चल रहा था। वहीं वातावरण में नमी अधिक होने से गर्मी के साथ उमस भी बढ़ने लगी थी। गर्मी के कारण लोग तो परेशान थे ही गन्ने के साथ ही पशुओं के चारे के लिए बोई गई फसल भी मुरझाने लगी थी। बृहस्पतिवार को आसमान में बादल जरूर छाए लेकिन गर्मी से ज्यादा राहत नहीं मिली। शुक्रवार को बादल छा गए और बूंदाबांदी होनी शुरू हो गई। करीब दस बजे कुछ समय के लिए धूप निकली और फिर बादल छा गए। किसान मोहन लाल, साधूराम, सुखपाल सिंह, महिपाल सिंह, मंजीत कुमार, दिलावर आदि का कहना है कि बारिश से गन्ने और चारे की फसलों की प्यास कम हुई है। धान की रोपाई की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।
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बारिश से किसानों के चेहरे खिले
बूंदाबांदी के बाद किसानों ने धान की रोपाई शुरू कर दी है। नारसन क्षेत्र में हुई बारिश ने किसानों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। बारिश हुई तो किसान खुशी से झूम उठे। यह बारिश किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। कई दिनों से बारिश न होने से किसान बेहद परेशान थे। उनको अपनी फसलों के बर्बाद होने की चिंता सता रही थी। किसान टकटकी लगाकर बारिश का इंतजार कर रहे थे। संवाद
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धान की रोपाई में लगे किसान
क्षेत्र में सुबह से आसमान में छाए बादलों के बाद हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। इस बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। लगातार बढ़ती गर्मी से भूजल का स्तर गिरता जा रहा था। क्षेत्र में किसानों के नलकूप ठप होने के कगार पर पहुंच गए थे। वहीं बहुत से गांव में हैंडपंपों ने पानी देना भी बंद कर दिया था। फसलों की सिंचाई के लिए भी किसानों को बड़ी मात्रा में डीजल खर्च करना पड़ रहा था। ऐसे में बारिश नहीं होने से किसानों के सामने समस्या खड़ी होने लगी थी। किसानों ने धान की फसल की रोपाई शुरू कर दी है। संवाद