{"_id":"586e868c4f1c1b1c7e15abcf","slug":"red-beacon-strong-fortifications","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘लालबत्ती’ से मजबूत की किलेबंदी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘लालबत्ती’ से मजबूत की किलेबंदी
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
Updated Thu, 05 Jan 2017 11:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
ऐन चुनाव से पहले कुछ लोगों को लालबत्ती से नवाज कर हरीश रावत सरकार ने चुनाव के लिए किलेबंदी मजबूत करने का काम किया है। हालांकि चुनाव आचार संहिता लागू होने से दायित्वधारी अपनी हनक दिखाने से पहले ही पैदल हो गए। बावजूद इसके उन्हें उम्मीद है कि सरकार बनने के बाद वह फिर दायित्व पाने में सफल होंगे।
आचार संहिता के चलते लालबत्ती मिलने से पहले ही कई दर्जाधारियों की बत्ती गुल हो गई। आदेश जारी होने के बाद भी इन्हें न तो लालबत्ती मिल पाई और न ही मंत्री स्तर की सुख सुविधाएं। हालांकि इससे प्रदेश सरकार ने एक तीर से कई निशाने साधे है। एक तरह से सरकार ने दायित्वधारी बनाकर इन पर करम किया है, वहीं अब लालबत्ती नहीं लगा पाने से विरोधियों की आलोचना का शिकार भी नहीं होना पड़ेगा।
हाल ही में कई ऐसे नेताओं को दायित्वधारी बनाकर लाल बत्ती से नवाजा गया,चुनाव नजदीक आते ही सरकार पर दबाव बना रहे थे। हालांकि भले ही दायित्वधारियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है, लेकिन प्रदेश सरकार ने दायित्व बांटकर एक तीर से कई निशाने साध लिए हैं। एक ओर जहां बड़े नेताओं को दायित्वधारी बनाकर टिकट की दावेदारों के पर कतरे गए वहीं दूसरी ओर अब इन दायित्वधारियों के किसी तरह के विद्रोह की आशंका भी कम हो गई है। साथ ही लालबत्ती बांटकर सरकारी धन के दुरुपयोग करने का आरोप भी लगता, लेकिन आचार संहिता ने सरकार की इस फजीहत को खत्म कर दिया है।
विज्ञापन
सरकार बनेगी तो मिल सकता है लाभ
हाल ही में दायित्वधारी बने नेताओं को इस बात की आस जरूर है कि फिर से कांग्रेस की सरकार बनने पर उन्हें ये पद दोबारा मिल जाएंगे या फिर उन्हें नए पदों पर मनोनीत किया जाएगा। उनका कहना है कि दायित्व मिलने से उनका प्रोफाइल बेहतर हुआ है। जो भविष्य में उनके काम आएगा।
हाल में इन्हें मिला दायित्व
- चौधरी राजेंद्र सिंह,
- राम सिंह सैनी
- अक्षय प्रताप सिंह
- राव इंतजार
- आदित्य राणा
- सत्यपाल मास्टर
- परवेज
- मोहम्मद अय्याज
मुख्यमंत्री की ओर से कार्यकर्ताओं को जो दायित्व सौंपे गए हैं, यह अपने आप में बड़ा सम्मान है। इसलिए इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आचार संहिता के चलते दायित्व के अनुरूप लालबत्ती और सुविधाएं नहीं मिल पाई।
चौधरी राजेंद्र सिंह, अध्यक्ष किसान आयोग
आचार संहिता के चलते लालबत्ती मिलने से पहले ही कई दर्जाधारियों की बत्ती गुल हो गई। आदेश जारी होने के बाद भी इन्हें न तो लालबत्ती मिल पाई और न ही मंत्री स्तर की सुख सुविधाएं। हालांकि इससे प्रदेश सरकार ने एक तीर से कई निशाने साधे है। एक तरह से सरकार ने दायित्वधारी बनाकर इन पर करम किया है, वहीं अब लालबत्ती नहीं लगा पाने से विरोधियों की आलोचना का शिकार भी नहीं होना पड़ेगा।
विज्ञापन
हाल ही में कई ऐसे नेताओं को दायित्वधारी बनाकर लाल बत्ती से नवाजा गया,चुनाव नजदीक आते ही सरकार पर दबाव बना रहे थे। हालांकि भले ही दायित्वधारियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है, लेकिन प्रदेश सरकार ने दायित्व बांटकर एक तीर से कई निशाने साध लिए हैं। एक ओर जहां बड़े नेताओं को दायित्वधारी बनाकर टिकट की दावेदारों के पर कतरे गए वहीं दूसरी ओर अब इन दायित्वधारियों के किसी तरह के विद्रोह की आशंका भी कम हो गई है। साथ ही लालबत्ती बांटकर सरकारी धन के दुरुपयोग करने का आरोप भी लगता, लेकिन आचार संहिता ने सरकार की इस फजीहत को खत्म कर दिया है।
विज्ञापन
सरकार बनेगी तो मिल सकता है लाभ
हाल ही में दायित्वधारी बने नेताओं को इस बात की आस जरूर है कि फिर से कांग्रेस की सरकार बनने पर उन्हें ये पद दोबारा मिल जाएंगे या फिर उन्हें नए पदों पर मनोनीत किया जाएगा। उनका कहना है कि दायित्व मिलने से उनका प्रोफाइल बेहतर हुआ है। जो भविष्य में उनके काम आएगा।
हाल में इन्हें मिला दायित्व
- चौधरी राजेंद्र सिंह,
- राम सिंह सैनी
- अक्षय प्रताप सिंह
- राव इंतजार
- आदित्य राणा
- सत्यपाल मास्टर
- परवेज
- मोहम्मद अय्याज
मुख्यमंत्री की ओर से कार्यकर्ताओं को जो दायित्व सौंपे गए हैं, यह अपने आप में बड़ा सम्मान है। इसलिए इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आचार संहिता के चलते दायित्व के अनुरूप लालबत्ती और सुविधाएं नहीं मिल पाई।
चौधरी राजेंद्र सिंह, अध्यक्ष किसान आयोग