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Roorkee News: मेंटेनेंस के नाम पर लाखों की वसूली, फिर भी जलभराव

Mon, 17 Jul 2023 11:55 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 17 Jul 2023 11:55 PM IST
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Recovery of lakhs in the name of maintenance, yet waterlogging
इंडस्ट्रीयल एरिया में मेंटेनेेंस के नाम पर लाखों की वसूली किए जाने के बाद भी उद्यमियों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। हालत यह है कि ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त होने के चलते 30 से अधिक फैक्टरियों के भीतर जलभराव होने से करोड़ों का नुकसान हो चुका है।
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रुड़की और आसपास के क्षेत्रों में 500 से अधिक औद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं। उद्यमियों ने लीज पर ली गई जमीनों में करोड़ों रुपयों का निवेश किया हुआ है। लीज की शर्तों के साथ ही एक कंपनी को मेंटेनेंस के तौर पर प्रत्येक फैक्टरी को प्रतिमाह दो से तीन लाख रुपये तक देने पड़ते हैं। बावजूद इसके मेंटेनेंस का जिम्मा संभाल रही कंपनी की ओर से बुनियादी सुविधाएं तक नहीं दी जा रही हैं। इससे बरसात में उद्योगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
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इकबालपुर स्थित देवभूमि इंडस्ट्रियल इस्टेट में भी उद्यमियों को इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस इस्टेट में 39 यूनिट है। जिन्हें ड्रेनेज की सुविधा नहीं मिलने से जलभराव से हुए भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। टीटीके प्रस्टीज लिमिटेड कंपनी के महाप्रबंधक फाइनेंस प्रकाश चंद पपने ने बताया कि वे हर माह मेंटेनेंस करने वाली कंपनी को तकरीबन 80 हजार रुपये का भुगतान कर रहे हैं। तीन माह में दिए जाने वाला यह भुगतान करीब ढाई लाख बैठता है। इसी तरह अन्य फैक्टरियों की ओर से भी चार्ज दिया जा रहा है लेकिन औद्योगिक क्षेत्र को सुविधाएं नहीं दी जा रही है। पानी भरने से उनकी कंपनी को करीब 50 लाख का नुकसान हुआ है।
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