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गैंगरेप : कटघरे में कलियर पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो कलियर
Updated Thu, 15 Dec 2016 10:35 PM IST
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उर्स मेले में आई मध्य प्रदेश की एक महिला से गैंगरेप के मामले में कलियर पुलिस पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। मामला संज्ञान में आने और साक्ष्य मिलने के बाद पहले कलियर पुलिस ने केस दर्ज करने में हीलाहवाली की। अमर उजाला ने जब मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो एसपी देहात के निर्देश पर केस दर्ज किया गया लेकिन, दो सप्ताह बाद भी मौके से मिली आईडी और पर्स की पड़ताल ी कलियर पुलिस नहीं कर पाई।
दो दिसंबर को शाहजी पीर के समीप जंगल में दो आरोपियों ने एक महिला से दुराचार कर लिया था। शोर मचाने पर जब पुलिसकर्मी और अन्य लोग पहुंचे तो आरोपी मौके से फरार हो गए। इस दौरान एक आरोपी का पर्स मौके पर ही छूट गया था। उसमें उसकी आईडी भी थी। इसके बावजूद कलियर पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय पीड़िता का चलता कर दिया। इतना ही नहीं एक महिला पुलिसकर्मी उसे स्टेशन तक छोड़ भी आई ताकि मामले को रफा-दफा किया जा सके। इस संबंध में जब सच्चाई जानने के बाद अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की तो पुलिस अधिकारी हरकत में आए। एसपी देहात के निर्देश पर अगले दिन मुकदमा दर्ज किया गया। साथ ही पीड़िता के बयान दर्ज करने के लिए मध्यप्रदेश टीम रवाना की गई लेकिन, पुलिस वहां खानापूरी कर लौट आई। इसके बाद पीड़िता अपने बयान दर्ज कराने पहले कलियर थाने और फिर एसपी देहात कार्यालय पहुंची। जहां उसने दो युवकों पर गैंगरेप का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई। इस दौरान उसने कलियर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए।
मेडिकल के बाद कोर्ट में बयान दर्ज
गैंगरेप के मामले में एक बार फिर पीड़िता के सामने आने और बयान दर्ज कराने के बाद पुलिस हरकत में आई है। बीते रोज एसपी देहात के समक्ष बयान होने के बाद बृहस्पतिवार को पीड़िता का मेडिकल कराया गया। साथ ही कोर्ट में उसका बयान दर्ज हुआ।
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क्या कहते हैं थाना प्रभारी
पीड़िता के बयान के बाद बृहस्पतिवार को सिविल अस्पताल रुड़की में उसका मेडिकल कराया गया। साथ ही कोर्ट में भी 164 के तहत उसके बयान दर्ज हुए। उन्होंने कहा कि फिलहाल मामले की जांच चल रही है। मौके से बरामद आईडी के संबंध में अभी कुछ पता नहीं चल पाया है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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दो दिसंबर को शाहजी पीर के समीप जंगल में दो आरोपियों ने एक महिला से दुराचार कर लिया था। शोर मचाने पर जब पुलिसकर्मी और अन्य लोग पहुंचे तो आरोपी मौके से फरार हो गए। इस दौरान एक आरोपी का पर्स मौके पर ही छूट गया था। उसमें उसकी आईडी भी थी। इसके बावजूद कलियर पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय पीड़िता का चलता कर दिया। इतना ही नहीं एक महिला पुलिसकर्मी उसे स्टेशन तक छोड़ भी आई ताकि मामले को रफा-दफा किया जा सके। इस संबंध में जब सच्चाई जानने के बाद अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की तो पुलिस अधिकारी हरकत में आए। एसपी देहात के निर्देश पर अगले दिन मुकदमा दर्ज किया गया। साथ ही पीड़िता के बयान दर्ज करने के लिए मध्यप्रदेश टीम रवाना की गई लेकिन, पुलिस वहां खानापूरी कर लौट आई। इसके बाद पीड़िता अपने बयान दर्ज कराने पहले कलियर थाने और फिर एसपी देहात कार्यालय पहुंची। जहां उसने दो युवकों पर गैंगरेप का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई। इस दौरान उसने कलियर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए।
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मेडिकल के बाद कोर्ट में बयान दर्ज
गैंगरेप के मामले में एक बार फिर पीड़िता के सामने आने और बयान दर्ज कराने के बाद पुलिस हरकत में आई है। बीते रोज एसपी देहात के समक्ष बयान होने के बाद बृहस्पतिवार को पीड़िता का मेडिकल कराया गया। साथ ही कोर्ट में उसका बयान दर्ज हुआ।
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क्या कहते हैं थाना प्रभारी
पीड़िता के बयान के बाद बृहस्पतिवार को सिविल अस्पताल रुड़की में उसका मेडिकल कराया गया। साथ ही कोर्ट में भी 164 के तहत उसके बयान दर्ज हुए। उन्होंने कहा कि फिलहाल मामले की जांच चल रही है। मौके से बरामद आईडी के संबंध में अभी कुछ पता नहीं चल पाया है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।