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नकली दवाईयों के कारोबार पर शासन गंभीर
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भगवानपुर। पिछले एक साल में रुड़की और भगवानपुर क्षेत्र में नकली दवाओं का कारोबार सामने आने पर प्रदेश सरकार बेहद गंभीर है। इसके लिए औषधि नियंत्रक एवं खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। मंगलवार को संयुक्त टीम ने भगवानपुर और रायपुर क्षेत्र की कई फैक्ट्रियों में छापेमारी की।
भगवानपुर और रायपुर क्षेत्र की फैक्ट्रियों में छापेमारी के दौरान कोरोना के कारण कई फैक्ट्रियां तो बंद मिलीं, जबकि कई के संचालक छापे की सूचना मिलते ही भाग गए। टीम ने फूड सप्लीमेंट बना रही फैक्ट्रियों से सैंपल भरकर जांच के लिए भेजे हैं। रुड़की और भगवानपुर का क्षेत्र नकली दवाओं, फूड सप्लीमेंट और लाइसेंस के मानकों के अनुरूप काम नहीं करने को लेकर काफी विवादित रहा है। पिछले वर्ष एक भाजपा नेता के भाई द्वारा अनधिकृत रूप से दवाइयां बनाने की फैक्ट्री का संचालन पकड़ा गया था, जबकि हाल ही में भी नकली दवाओं की एक फैक्ट्री पकड़ी गई थी। शासन को इस तरह की शिकायतें भी मिल रही हैं कि फूड सप्लीमेंट बनाने की आड़ में नकली दवाई बनाने का धंधा चलाया जा रहा है। मंगलवार की दोपहर को देहरादून से आई औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी आरएस भंडारी और हरिद्वार के मुख्य सुरक्षा अधिकारी आरएस पाल की संयुक्त टीम ने कई फैक्ट्रियों में छापेमारी की। अनुज्ञापन प्राधिकारी एसएस भंडारी ने बताया कि इस दौरान सत्या लाइफ मेडिकल हेल्थ केयर में बनाए जा रहे फूड सप्लीमेंट का नमूना भरा गया। इसी तरह लाइफ जैन मेडिकेयर में भी उत्पादित किए जा रहे सप्लीमेंट के सैंपल भरे गए हैं, जो जांच के लिए भेजे गए हैं। दोनों फैक्ट्रियों में लाइसेंस के मानकों के अनुरूप काम नहीं होता पाया गया है। इस कारण उनके संचालकों को मौके पर ही कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि कई फैक्ट्रियां बंद कर फरार हो गए। इन्रको भी नोटिस भेजकर जवाब तलब किया जाएगा। छापे की इस कार्रवाई में औषधि नियंत्रक इकाई की ओर से डीएसपी मिथलेश कुमार, रुड़की के औषधि नियंत्रक मानवेंद्र सिंह राणा सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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भगवानपुर और रायपुर क्षेत्र की फैक्ट्रियों में छापेमारी के दौरान कोरोना के कारण कई फैक्ट्रियां तो बंद मिलीं, जबकि कई के संचालक छापे की सूचना मिलते ही भाग गए। टीम ने फूड सप्लीमेंट बना रही फैक्ट्रियों से सैंपल भरकर जांच के लिए भेजे हैं। रुड़की और भगवानपुर का क्षेत्र नकली दवाओं, फूड सप्लीमेंट और लाइसेंस के मानकों के अनुरूप काम नहीं करने को लेकर काफी विवादित रहा है। पिछले वर्ष एक भाजपा नेता के भाई द्वारा अनधिकृत रूप से दवाइयां बनाने की फैक्ट्री का संचालन पकड़ा गया था, जबकि हाल ही में भी नकली दवाओं की एक फैक्ट्री पकड़ी गई थी। शासन को इस तरह की शिकायतें भी मिल रही हैं कि फूड सप्लीमेंट बनाने की आड़ में नकली दवाई बनाने का धंधा चलाया जा रहा है। मंगलवार की दोपहर को देहरादून से आई औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी आरएस भंडारी और हरिद्वार के मुख्य सुरक्षा अधिकारी आरएस पाल की संयुक्त टीम ने कई फैक्ट्रियों में छापेमारी की। अनुज्ञापन प्राधिकारी एसएस भंडारी ने बताया कि इस दौरान सत्या लाइफ मेडिकल हेल्थ केयर में बनाए जा रहे फूड सप्लीमेंट का नमूना भरा गया। इसी तरह लाइफ जैन मेडिकेयर में भी उत्पादित किए जा रहे सप्लीमेंट के सैंपल भरे गए हैं, जो जांच के लिए भेजे गए हैं। दोनों फैक्ट्रियों में लाइसेंस के मानकों के अनुरूप काम नहीं होता पाया गया है। इस कारण उनके संचालकों को मौके पर ही कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि कई फैक्ट्रियां बंद कर फरार हो गए। इन्रको भी नोटिस भेजकर जवाब तलब किया जाएगा। छापे की इस कार्रवाई में औषधि नियंत्रक इकाई की ओर से डीएसपी मिथलेश कुमार, रुड़की के औषधि नियंत्रक मानवेंद्र सिंह राणा सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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