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44 हजार हेक्टेयर में पैदा होगी रबी की फसल

Thu, 03 Dec 2020 11:24 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 03 Dec 2020 11:24 PM IST
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Rabi crop will be grown in 44 thousand hectares
ेजिले के किसानों ने गेहूं की बुवाई का काम तेज कर दिया है। कृषि विभाग ने भी रबी की फसल की बुवाई का रकबा तय कर दिया है। कृषि विभाग के अनुसार इस बार जिले में 44100 हेक्टेयर रकबे में रबी की फसल लहराएगी। इसमें लगभग साढ़े 43 हजार हेक्टेयर में गेहूं, पांच सौ हेक्टेयर में सरसों, 40 हेक्टेयर में मटर और 10 हेक्टेयर में चने की खेती की जाएगी।
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इस समय जिले में कुल डेढ़ लाख किसान पंजीकृत हैं। जबकि एक लाख 23 हजार 53 हेक्टेयर भूमि कृषि योग्य है। जिला मुख्य कृषि अधिकारी वीकेश सिंह यादव ने बताया कि इस साल 44100 हेक्टेयर रकबे में रबी की खेती होनी है। इसमें 43 हजार 550 हेक्टेयर में गेहूं, 10 हेक्टेयर में चना, 40 हेक्टेयर में मटर और 550 हेक्टेयर में सरसों की खेती होगी। खेती का लक्ष्य पूरा हो सके, इसके लिए विभाग भी तैयारी कर चुका है। बताया कि विभाग की प्राथमिकता में गेहूं और सरसों का बीज है। जिसको राजकीय कृषि भंडार के माध्यम से पंजीकृत किसानों को वितरण किया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 4300 कुंतल के मुकाबले अब तक 9316 कुंतल गेहूं का बीज आ चुका है। इस बीज को किसानों को वितरित किया जा चुका है। जबकि सरसों का 30 कुंतल बीज भी मंगाकर किसानों को वितरित किया जा चुका है।
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दलहन फसलों से हुआ किसानों का मोह भंग
लक्सर। दालों के मूल्य भले ही सातवें आसमान पर हो, लेकिन फिर भी दलहन फसलों से किसानों का मोहभंग होता जा रहा है। जबकि कभी हरिद्वार जिला दलहन फसलें उगाने के लिए मशहूर था। दशकों पहले तक जिले में 10 से 20 हजार हेक्टेयर में दलहन फसलें उगाई जाती थी। इन फसलों में मुख्य रूप से सरसों, उड़द, चना, मसूर, तिल आदि शामिल हैं, लेकिन कुछ समय से किसान इन फसलों से किनारा करता जा रहा है। यही वजह है कि इस समय जिले में दलहन फसलों का रकबा सिमटकर 600 से 700 हेक्टेयर रह गया है। क्षेत्र के किसान महिपाल सिंह, रोहताश, सुखपाल सिंह, मंजीत सैनी, लोकेश सैनी, किरण सैनी आदि का कहना है कि दलहन फसलों से किनारा करने का पहला कारण जंगली पशुओं का फसलों को नुकसान पहुंचाना है। दलहन फसलों की कीमत ज्यादा होती है, उस लिहाज से जानवरों के फसलों को चट कर जाने से किसानों को ज्यादा नुकसान होगा। वहीं दलहन फसलों का क्षेत्र में बाजार भी नहीं है। ऐसे में किसानों को अपनी दलहन फसलों बेचने में दिक्कत आती है। जिला मुख्य कृषि अधिकारी वीकेश सिंह यादव के अनुसार दलहन फसलों का रकबा पहले के मुकाबले घटा है। किसानों को लगातार दलहन फसलों के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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