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27 मिनट के भाषण में कराया सोशल इंजीनियरिंग का दर्शन
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने 27 मिनट का भाषण पढ़कर जनसभा को संबोधित किया लेकिन अपने संक्षिप्त भाषण में उन्होंने बसपा की सोशल इंजीनियरिंग का पूरा दर्शनशास्त्र मतदाताओं के सामने रख दिया। अपने सधे हुए भाषण में उन्होंने आर्थिक नीतियों पर भी चर्चा की।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाषण के जरिये गरीबों, एससी, अल्पसंख्यकों एवं समाज के धार्मिक गुरुओं के जरिए मतदाताओं को साधा। उन्होंने बताया कि किस तरह से जातिवाद और पूंजीवाद आधारित आर्थिक नीतियों ने गरीबी और बेरोजगारी को बढ़ाया। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस को धन्ना सेठ व पूंजीपतियों की पार्टी बताते हुए बसपा पार्टी की कार्यशैली बताई। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, महात्मा ज्योतिबाफुले, कांशीराम आदि गुरुओं और महापुरुषों का नाम लेकर मतदाताओं को साधने का काम किया। उन्होंने पार्टी की सोशल इंजीनियरिंग आधारित नीतियों को अमल में लाने के लिए सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय के वाक्य से अपने संबोधन को समाप्त किया।
चार बार धन्ना सेठ शब्द का किया इस्तेमाल
बसपा सुप्रीमो मायावाती के भाषण के बीच में धन्ना सेठ और पूंजीपति निशाने पर रहे। इस दौरान उन्होंने मतदाताओं को साधने के लिए जमकर धन्ना सेठों पर निशाना साधा। उन्होंने अपने भाषण में चार बार धन्ना सेठ शब्द का इस्तेमाल किया। वहीं तीन बार दलित, मुस्लिम, गरीब और मजदूरों का जिक्र किया।
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एक बारगी शोरगुल में दब गई मायावती की आवाज
बसपा सुप्रीमो का हेलिकॉप्टर 2:25 मिनट पर कोर कॉलेज में उतरा। वह 2:36 मिनट पर मंच पर पहुंचीं और 2:38 मिनट पर भाषण की शुरुआत की। जैसे ही मायावती मंच पर पहुंचीं, भीड़ के शोरगुल में उनकी आवाज भी दब गई। काफी देर बाद भीड़ का शोरगुल कम हुआ तो उनकी पूरी आवाज सुनाई दी। 3:05 मिनट पर उन्होंने अपना भाषण समाप्त किया।
नेताओं ने जनता से भरवाई हामी
प्रधानमंत्री जनसभाओं में जिस तरह जनता से सवाल पूछते हैं और जनता से ही हामी भरवाते हैं। यह अंदाज अब नेताओं ने भी सीख लिया है। मायावती की चुनावी सभा में बसपा नेताओं ने इसी अंदाज में मतदाताओं से हामी भरवाई। इस दौरान नेताओं ने मतदाताओं से पूछा, क्या महंगाई खत्म करोगे, क्या बेरोजगारी दूर करनी है, क्या भ्रष्टाचार कम करना है, क्या विकास लाना है आदि। इस पर मतदाताओं ने तालियों के साथ हां में हां मिलाई।
हाथी देकर किया सम्मानित
बसपा सुप्रीमो मायावती मंच पर पहुंचीं तो उन्हें हाथी की प्रतिमा देकर सम्मानित किया गया। इससे पूर्व सभी प्रत्याशियों ने जनता को संबोधित किया। सभी प्रत्याशियों ने जनता से इस बार बसपा को जिताने की अपील की। साथ ही बसपा के पक्ष में होने के दावे किए।
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाषण के जरिये गरीबों, एससी, अल्पसंख्यकों एवं समाज के धार्मिक गुरुओं के जरिए मतदाताओं को साधा। उन्होंने बताया कि किस तरह से जातिवाद और पूंजीवाद आधारित आर्थिक नीतियों ने गरीबी और बेरोजगारी को बढ़ाया। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस को धन्ना सेठ व पूंजीपतियों की पार्टी बताते हुए बसपा पार्टी की कार्यशैली बताई। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, महात्मा ज्योतिबाफुले, कांशीराम आदि गुरुओं और महापुरुषों का नाम लेकर मतदाताओं को साधने का काम किया। उन्होंने पार्टी की सोशल इंजीनियरिंग आधारित नीतियों को अमल में लाने के लिए सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय के वाक्य से अपने संबोधन को समाप्त किया।
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चार बार धन्ना सेठ शब्द का किया इस्तेमाल
बसपा सुप्रीमो मायावाती के भाषण के बीच में धन्ना सेठ और पूंजीपति निशाने पर रहे। इस दौरान उन्होंने मतदाताओं को साधने के लिए जमकर धन्ना सेठों पर निशाना साधा। उन्होंने अपने भाषण में चार बार धन्ना सेठ शब्द का इस्तेमाल किया। वहीं तीन बार दलित, मुस्लिम, गरीब और मजदूरों का जिक्र किया।
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एक बारगी शोरगुल में दब गई मायावती की आवाज
बसपा सुप्रीमो का हेलिकॉप्टर 2:25 मिनट पर कोर कॉलेज में उतरा। वह 2:36 मिनट पर मंच पर पहुंचीं और 2:38 मिनट पर भाषण की शुरुआत की। जैसे ही मायावती मंच पर पहुंचीं, भीड़ के शोरगुल में उनकी आवाज भी दब गई। काफी देर बाद भीड़ का शोरगुल कम हुआ तो उनकी पूरी आवाज सुनाई दी। 3:05 मिनट पर उन्होंने अपना भाषण समाप्त किया।
नेताओं ने जनता से भरवाई हामी
प्रधानमंत्री जनसभाओं में जिस तरह जनता से सवाल पूछते हैं और जनता से ही हामी भरवाते हैं। यह अंदाज अब नेताओं ने भी सीख लिया है। मायावती की चुनावी सभा में बसपा नेताओं ने इसी अंदाज में मतदाताओं से हामी भरवाई। इस दौरान नेताओं ने मतदाताओं से पूछा, क्या महंगाई खत्म करोगे, क्या बेरोजगारी दूर करनी है, क्या भ्रष्टाचार कम करना है, क्या विकास लाना है आदि। इस पर मतदाताओं ने तालियों के साथ हां में हां मिलाई।
हाथी देकर किया सम्मानित
बसपा सुप्रीमो मायावती मंच पर पहुंचीं तो उन्हें हाथी की प्रतिमा देकर सम्मानित किया गया। इससे पूर्व सभी प्रत्याशियों ने जनता को संबोधित किया। सभी प्रत्याशियों ने जनता से इस बार बसपा को जिताने की अपील की। साथ ही बसपा के पक्ष में होने के दावे किए।