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किसान नेता हटे, मिल ने खरीदा बाहरी गन्ना
अमर उजाला ब्यूरो नारसन
Updated Sat, 25 Feb 2017 10:28 PM IST
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जहां एक ओर किसान बाहरी गन्ने की खरीद का लगातार विरोध कर रहे हैं। वहीं शुगर मिलें कोई भी पैंतरेबाजी अपनाकर बाहरी गन्ने की खरीद से पीछे हटने को तैयार नही हैं। शुक्रवार को भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। जिस समय किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उस समय मिल ने बाहरी गन्ने की खरीदारी नहीं की, लेकिन जैसे ही रात को किसान नेता मौके से हटे तो सैकड़ों ट्राली बाहरी गन्ना खरीद लिया। दूसरी ओर शनिवार को मिल में आई तकनीकी खराबी के कारण गन्ने की खरीद नहीं हो पाई।
शुुक्रवार को अभाकियू के नेताओं ने बाहरी गन्ने की खरीद पर मिल के पास विरोध जताया था। मिल प्रबंधन को चेतावनी दी थी कि बाहरी गन्ना नहीं खरीदने देंगे। इससे मिल प्रबंधन ने बाहरी गन्ना खरीद बंद कर दी थी और सड़क पर सैकड़ों ट्राली की लाइन लग गई थी। किंतु किसान नेताओं के चले जाने के बाद मिल प्रबंधन ने अपनी मनमानी करते हुए देर रात तक गन्ने की खरीद शुरू कर दी। जिससे किसान नेताओं में आक्रोष बना हुआ है। दूसरी ओर शुक्रवार देर रात आई मिल में खराबी से शनिवार को गन्ने की खरीद नहीं हो पाई। मिल प्रबंधन की ओर से गांव दर गांव दो दिन खरीद न होने का ऐलान कराया गया है। मिल के गन्ना प्रबंधक अनिल सिंह का कहना है कि सड़क पर खड़ा गन्ना देर रात खरीद लिया गया था। कुछ गन्ना खराब होने की वजह से वापस कराया गया है। सड़क पर एक भी ट्राली नहीं है। वहीं अभाकियू के प्रवक्ता राकेश लौहान का कहना है कि बाहरी गन्ना किसी भी सूरत में नहीं खरीदने देंगे। साथ ही छह मार्च तक दो महीने का गन्ना भुगतान न होने पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
किसानों ने लौटाई बाहरी गन्ने से लदी ट्रालियां
भगवानपुर। किसानों ने शुगर मिलों में आ रही यूपी से सटे गांव से लदी गन्ने की तीन ट्रैक्टर ट्रालियों को रास्ते में रोककर लौटा दिया।
शुगर मिलों में बाहर से आ रहे गन्ने की ट्रालियां निकलने की सूचना पर पहुंचे किसान रामलाल सिंह, रघुवीर और काला आदि ने ट्रैक्टर चालकों को वापस ले जाने के लिए कहा। इसको लेकर दोनों पक्षों में नोकझोंक शुरू हो गई। मामला बढ़ता देख चालक ट्रैक्टर ट्रालियां लेकर लौट गए। गौरतलब है कि यूपी से सटे खरक, चाणचक, बिंडुखडग़ व मंडावर आदि गांव से स्थानीय शुगर मिलों में गन्ना सप्लाई किया जा रहा है।
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भुगतान को लेकर मिल व क्लब के बीच वार्ता
झबरेड़ा। बकाया गन्ना भुगतान वादे के मुताबिक आधा होने पर मिल प्रबंधन व भारतीय किसान क्लब के बीच वार्ता हुई। मिल प्रबंधन ने बैंकों की छुट्टी होने का हवाला दिया। गौरतलब है कि इकबालपुर शुगर मिल ने विगत सोमवार को दस करोड़ का बकाया 25 फरवरी तक देने का वादा किया था। मिल ने विगत बुधवार को पांच करोड़ की धनराशि गन्ना समिति को भेज दी थी। जबकि वादे के मुताबिक शेष पांच करोड़ की राशि जारी नहीं की थी। इस बाबत शनिवार को मिल प्रबंधन और क्लब के बीच वार्ता हुई। जिसमें मिल के गन्ना प्रबंधक रविंद्र गोयल, चंद्रदीप सिंह ने बताया कि बैंकों की छुट्टी के कारण भुगतान की आधी राशि रुक गई है। बैंक खुलते ही बकाया भुगतान भेज दिया जाएगा।
अवैध रूप से सामान बिक्री कर रहे 11 वेंडर
दिल्ली से आई आरपीएफ की विजीलेंस टीम ने लक्सर रेलवे स्टेशन पर अवैध रूप से सामान की बिक्री कर रहे 11 वेंडर पकड़े हैं। इनके खिलाफ आरपीएफ में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बताया गया है कि आरपीएफ की विजिलेंस की टीम को लंबे समय से लक्सर रेलवे स्टेशन पर अवैध रूप से सामान की बिक्री कर रहे वेंडरों के खिलाफ शिकायत मिल रही थी।
शुुक्रवार को अभाकियू के नेताओं ने बाहरी गन्ने की खरीद पर मिल के पास विरोध जताया था। मिल प्रबंधन को चेतावनी दी थी कि बाहरी गन्ना नहीं खरीदने देंगे। इससे मिल प्रबंधन ने बाहरी गन्ना खरीद बंद कर दी थी और सड़क पर सैकड़ों ट्राली की लाइन लग गई थी। किंतु किसान नेताओं के चले जाने के बाद मिल प्रबंधन ने अपनी मनमानी करते हुए देर रात तक गन्ने की खरीद शुरू कर दी। जिससे किसान नेताओं में आक्रोष बना हुआ है। दूसरी ओर शुक्रवार देर रात आई मिल में खराबी से शनिवार को गन्ने की खरीद नहीं हो पाई। मिल प्रबंधन की ओर से गांव दर गांव दो दिन खरीद न होने का ऐलान कराया गया है। मिल के गन्ना प्रबंधक अनिल सिंह का कहना है कि सड़क पर खड़ा गन्ना देर रात खरीद लिया गया था। कुछ गन्ना खराब होने की वजह से वापस कराया गया है। सड़क पर एक भी ट्राली नहीं है। वहीं अभाकियू के प्रवक्ता राकेश लौहान का कहना है कि बाहरी गन्ना किसी भी सूरत में नहीं खरीदने देंगे। साथ ही छह मार्च तक दो महीने का गन्ना भुगतान न होने पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
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किसानों ने लौटाई बाहरी गन्ने से लदी ट्रालियां
भगवानपुर। किसानों ने शुगर मिलों में आ रही यूपी से सटे गांव से लदी गन्ने की तीन ट्रैक्टर ट्रालियों को रास्ते में रोककर लौटा दिया।
शुगर मिलों में बाहर से आ रहे गन्ने की ट्रालियां निकलने की सूचना पर पहुंचे किसान रामलाल सिंह, रघुवीर और काला आदि ने ट्रैक्टर चालकों को वापस ले जाने के लिए कहा। इसको लेकर दोनों पक्षों में नोकझोंक शुरू हो गई। मामला बढ़ता देख चालक ट्रैक्टर ट्रालियां लेकर लौट गए। गौरतलब है कि यूपी से सटे खरक, चाणचक, बिंडुखडग़ व मंडावर आदि गांव से स्थानीय शुगर मिलों में गन्ना सप्लाई किया जा रहा है।
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भुगतान को लेकर मिल व क्लब के बीच वार्ता
झबरेड़ा। बकाया गन्ना भुगतान वादे के मुताबिक आधा होने पर मिल प्रबंधन व भारतीय किसान क्लब के बीच वार्ता हुई। मिल प्रबंधन ने बैंकों की छुट्टी होने का हवाला दिया। गौरतलब है कि इकबालपुर शुगर मिल ने विगत सोमवार को दस करोड़ का बकाया 25 फरवरी तक देने का वादा किया था। मिल ने विगत बुधवार को पांच करोड़ की धनराशि गन्ना समिति को भेज दी थी। जबकि वादे के मुताबिक शेष पांच करोड़ की राशि जारी नहीं की थी। इस बाबत शनिवार को मिल प्रबंधन और क्लब के बीच वार्ता हुई। जिसमें मिल के गन्ना प्रबंधक रविंद्र गोयल, चंद्रदीप सिंह ने बताया कि बैंकों की छुट्टी के कारण भुगतान की आधी राशि रुक गई है। बैंक खुलते ही बकाया भुगतान भेज दिया जाएगा।
अवैध रूप से सामान बिक्री कर रहे 11 वेंडर
दिल्ली से आई आरपीएफ की विजीलेंस टीम ने लक्सर रेलवे स्टेशन पर अवैध रूप से सामान की बिक्री कर रहे 11 वेंडर पकड़े हैं। इनके खिलाफ आरपीएफ में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बताया गया है कि आरपीएफ की विजिलेंस की टीम को लंबे समय से लक्सर रेलवे स्टेशन पर अवैध रूप से सामान की बिक्री कर रहे वेंडरों के खिलाफ शिकायत मिल रही थी।