{"_id":"6a3ad189a3a60e55070750ca","slug":"online-doctors-prescription-costs-additional-director-dear-loses-lakh-roorkee-news-c-5-1-drn1027-1002488-2026-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Roorkee News: अपर निदेशक को महंगा पड़ा डॉक्टर का ऑनलाइन पर्चा, 4.37 लाख गंवाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Roorkee News: अपर निदेशक को महंगा पड़ा डॉक्टर का ऑनलाइन पर्चा, 4.37 लाख गंवाए
विज्ञापन
डॉक्टर का ऑनलाइन पर्चा बनवाने के लिए साइबर ठगों के झांसे में आए एक विभाग के अपर निदेशक 4.37 लाख रुपये की रकम गंवा बैठे। दरअसल, अपर निदेशक ने गूगल पर दिए गए हॉस्पिटल के नंबर पर बात की लेकिन यह नंबर साइबर ठग का था। उन्होंने ऑनलाइन फीस जमा कराने की बात कहते हुए एक लिंक भेजा। इस पर क्लिक करते ही अपर निदेशक का मोबाइल हैक हो गया।
शहर के एक विभाग में अपर निदेशक के पद पर तैनात अधिकारी ने गंगनहर कोतवाली पहुंचकर प्रभारी मणिभूषण श्रीवास्तव को शिकायतपत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि दांत के इलाज के लिए उन्हें बीएसएम तिराहा स्थित विनय विशाल हॉस्पिटल में जांच करानी थी। इसके लिए उन्होंने 17 जून को गूगल पर हास्पिटल को सर्च किया और दिए गए नंबर पर कॉल की।
उधर से फोन सुनने वाले ने ऑनलाइन फीस जमा कराकर पर्चा बनवाने के लिए कहा और एक लिंक भी भेजा। अपर निदेशक ने बताया कि वे जल्दबाजी में कुछ समझ नहीं पाए और फीस जमा कराने के लिए लिंक पर क्लिक कर दिया। इसके बाद उनका फोन हैक कर लिया गया और 4.37 लाख की रकम उनके खाते से ट्रांसफर कर ली गई।
विज्ञापन
इस दौरान उनके पास कोई ओटीपी भी नहीं आया। उन्होंने आनन-फानन साइबर सेल के टोल फ्री नंबर पर फोन किया और इसके बाद व्हाट्सएप पर शिकायत दर्ज कर खाते को तत्काल बंद करने की मांग की। हालांकि खाते के बंद होने से करीब दो लाख की रकम ट्रांसफर होने से बच गई। मामले में साइबर सेल और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। साथ ही लोगों से किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने और ऑनलाइन भुगतान के दौरान सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
रकम फ्रीज होती इससे पहले ही ठगों ने कर ली ऑनलाइन शॉपिंग
- अपर निदेशक ने पुलिस को बताया कि ट्रांसफर की गई रकम की जांच की गई तो पता चला कि साइबर ठगों ने अपने अकाउंट में आए 4.37 लाख को हाथोंहाथ ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म अमेजान को भेज दिए और सामान की खरीदारी कर ली। बैंक के माध्यम से ठगी गई रकम को फ्रिज कर पाते इससे पहले शातिर ठग उसे खर्च कर चुके थे।
विज्ञापन
शहर के एक विभाग में अपर निदेशक के पद पर तैनात अधिकारी ने गंगनहर कोतवाली पहुंचकर प्रभारी मणिभूषण श्रीवास्तव को शिकायतपत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि दांत के इलाज के लिए उन्हें बीएसएम तिराहा स्थित विनय विशाल हॉस्पिटल में जांच करानी थी। इसके लिए उन्होंने 17 जून को गूगल पर हास्पिटल को सर्च किया और दिए गए नंबर पर कॉल की।
विज्ञापन
उधर से फोन सुनने वाले ने ऑनलाइन फीस जमा कराकर पर्चा बनवाने के लिए कहा और एक लिंक भी भेजा। अपर निदेशक ने बताया कि वे जल्दबाजी में कुछ समझ नहीं पाए और फीस जमा कराने के लिए लिंक पर क्लिक कर दिया। इसके बाद उनका फोन हैक कर लिया गया और 4.37 लाख की रकम उनके खाते से ट्रांसफर कर ली गई।
विज्ञापन
इस दौरान उनके पास कोई ओटीपी भी नहीं आया। उन्होंने आनन-फानन साइबर सेल के टोल फ्री नंबर पर फोन किया और इसके बाद व्हाट्सएप पर शिकायत दर्ज कर खाते को तत्काल बंद करने की मांग की। हालांकि खाते के बंद होने से करीब दो लाख की रकम ट्रांसफर होने से बच गई। मामले में साइबर सेल और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। साथ ही लोगों से किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने और ऑनलाइन भुगतान के दौरान सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
रकम फ्रीज होती इससे पहले ही ठगों ने कर ली ऑनलाइन शॉपिंग
- अपर निदेशक ने पुलिस को बताया कि ट्रांसफर की गई रकम की जांच की गई तो पता चला कि साइबर ठगों ने अपने अकाउंट में आए 4.37 लाख को हाथोंहाथ ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म अमेजान को भेज दिए और सामान की खरीदारी कर ली। बैंक के माध्यम से ठगी गई रकम को फ्रिज कर पाते इससे पहले शातिर ठग उसे खर्च कर चुके थे।