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भारद्वाज के नाम से हो लंढौरा-लक्सर मार्ग का नामकरण
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित विश्वनाथ भारद्वाज की पुण्यतिथि पर क्षेत्रवासियों ने लंढौरा-लक्सर मार्ग का नाम उनके नाम से किए जाने की मांग की है। साथ ही नगर पंचायत परिसर में उनकी प्रतिमा लगाए जाने की मांग भी उठाई।
रविवार को पंडित विश्वनाथ भारद्वाज स्वतंत्रता सेनानी परोपकारी मंच की ओर से पंडित विश्वनाथ भारद्वाज की पुण्यतिथि पर नगर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। सर्वप्रथम पदाधिकारियों ने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके जीवन परिचय पर प्रकाश डाला। बताया कि उनका का जन्म 15 मार्च 1913 को किसान परिवार में लंढौरा में हुआ था। वह आजादी की लड़ाई में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन में कूद पड़े। आजादी के बाद स्वतंत्रता के 25 वर्ष पूर्ण होने पर भारत सरकार ने भारद्वाज को ताम्रपत्र से सम्मानित किया। बाद में बीमारी के चलते उनका तीन जुलाई 1999 को निधन हो गया। पंडित भारद्वाज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मंच के अध्यक्ष नीरज शर्मा और ब्राह्मण चेतना सभा के अध्यक्ष विपिन शर्मा ने मांग उठाई कि लंढौरा-लक्सर मार्ग का नामकरण उनके नाम से किया जाए। साथ ही उनके पैत्रिक गांव की नगर पंचायत परिसर में उनकी प्रतिमा लगाई जाए ताकि नई पीढ़ी को प्रेरणा एवं मार्गदर्शन मिल सके। श्रद्धांजलि सभा में विपिन शर्मा, योगेश शर्मा, अनिल शर्मा, राममनोहर, विजय दत्त, मनीष शर्मा, सुशील शर्मा, मुकेश शर्मा और विजय दत्त शर्मा आदि मौजूद रहे।
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रविवार को पंडित विश्वनाथ भारद्वाज स्वतंत्रता सेनानी परोपकारी मंच की ओर से पंडित विश्वनाथ भारद्वाज की पुण्यतिथि पर नगर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। सर्वप्रथम पदाधिकारियों ने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके जीवन परिचय पर प्रकाश डाला। बताया कि उनका का जन्म 15 मार्च 1913 को किसान परिवार में लंढौरा में हुआ था। वह आजादी की लड़ाई में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन में कूद पड़े। आजादी के बाद स्वतंत्रता के 25 वर्ष पूर्ण होने पर भारत सरकार ने भारद्वाज को ताम्रपत्र से सम्मानित किया। बाद में बीमारी के चलते उनका तीन जुलाई 1999 को निधन हो गया। पंडित भारद्वाज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मंच के अध्यक्ष नीरज शर्मा और ब्राह्मण चेतना सभा के अध्यक्ष विपिन शर्मा ने मांग उठाई कि लंढौरा-लक्सर मार्ग का नामकरण उनके नाम से किया जाए। साथ ही उनके पैत्रिक गांव की नगर पंचायत परिसर में उनकी प्रतिमा लगाई जाए ताकि नई पीढ़ी को प्रेरणा एवं मार्गदर्शन मिल सके। श्रद्धांजलि सभा में विपिन शर्मा, योगेश शर्मा, अनिल शर्मा, राममनोहर, विजय दत्त, मनीष शर्मा, सुशील शर्मा, मुकेश शर्मा और विजय दत्त शर्मा आदि मौजूद रहे।
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