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मिशन सहयोग ने दिलाई बच्चों को टाटपट्टी से मुक्ति
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रुड़की। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की ओर से चलाए जा रहे मिशन सहयोग ने 145 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों केे छात्र-छात्राओं को टाट-पट्टी से मुक्ति दिलाई है। इन स्कूलों को निजी कंपनियों व निजी स्कूलों के सहयोग से फर्नीचर उपलब्ध कराया गया है ताकि सरकारी स्कूलों की सूरत बदलते हुए बच्चों को सर्दी के मौसम में ठंडे फर्श पर न बैठना पड़े।
वैसे तो वर्ष 2017 में तात्कालिक जेएम मयूर दीक्षित ने इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसमें निजी कंपनियों से सरकारी स्कूलों की मदद करने का आह्वान किया गया था, लेकिन मयूर दीक्षित के नेतृत्व में यह कार्यक्रम काफी आगे नहीं बढ़ पाया। उनके स्थानांतरण के बाद जेएम नितिका खंडेलवाल ने पद संभाला और इस कार्यक्रम को मिशन सहयोग का नाम दिया। वहीं निजी कंपनियों, प्राइवेट स्कूलों व अन्य संस्थाओं से स्कूलों की मदद का आह्वान किया। पतंजलि योगपीठ, आईआईटी रुड़की, टाइटन कंपनी, अंबुजा सीमेंट, अल्ट्रा सीमेंट व शहर के कई निजी स्कूलों ने सरकारी स्कूलों को फर्नीचर उपलब्ध कराया है। रुड़की तहसील के रुड़की ब्लॉक में 85 स्कूलों को फर्नीचर उपलब्ध कराया जा चुका है। इस ब्लॉक के सभी प्राथमिक विद्यालयों के पास फर्नीचर है। मात्र पांच उच्च प्राथमिक स्कूलों के पास फर्नीचर उपलब्ध नहीं है। नारसन में 45 स्कूलों को मिशन सहयोग के तहत फर्नीचर उपलब्ध कराया गया है। इस ब्लॉक के सभी प्राथमिक विद्यालयों के पास फर्नीचर है। सिर्फ 10 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के पास फर्नीचर उपलब्ध नहीं है। इन स्कूलों को भी फर्नीचर उपलब्ध कराने के प्रयास चल रहे हैं।
आवासीय विद्यालयों को कराए गए कंप्यूटर भी उपलब्ध
स्कूलों को फर्नीचर उपलब्ध कराने के बाद अब जेएम का रुख कंप्यूटर उपलब्ध कराने की ओर है। जेएम ने कंपनियों से रुड़की तहसील के दोनों कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों को कंप्यूटर उपलब्ध कराए हैं। इससे इन विद्यालयों के बच्चे कंप्यूटर का ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं।
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वैसे तो वर्ष 2017 में तात्कालिक जेएम मयूर दीक्षित ने इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसमें निजी कंपनियों से सरकारी स्कूलों की मदद करने का आह्वान किया गया था, लेकिन मयूर दीक्षित के नेतृत्व में यह कार्यक्रम काफी आगे नहीं बढ़ पाया। उनके स्थानांतरण के बाद जेएम नितिका खंडेलवाल ने पद संभाला और इस कार्यक्रम को मिशन सहयोग का नाम दिया। वहीं निजी कंपनियों, प्राइवेट स्कूलों व अन्य संस्थाओं से स्कूलों की मदद का आह्वान किया। पतंजलि योगपीठ, आईआईटी रुड़की, टाइटन कंपनी, अंबुजा सीमेंट, अल्ट्रा सीमेंट व शहर के कई निजी स्कूलों ने सरकारी स्कूलों को फर्नीचर उपलब्ध कराया है। रुड़की तहसील के रुड़की ब्लॉक में 85 स्कूलों को फर्नीचर उपलब्ध कराया जा चुका है। इस ब्लॉक के सभी प्राथमिक विद्यालयों के पास फर्नीचर है। मात्र पांच उच्च प्राथमिक स्कूलों के पास फर्नीचर उपलब्ध नहीं है। नारसन में 45 स्कूलों को मिशन सहयोग के तहत फर्नीचर उपलब्ध कराया गया है। इस ब्लॉक के सभी प्राथमिक विद्यालयों के पास फर्नीचर है। सिर्फ 10 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के पास फर्नीचर उपलब्ध नहीं है। इन स्कूलों को भी फर्नीचर उपलब्ध कराने के प्रयास चल रहे हैं।
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आवासीय विद्यालयों को कराए गए कंप्यूटर भी उपलब्ध
स्कूलों को फर्नीचर उपलब्ध कराने के बाद अब जेएम का रुख कंप्यूटर उपलब्ध कराने की ओर है। जेएम ने कंपनियों से रुड़की तहसील के दोनों कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों को कंप्यूटर उपलब्ध कराए हैं। इससे इन विद्यालयों के बच्चे कंप्यूटर का ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं।
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