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मायावती की ‘माया’ पर टिकी सबकी नजर

Wed, 08 Feb 2017 09:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की Updated Wed, 08 Feb 2017 09:05 PM IST
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मायावती की नौ फरवरी को लक्सर में होने वाली चुनावी जनसभा पर अन्य दलों और प्रत्याशियों की नजर टिकी है। जनसभा के माध्यम से जहां मायावती दलित वोटों को सहेजने का काम करेंगी। वहीं उत्तराखंड में बसपा के कम होते जनाधार को भी बल प्रदान करेंगी। संभावना जताई जा रही है कि मायावती की जनसभा के बाद एकबार फिर हरिद्वार जिले में नए सियासी समीकरण बनेंगे। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस सहित अन्य प्रत्याशियों की नजर मायावती की माया पर टिकी है।
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हरिद्वार जिला बसपा का गढ़ माना जाता है, लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव के बाद से मजबूत सीटों पर भी बसपा को काफी नुकसान हो गया था। जिससे बसपा का कैडर वोट माने जाने वाला दलित भी बिखरा है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि ढाई साल बाद होने जा रही मायावती की रैली में उनकी ओर से दिए जाने वाला भाषण वोट को एकजुट करने का काम करेगा। पृथक राज्य के बाद से हरिद्वार जिला बसपा का किला रहा है। यहां पहले चुनाव में ही भाजपा-कांग्रेस को मात देते हुए पार्टी ने सर्वाधिक सीटें निकाल कर सभी को चौंका दिया था। इसके बाद हुए जिला पंचायत के चुनाव में भी पार्टी का दबदबा रहा, हालांकि बाद में यह ग्राफ लगातार गिरता चला गया था, लेकिन वर्ष 2014 में हुए लोकसभा के चुनाव में तो मोदी लहर में मायावती का यह चुनावी किला ध्वस्त ही हो गया था।
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बसपा की सिटिंग सीटों भगवानपुर, झबरेड़ा, मंगलौर सीटों पर भी पार्टी बुरी तरह हार गई थी, जबकि अन्य सीटों पर तो बसपा काफी डाउन ही हो गई थी, वहीं मोदी लहर के चलते बसपा की सीटों पर भाजपा का वोट ग्राफ काफी बढ़ा गया था, जिससे यहां से पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भारी मतों से जीत गए गए थे, जबकि बसपा के हाजी इस्लाम तीसरे नंबर पर आए थे। इसके बाद से ही मायावती की कोई रैली नहीं होने से बसपा का यह वोट इधर-उधर भटक रहा है। इसमें विधानसभा चुनाव में भाजपा एवं कांग्रेस सेंधमारी करने के हर हथकंडे अपना रहे हैं।  देखना होगा कि मायावती की माया का जनता पर कितना प्रभाव पड़ता है और चुनावी सभा से बसपा को कितना लाभ होता है। जनसभा में लक्सर सहित अन्य विधान सभाओं के भी प्रत्याशी पहुंचेंगे।     
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प्रत्याशियों पर रहेगी भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी       
बृहस्पतिवार को लक्सर में होने जा रही रैली में भीड़ जुटाने के लिए प्रत्याशियों पर जिम्मेदारी रहेगी, क्योंकि फिलहाल टिकटों के वितरण के बाद दावेदारों की संख्या तो है ही नहीं, जो वह भीड़ जुटाकर टिकट पक्का करें, इसलिए वह भीड़ जुटाने के लिए टेंशन नहीं लेंगे। इसलिए भीड़ जुटाने की कसरत प्रत्याशियों को ही करनी पड़ रही है।

रैली तय करेगी माया की लोकप्रियता       
लक्सर में होने वाली मायावती की रैली में पहुंची भीड़ से बहनजी की लोकप्रियता भी तय हो जाएगी।  कई बड़े नेता पार्टी छोड़कर चले गए हैं, जिससे कहीं न कहीं पार्टी का स्तर गिरा है, लेकिन वास्तव में मायावती की लोकप्रियता आज भी हरिद्वार जिले में कितनी है, इसका पता लक्सर में होने वाली रैली की भीड़ से तय हो जाएगा।       


माया के भाषण से होगी दिशा-दशा तय       
 चुनावी मुद्दों को लेकर लक्सर में होने वाले मायावती के भाषण से बसपा की दिशा एवं दशा भी तय हो जाएगी। मायावती का एक-एक शब्द प्रदेश की राजनीति में अनेक मायने रखने का काम करेगा। इसलिए मायावती के भाषण पर जहां प्रदेश बसपा के नेताओं की नजर रहेगी। वहीं भाजपा और कांग्रेस के नेता भी मायावती के भाषण की समीक्षा करेंगे।      
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