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प्रेमिका से छेड़छाड़ पर काटा था गला
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Fri, 09 Sep 2016 10:28 PM IST
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वारदात का खुलासा करती पुलिस
- फोटो : amarujala
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पिरान कलियर में बाजूहेड़ी गांव के जंगल में युवक का गला रेतकर हत्या के प्रयास की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। आरोपी ने प्रेमिका से छेड़छाड़ से परेशान होकर इस घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पिरान कलियर थाने में घटना का खुलासा करते हुए एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि बहादराबाद के दौलतपुर गांव निवासी प्रवीण गिरी का 27 जुलाई को बाजूहेड़ी के समीप स्थित आम के बाग में किसी ने गला रेत दिया था। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। चिकित्सकों के प्रयास से उसकी जान बच गई थी। घटना के बाद से ही पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। दो माह की पड़ताल के बाद पुलिस ने आरोपी विकास कश्यप पुत्र नानू सिंह निवासी हनुमान चौक, मुजफ्फरनगर को धनौरी के समीप से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया उसने ही प्रवीण गिरी का गला रेतकर हत्या का प्रयास किया था। इसकी वजह उसने प्रवीण का उसकी प्रेमिका से छेड़छाड़ करना बताया। इसलिए उसने प्रवीण की हत्या के लिए पूरी योजना बनाई। हालांकि वह बच गया। उसकी प्रेमिका ने ही उसे बताया था कि प्रवीण बच गया है। शुक्रवार को वह मेहवड़ पुल के समीप अपनी प्रेमिका से मिलने आया था। उसी दौरान पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
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एक शादी में हुई थी विकास मुलाकात
नंवबर 2015 में मुजफ्फरनगर में एक शादी में विकास की मुलाकात बहादराबाद के एक गांव की निवासी युवती से हुई थी। इसके बाद उनकी दोस्ती हो गई थी दोनों की मोबाइल पर बात होने लगी। दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई और उन्होंने शादी का फैसला किया। 27 फरवरी को विकास कार से कलियर आया। यहां पर उसने एक लॉज में कमरा लिया। उसकी प्रेमिका भी वहां आ गई। मोबाइल पर फेरों की मंत्र चलाकर शादी की। दो-तीन घंटे के बाद उसकी प्रेमिका अपने गांव चली गई और वह भी मुजफ्फरनगर चला गया। इस शादी के बाद वह एक दूसरे को पति पत्नी मानने लगे थे। लेकिन परिजनों को जानकारी देने के लिए सही समय का इंतजार कर रहे थे।
23 मार्च को प्रवीण ने की थी छेड़छाड़
आरोपी विकास ने बताया कि 23 मार्च को जब उसकी प्रेमिका इंटर अंग्रेजी का पेपर देकर लौट रही थी तो प्रवीण गिरी ने उससे छेड़छाड़ की। यहां तक की उसको थप्पड़ भी मारे। प्रेमिका ने यह बात उसे बताई थी। कुछ दिन बाद फिर से प्रवीण ने प्रेमिका के साथ यही हरकत की। उसकी प्रेमिका ने जब यह बात बताई तो उसने प्रवीण गिरी को ठिकाने लगाने का निर्णय कर लिया था। जिसके चलते वह 18 जुलाई को एक दोस्त के साथ रुड़की आया और किसी के फोन से उसने प्रवीण से बात की। विकास ने प्रवीण को बताया कि वह उसके कष्ट दूर कर सकता है। प्रवीण गिरी थोड़ा अंधविश्वासी था। इसलिए वह उसकी बातों में आ गया। उसने प्रवीण से कहा था कि वह कांवड़ के दौरान आएगा। उस समय वह उपाय करेगा।
कांवडिये के भेष में आया था विकास
आरोपी विकास ने बताया कि वह घर से 25 जुलाई को कांवड़ लेकर चला था। ऋषिकेश और हरिद्वार होकर वह बाजूहेड़ी पहुंचा। 27 जुलाई को उसने एक कांवड़िये के फोन से प्रवीण को फोन कर बुलाया। उपाय के लिए उससे सिंदूर, लाल कपड़ा और नींबूू आदि मंगवा लिया। इसके बाद उसे समीप ही आम के बाग में ले गया। जहां उसने उपाय के बहाने प्रवीण को बैठा लिया और उसकी आंखें बंद करा दी। इसके बाद चाकू से उसका गला रेतने के बाद वह भाग गया। उसकी प्रेमिका ने उसे फोन करके बताया कि प्रवीण मरा नहीं है। वह बच गया। तब से वह बेहद परेशान हो गया था। वह लगातार अपनी प्रेमिका से बात करता रहा और मामले में पुलिस क्या रही है इसके बारे में जानकारी लेता रहा।
त्रिकोणीय प्रेम कहानी बनी घटना की वजह
प्रवीण का गला रेतकर हत्या का प्रयास की इस घटना के पीछे त्रिकोणीय प्रेम कहानी रही। प्रवीण और विकास एक ही युवती को चाहते थे, लेकिन युवती विकास को चाहती थी। इस पर प्रवीण उससे मारपीट करता था।
पुलिस की मानें तो विकास से पहले प्रवीण से युवती की अच्छी दोस्ती थी। नवंबर 2015 में जब विकास से उसकी मुलाकात हुई तो वह प्रवीण से कटने लगी। इस बात से प्रवीण परेशान था। प्रवीण ने युवती से मारपीट भी की। प्रवीण की हरकतों से युवती परेशान हो गई थी। हालांकि प्रवीण जान चुका था कि युवती किसी और को चाहती है। इस त्रिकोणीय प्रेम कहानी में प्रवीण गिरी अलग थलग हो गया था। इसी वजह से वह युवती को परेशान करता था। प्रवीण की हरकतों को देखते हुए विकास ने उसे ठिकाने लगाने निर्णय लिया था।
शातिर ढंग से दिया घटना को अंजाम
कलियर थानाध्यक्ष रमेश सिंह तंवर ने बताया कि विकास ने पूरी घटना को बेहद होशियारी अंजाम दिया। उसने प्रवीण को अंजान व्यक्ति के नंबर से फोन किया। पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने घटना स्थल पर सिंदूर, नींबू, लाल कपड़ा आदि रखकर यह दिखाने प्रयास किया कि मामला तंत्र मंत्र से जुड़ा लगे।
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पिरान कलियर थाने में घटना का खुलासा करते हुए एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि बहादराबाद के दौलतपुर गांव निवासी प्रवीण गिरी का 27 जुलाई को बाजूहेड़ी के समीप स्थित आम के बाग में किसी ने गला रेत दिया था। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। चिकित्सकों के प्रयास से उसकी जान बच गई थी। घटना के बाद से ही पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। दो माह की पड़ताल के बाद पुलिस ने आरोपी विकास कश्यप पुत्र नानू सिंह निवासी हनुमान चौक, मुजफ्फरनगर को धनौरी के समीप से गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया उसने ही प्रवीण गिरी का गला रेतकर हत्या का प्रयास किया था। इसकी वजह उसने प्रवीण का उसकी प्रेमिका से छेड़छाड़ करना बताया। इसलिए उसने प्रवीण की हत्या के लिए पूरी योजना बनाई। हालांकि वह बच गया। उसकी प्रेमिका ने ही उसे बताया था कि प्रवीण बच गया है। शुक्रवार को वह मेहवड़ पुल के समीप अपनी प्रेमिका से मिलने आया था। उसी दौरान पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
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एक शादी में हुई थी विकास मुलाकात
नंवबर 2015 में मुजफ्फरनगर में एक शादी में विकास की मुलाकात बहादराबाद के एक गांव की निवासी युवती से हुई थी। इसके बाद उनकी दोस्ती हो गई थी दोनों की मोबाइल पर बात होने लगी। दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई और उन्होंने शादी का फैसला किया। 27 फरवरी को विकास कार से कलियर आया। यहां पर उसने एक लॉज में कमरा लिया। उसकी प्रेमिका भी वहां आ गई। मोबाइल पर फेरों की मंत्र चलाकर शादी की। दो-तीन घंटे के बाद उसकी प्रेमिका अपने गांव चली गई और वह भी मुजफ्फरनगर चला गया। इस शादी के बाद वह एक दूसरे को पति पत्नी मानने लगे थे। लेकिन परिजनों को जानकारी देने के लिए सही समय का इंतजार कर रहे थे।
23 मार्च को प्रवीण ने की थी छेड़छाड़
आरोपी विकास ने बताया कि 23 मार्च को जब उसकी प्रेमिका इंटर अंग्रेजी का पेपर देकर लौट रही थी तो प्रवीण गिरी ने उससे छेड़छाड़ की। यहां तक की उसको थप्पड़ भी मारे। प्रेमिका ने यह बात उसे बताई थी। कुछ दिन बाद फिर से प्रवीण ने प्रेमिका के साथ यही हरकत की। उसकी प्रेमिका ने जब यह बात बताई तो उसने प्रवीण गिरी को ठिकाने लगाने का निर्णय कर लिया था। जिसके चलते वह 18 जुलाई को एक दोस्त के साथ रुड़की आया और किसी के फोन से उसने प्रवीण से बात की। विकास ने प्रवीण को बताया कि वह उसके कष्ट दूर कर सकता है। प्रवीण गिरी थोड़ा अंधविश्वासी था। इसलिए वह उसकी बातों में आ गया। उसने प्रवीण से कहा था कि वह कांवड़ के दौरान आएगा। उस समय वह उपाय करेगा।
कांवडिये के भेष में आया था विकास
आरोपी विकास ने बताया कि वह घर से 25 जुलाई को कांवड़ लेकर चला था। ऋषिकेश और हरिद्वार होकर वह बाजूहेड़ी पहुंचा। 27 जुलाई को उसने एक कांवड़िये के फोन से प्रवीण को फोन कर बुलाया। उपाय के लिए उससे सिंदूर, लाल कपड़ा और नींबूू आदि मंगवा लिया। इसके बाद उसे समीप ही आम के बाग में ले गया। जहां उसने उपाय के बहाने प्रवीण को बैठा लिया और उसकी आंखें बंद करा दी। इसके बाद चाकू से उसका गला रेतने के बाद वह भाग गया। उसकी प्रेमिका ने उसे फोन करके बताया कि प्रवीण मरा नहीं है। वह बच गया। तब से वह बेहद परेशान हो गया था। वह लगातार अपनी प्रेमिका से बात करता रहा और मामले में पुलिस क्या रही है इसके बारे में जानकारी लेता रहा।
त्रिकोणीय प्रेम कहानी बनी घटना की वजह
प्रवीण का गला रेतकर हत्या का प्रयास की इस घटना के पीछे त्रिकोणीय प्रेम कहानी रही। प्रवीण और विकास एक ही युवती को चाहते थे, लेकिन युवती विकास को चाहती थी। इस पर प्रवीण उससे मारपीट करता था।
पुलिस की मानें तो विकास से पहले प्रवीण से युवती की अच्छी दोस्ती थी। नवंबर 2015 में जब विकास से उसकी मुलाकात हुई तो वह प्रवीण से कटने लगी। इस बात से प्रवीण परेशान था। प्रवीण ने युवती से मारपीट भी की। प्रवीण की हरकतों से युवती परेशान हो गई थी। हालांकि प्रवीण जान चुका था कि युवती किसी और को चाहती है। इस त्रिकोणीय प्रेम कहानी में प्रवीण गिरी अलग थलग हो गया था। इसी वजह से वह युवती को परेशान करता था। प्रवीण की हरकतों को देखते हुए विकास ने उसे ठिकाने लगाने निर्णय लिया था।
शातिर ढंग से दिया घटना को अंजाम
कलियर थानाध्यक्ष रमेश सिंह तंवर ने बताया कि विकास ने पूरी घटना को बेहद होशियारी अंजाम दिया। उसने प्रवीण को अंजान व्यक्ति के नंबर से फोन किया। पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने घटना स्थल पर सिंदूर, नींबू, लाल कपड़ा आदि रखकर यह दिखाने प्रयास किया कि मामला तंत्र मंत्र से जुड़ा लगे।