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घुटने के दर्द से बचना है तो करें साइकिलिंग
ब्यूूराो/ अमर उजाला रुड़की
Updated Wed, 03 Aug 2016 11:59 PM IST
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रुड़की। अगर आपको घुटनों के दर्द से बचना है तो नियमित व्यायाम शुरू कर दें। कारण कि 45 वर्ष के बाद का हर तीसरा आदमी घुटनों और जोड़ों के दर्द से परेशान रहता है। हड्डी रोग विशेषज्ञ के अनुसार घुटनों के दर्द से बचाव के लिए साइकिलिंग सबसे अच्छी एक्सरसाइज है। इसके अलावा नियमित व्यायाम से भी हड्डी और जोड़ों के दर्द से बचाव किया जा सकता है।
चिकित्सकों के अनुसार 45 वर्ष के बाद हमारे शरीर की हड्डियां कमजोर पड़ने लगती हैं। इस कारण हड्डी और जोड़ों में दर्द की समस्या आम हो चुकी है। इसमें सबसे अधिक समस्या घुटनों के दर्द की आती है, जिससे हर तीसरा आदमी परेशान है। खासतौर से महिलाओं में घुटनों के दर्द की समस्या अधिक होती है। इसके लिए बाजार में तरह-तरह की दवाएं और तेल उपलब्ध हैं, जिस पर परेशान लोग हजारों रुपये खर्च करते हैं। इसके बावजूद समस्या से निजात नहीं मिलती है।
शहर के वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. नवीन अग्रोही का कहना है कि 45 वर्ष के बाद अधिकतर लोगों में जोड़ों और घुटनों के दर्द की समस्या सामने आती है। उन्होंने बताया कि अगर पहले से ही हम नियमित व्यायाम करें तो जोड़ों के दर्द से बचाव किया जा सकता है। खासतौर से घुटनों के दर्द के लिए साइकिलिंग सबसे अच्छी एक्सरसाइज है। यही कारण है कि अधिकांश चिकित्सक भी आज साइकिलिंग करते नजर आते हैं। उन्होंने बताया कि दर्द में दवाओं से क्षणिक आराम तो मिल सकता है, लेकिन घुटनों के दर्द के लिए साइकिलिंग रामबाण साबित हो सकता है। अगर व्यक्ति पहले से ही साइकिलिंग करता है तो उसे घुटनों के दर्द की समस्या नहीं होगी। समस्या सामने आने के बाद भी चिकित्सक ऐसे मरीजों को साइकिलिंग की सलाह देते हैं।
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जरूरतमंदों के निशुल्क आपरेशन
इंडियन आर्थोपेडिक एसोसिएशन की सेंट्रल कमेटी ने बोन एंड ज्वाइंट-डे के उपलक्ष्य में तीन दिनों तक हड्डी रोग विशेषज्ञों से जरूरतमंदों के निशुल्क आपरेशन का आह्वान किया है। इसके तहत रुड़की सहित अन्य स्थानों पर तीन से पांच अगस्त के बीच जरूरतमंदों के निशुल्क आपरेशन किए जा रहे हैं।
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चिकित्सकों के अनुसार 45 वर्ष के बाद हमारे शरीर की हड्डियां कमजोर पड़ने लगती हैं। इस कारण हड्डी और जोड़ों में दर्द की समस्या आम हो चुकी है। इसमें सबसे अधिक समस्या घुटनों के दर्द की आती है, जिससे हर तीसरा आदमी परेशान है। खासतौर से महिलाओं में घुटनों के दर्द की समस्या अधिक होती है। इसके लिए बाजार में तरह-तरह की दवाएं और तेल उपलब्ध हैं, जिस पर परेशान लोग हजारों रुपये खर्च करते हैं। इसके बावजूद समस्या से निजात नहीं मिलती है।
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शहर के वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. नवीन अग्रोही का कहना है कि 45 वर्ष के बाद अधिकतर लोगों में जोड़ों और घुटनों के दर्द की समस्या सामने आती है। उन्होंने बताया कि अगर पहले से ही हम नियमित व्यायाम करें तो जोड़ों के दर्द से बचाव किया जा सकता है। खासतौर से घुटनों के दर्द के लिए साइकिलिंग सबसे अच्छी एक्सरसाइज है। यही कारण है कि अधिकांश चिकित्सक भी आज साइकिलिंग करते नजर आते हैं। उन्होंने बताया कि दर्द में दवाओं से क्षणिक आराम तो मिल सकता है, लेकिन घुटनों के दर्द के लिए साइकिलिंग रामबाण साबित हो सकता है। अगर व्यक्ति पहले से ही साइकिलिंग करता है तो उसे घुटनों के दर्द की समस्या नहीं होगी। समस्या सामने आने के बाद भी चिकित्सक ऐसे मरीजों को साइकिलिंग की सलाह देते हैं।
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जरूरतमंदों के निशुल्क आपरेशन
इंडियन आर्थोपेडिक एसोसिएशन की सेंट्रल कमेटी ने बोन एंड ज्वाइंट-डे के उपलक्ष्य में तीन दिनों तक हड्डी रोग विशेषज्ञों से जरूरतमंदों के निशुल्क आपरेशन का आह्वान किया है। इसके तहत रुड़की सहित अन्य स्थानों पर तीन से पांच अगस्त के बीच जरूरतमंदों के निशुल्क आपरेशन किए जा रहे हैं।