सचिव के आदेश पर जेएम और सीएमओ शुरू की जांच

Dehradun Bureauदेहरादून ब्यूरो Updated Thu, 08 Aug 2019 12:00 AM IST
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रुड़की सिविल अस्पताल में निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सचिव से सीएमएस की शिकायत करती महिला।
रुड़की सिविल अस्पताल में निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सचिव से सीएमएस की शिकायत करती महिला। - फोटो : ROORKEE

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सिविल अस्पताल में निरीक्षण करने पहुंचे स्वास्थ्य सचिव नितेश कुमार झा के सामने सेवानिवृत्त अस्पताल कर्मचारियों ने एक साल से पेंशन न मिलने की शिकायत रखी। वहीं, अस्पताल में तैनात एक महिला कर्मचारी ने सीएमएस पर अभद्रता का भी आरोप लगाया। सचिव ने अस्पताल से निकलने के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल और सीएमओ सरोज नैथानी को तत्काल जांच के आदेश दिए। इसके बाद दोनों अधिकारी अस्पताल पहुंचे और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए।
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बुधवार शाम चार बजे स्वास्थ्य सचिव नितेश झा रुड़की सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं के संबंध में सीएमएस डॉ. डीके चक्रपाणि से जानकारी ली। इस दौरान अस्पताल से सेवानिवृत्त हुए तीन कर्मचारियों योगेंद्र, महिपाल और राजेंद्र ने सचिव के समक्ष पिछले एक साल से पेंशन न मिलने की शिकायत रखी। आरोप लगाया कि जब से सीएमएस डॉ. डीके चक्रपाणि ने अस्पताल का चार्ज संभाला है, तभी से उनकी पेंशन नहीं आ रही है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने सचिव से पेंशन दिलवाने की मांग की। इसी बीच अस्पताल में तैनात एक महिला कर्मचारी ने सीएमएस पर धक्का देकर बाहर करने का आरोप लगाया।
सचिव ने महिला कर्मचारी से जुड़े मामले को देखते हुए सीएमओ को जांच के निर्देश दिए। इससे पूर्व स्वास्थ्य सचिव ने सिविल अस्पताल के आपातकालीन वार्ड, सिटी स्कैन, एक्स-रे रूम, ऑपरेशन कक्ष, जरनल वार्ड, प्लास्टर रूम का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने पुलिस, प्रशासनिक और अस्पताल प्रबंधन के अधिकारियों के साथ बंद कमरे में बैठक ली। साथ ही अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल में ओपीडी के हिसाब से चिकित्सकों और स्टाफ नर्स समेत अन्य कर्मचारियों की जल्द ही तैनाती करने की बात कही। सचिव ने अस्पताल से निकलने के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और सीएमओ को तत्काल जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए। इस पर शाम करीब छह बजे दोनों अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। वहीं, इस मामले में सीएमएस डॉ. डीके चक्रपाणि से उनका पक्ष लेने के लिए दो-तीन बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया।
शराब कांड के पीड़ितों को नहीं मिला न्याय
सिविल अस्पताल में निरीक्षण के दौरान भगवानपुर विधायक ममता राकेश भी मौजूद रहीं। उन्होंने सचिव से कहा कि झबरेड़ा क्षेत्र में शराब कांड में पीड़ितों को अभी तक न्याय नहीं मिला है। पीड़ितों को पेंशन तक नहीं मिली है। साथ ही गांवों में हैंडपंपों से दूषित पानी निकलता है। सचिव ने विधायक को आश्वासन दिया कि सभी मामलों को दिखवाकर सुधार कराया जाएगा।
अस्पताल व्यवस्थाओं को सराहा
झबरेड़ा नगर पंचायत के चेयरमैन मानवेंद्र सिंह ने सचिव को बताया कि वर्तमान में अस्पताल की व्यवस्थाएं पटरी पर हैं। अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार लाने के लिए सीएमएस डॉ.डीके चक्रपाणि की तारीफ की।
स्वास्थ्य सचिव के आदेश पर जांच की जा रही है। आरोप लगाने वाले कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि यदि पेंशन नहीं मिली है तो किस क्लर्क आदि के स्तर पर फाइल रोकी गई है। एक महिला कर्मचारी ने भी धक्के देकर बाहर करने का आरोप लगाया है, उसके भी बयान लिए जाएंगे। मामले की जांच कर रिपोर्ट भेजी जाएगी।
-नितिका खंडेलवाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की
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