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गर्मी के साथ उद्योगों पर बढ़ा बिजली संकट, सरकार के दावे हवा-हवाई
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Sat, 09 Apr 2016 05:24 PM IST
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गर्मी बढने के साथ ही उद्योगों में बिजली संकट गहराने लगा है। स्थिति यह है कि करीब एक सप्ताह से औसतन चार घंटे से ज्यादा उद्योगों की बिजली गुल हो रही है, जबकि उद्योगों को एक अप्रैल से 24 घंटे बिजली देने का वादा किया गया था। लगातार हो रही कटौती से उद्यमियों में आक्रोश पनप रहा है।
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बिजली कटौती की मार झेल रहे उद्योगों के लिए राज्य सरकार ने एक अप्रैल से 24 घंटे आपूर्ति की घोषणा की थी। एक और दो अप्रैल को उद्योगों में इसका असर भी दिखा। नियमित आपूर्ति से उद्योगों में सुधार की भी आस जगी, लेकिन एकबार फिर नतीजा ढाक के तीन पात। तीन अप्रैल से लगातार बिजली कटौती की मार से उद्यमी बेहाल हैं।
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380 इंड्रस्ट्रियों में औसतन चार घंटे से अधिक बिजली कटौती
स्थिति यह है कि भगवानपुर क्षेत्र की 380 इंड्रस्ट्रियों में औसतन चार घंटे से अधिक बिजली कटौती की जा रही है। इससे उद्यमियों में लगातार आक्रोश पनप रहा है।
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भगवानपुर इंड्रस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल कुमार का कहना है कि पिछले छह दिनों से औसतन चार घंटे से अधिक कटौती हो रही है, जिससे इंड्रस्ट्रियों को प्रतिदिन 15 से 16 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार कि ओर से पहले भी 24 घंटे बिजली आपूर्ति की घोषणा की गई थी, लेकिन एकबार फिर दावे हवाई साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही इसमें सुधार नहीं हुआ तो सोमवार को उद्यमियों संग बैठक कर आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
क्या कहते हैं अधिकारी
ऊर्जा निगम ग्रामीण खंड के अधिशासी अभियंता एके मिश्रा भी मानते हैं उद्योगों में करीब चार घंटे की रोस्टिंग चल रही है। उन्होंने कहा कि यह रोस्टिंग ऊपर से ही चल रही है।