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जेलों में मोबाइल पर पाबंदी को बनेगा सख्त कानून, हो सकती है पांच साल की सजा पांच साल की सजा

Wed, 01 Dec 2021 11:02 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 01 Dec 2021 11:02 AM IST
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If mobile is found in jails then five years sentence
जेल में मोबाइल चलाने वाले बंदियों को अब कड़ी सजा देने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जेल नियमावली में बदलाव कर कानून बनाने की तैयारी चल रही है। यूपी और वेस्ट बंगाल में कानून में बदलाव होने के बाद सूबे की जेलों में भी इसे लागू करने के बाबत अध्ययन शुरू कर दिया गया है। मोबाइल चलाने वाले बंदी को पांच साल की सजा होगी। माना जा रहा है कि नए साल में इस कानून को लागू किया जा सकता है।
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जेलों में अधिकारियों के औचक निरीक्षण करने पर बंदियों या उनके बैरकों में मोबाइल बरामद होते हैं। मोबाइल के अलावा अलग से एक से अधिक सिम भी मिलते हैं। जेलों में मोबाइल मिलने पर अधिकारी जेल स्टाफ को शंका की नजर से देखते हैं और उन्हें ही दंडित करते हैं, लेकिन बंदी पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। अब जेल स्टाफ पर कार्रवाई नहीं होगी। दरअसल, जेल में या बैरक में तलाशी के दौरान मोबाइल बरामद होगा तो उस बंदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उसे इसके लिए पांच साल के कठोर कारावास की सजा मिलेगी। इसके लिए बाकायदा जेल मैनुअल में बदलाव कर कानून बनाने की तैयारी की जा रही है। सूबे के जेल अधिकारी इस संबंध में पहले से ही यूपी और वेस्ट बंगाल में बनाए गए इस कानून का अध्यन कर रहे हैं। अगर अध्ययन पर अमल किया गया तो जल्द ही सूबों की जेलों में बंदियों पर मोबाइल चलाने पर लगाम कसती नजर आएगी।
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सिम मिलने पर भी होगी कार्रवाई
जेल में बंदी या बैरक से मोबाइल ही नहीं, बल्कि सिम भी बरामद होता है तो भी उसके खिलाफ कार्रवाई होगी और उसे पांच साल की सजा मिलेगी। इसके लिए बाकायदा सिम की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। उसमें मिले मोबाइल नंबरों के आधार पर बंदी की पहचान की जाएगी।
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जेल से धमकी और रंगदारी पर लगेगी लगाम
सूबे की जेलों में बंद बदमाशों की ओर से जेल में रहकर मोबाइल पर व्यापारियों और डॉक्टरों से रंगदारी मांगने और धमकी देने के कई मामले सामने आ चुके हैं। सजा का कोई प्रावधान न होने पर बदमाशों पर कार्रवाई नहीं हो पाई है। इससे वे लगातार मोबाइल का प्रयोग कर रहे हैं, लेकिन जेल में मोबाइल का प्रयोग करने पर सजा का प्रावधान किए जाने से धमकी और रंगदारी जैसे मामलों में कमी आएगी।

जेलों में मोबाइल मिलना गंभीर अपराध है। अन्य प्रदेशों में इसे लेकर लागू किए जा रहे कानूनों का अध्ययन कराया जा रहा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -पुष्पक ज्योति, आईजी जेल
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