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कैसे करें प्रचार, अभी आरक्षण सूची का है इंतजार
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हरिद्वार जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत ग्राम पंचायतों में आरक्षण सूची जारी नहीं होने से भावी प्रत्याशियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, अब इंतजार की घड़ियां अब समाप्त होने वाली हैं। जिले में आगामी 29 नवंबर को आरक्षण की आनंतिम सूची जारी हो जाएगी। इसके बाद भावी प्रत्याशी प्रचार में जुट जाएंगे।
29 मार्च को ग्राम पंचायतों में कार्यकाल समाप्त होने पर प्रधानों के बस्ते जमा हो गए थे। एडीओ पंचायत को छह महीने के लिए प्रशासक नियुक्त कर दिया गया था। इस बीच विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट के चलते पंचायत चुनाव पीछे हट गए और प्रशासकों का कार्यकाल फिर छह माह के लिए बढ़ा दिया गया। अब यह समय भी खत्म होने वाला है। ऐसे में प्रशासन को हर स्थिति में इससे पहले चुनाव कराना है, लेकिन अभी तक आरक्षण की सूची जारी नहीं हुई है। ऐसे में ग्राम पंचायतों में भावी प्रत्याशियों के सामने असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
आरक्षण तय होने के बाद कई भावी प्रत्याशी चुनावी अखाड़े से बाहर हो जाएंगे और इनके स्थान पर अन्य प्रत्याशी ताल ठोकेंगे। ऐसे में प्रतिदिन ब्लॉक कार्यालय पर ब्लॉक की 45 ग्राम पंचायतों के भावी प्रत्याशी ये पता करने के लिए पहुंच हैं कि परिसीमन की सूची कब तक जारी हो जाएगी। डीपीआरओ रमेश चंद त्रिपाठी ने बताया कि 29 नवंबर को आरक्षण की अनंतिम सूची जारी होने के बाद सूची पर आपत्तियां दर्ज की जाएंगी। आपत्तियों का निस्तारण होने के बाद छह दिसंबर को अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी।
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दो नई ग्राम पंचायतें अस्तित्व में आईं
इस बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले ही दो नई ग्राम पंचायतें अस्तित्व में आ गई हैं। इनमें कवादपुर लौदीवाला और हीराहेड़ी शामिल है। अभी तक इन ग्राम पंचायतों की पहचान मजरे के रूप में होती थी। ग्राम पंचायत बनने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। ग्रामीण इस बात से भी उत्साहित हैं कि वे किसी और ग्राम पंचायत में जाने के बजाय इस बार वे अपने ही गांव में वोट डालेंगे।
रुड़की ब्लॉक में पांच साल पहले 49 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के लिए चुनाव हुआ था। इसके बाद प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने पर वर्षों से इमलीखेड़ा और रामपुर को नगर पंचायत बनाने की कवायद रंग लाई और इन दोनों ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत का दर्जा मिल गया। इमलीखेड़ा के साथ गुम्मावाला माजरी और रांघड़वाला को व रामपुर के साथ सालियर व इब्राहिमपुर ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत में शामिल कर दिया गया। ऐसे में रुड़की ब्लॉक में 43 ग्राम पंचायतें रह गई थीं। इसके बाद बहुत सी ग्राम पंचायतों के मजरों के लोग गांव को ग्राम पंचायत में शामिल करने की मांग करते आ रहे थे। ऐसे में सुल्तानपुर साबतवाली के मजरे कवादपुर लौदीवाला और हीराहेड़ी को ग्राम पंचायत का दर्जा दिया गया है।
दोनों मजरों को ग्राम पंचायत का दर्जा मिलने के बाद रुड़की में 45 ग्राम पंचायतें हो गई हैं। इस घोषणा से ग्रामीणों में खुशी है। ग्रामीणों के अनुसार, अरसे से वे ग्राम पंचायत के दर्जे के लिए संघर्ष कर रहे थे। अब जाकर उन्हें अपना अधिकार मिला है। पहली बार वे अपने गांव के प्रधान के लिए वोट गांव में करेंगे। वहीं, दोनों गांवों के भावी प्रत्याशियों ने भी ग्राम पंचायतों का दर्जा दिलाने का श्रेय लेना शुरू कर दिया है। एडीओ पंचायत बिजेंद्र सैनी ने बताया कि दोनों मजरों को ग्राम पंचायत का दर्जा दिलाने की प्रक्रियाएं पूरी हो गई हैं। इस बार 45 ग्राम पंचायतों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होगा।
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29 मार्च को ग्राम पंचायतों में कार्यकाल समाप्त होने पर प्रधानों के बस्ते जमा हो गए थे। एडीओ पंचायत को छह महीने के लिए प्रशासक नियुक्त कर दिया गया था। इस बीच विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट के चलते पंचायत चुनाव पीछे हट गए और प्रशासकों का कार्यकाल फिर छह माह के लिए बढ़ा दिया गया। अब यह समय भी खत्म होने वाला है। ऐसे में प्रशासन को हर स्थिति में इससे पहले चुनाव कराना है, लेकिन अभी तक आरक्षण की सूची जारी नहीं हुई है। ऐसे में ग्राम पंचायतों में भावी प्रत्याशियों के सामने असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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आरक्षण तय होने के बाद कई भावी प्रत्याशी चुनावी अखाड़े से बाहर हो जाएंगे और इनके स्थान पर अन्य प्रत्याशी ताल ठोकेंगे। ऐसे में प्रतिदिन ब्लॉक कार्यालय पर ब्लॉक की 45 ग्राम पंचायतों के भावी प्रत्याशी ये पता करने के लिए पहुंच हैं कि परिसीमन की सूची कब तक जारी हो जाएगी। डीपीआरओ रमेश चंद त्रिपाठी ने बताया कि 29 नवंबर को आरक्षण की अनंतिम सूची जारी होने के बाद सूची पर आपत्तियां दर्ज की जाएंगी। आपत्तियों का निस्तारण होने के बाद छह दिसंबर को अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी।
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दो नई ग्राम पंचायतें अस्तित्व में आईं
इस बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले ही दो नई ग्राम पंचायतें अस्तित्व में आ गई हैं। इनमें कवादपुर लौदीवाला और हीराहेड़ी शामिल है। अभी तक इन ग्राम पंचायतों की पहचान मजरे के रूप में होती थी। ग्राम पंचायत बनने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। ग्रामीण इस बात से भी उत्साहित हैं कि वे किसी और ग्राम पंचायत में जाने के बजाय इस बार वे अपने ही गांव में वोट डालेंगे।
रुड़की ब्लॉक में पांच साल पहले 49 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के लिए चुनाव हुआ था। इसके बाद प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने पर वर्षों से इमलीखेड़ा और रामपुर को नगर पंचायत बनाने की कवायद रंग लाई और इन दोनों ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत का दर्जा मिल गया। इमलीखेड़ा के साथ गुम्मावाला माजरी और रांघड़वाला को व रामपुर के साथ सालियर व इब्राहिमपुर ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत में शामिल कर दिया गया। ऐसे में रुड़की ब्लॉक में 43 ग्राम पंचायतें रह गई थीं। इसके बाद बहुत सी ग्राम पंचायतों के मजरों के लोग गांव को ग्राम पंचायत में शामिल करने की मांग करते आ रहे थे। ऐसे में सुल्तानपुर साबतवाली के मजरे कवादपुर लौदीवाला और हीराहेड़ी को ग्राम पंचायत का दर्जा दिया गया है।
दोनों मजरों को ग्राम पंचायत का दर्जा मिलने के बाद रुड़की में 45 ग्राम पंचायतें हो गई हैं। इस घोषणा से ग्रामीणों में खुशी है। ग्रामीणों के अनुसार, अरसे से वे ग्राम पंचायत के दर्जे के लिए संघर्ष कर रहे थे। अब जाकर उन्हें अपना अधिकार मिला है। पहली बार वे अपने गांव के प्रधान के लिए वोट गांव में करेंगे। वहीं, दोनों गांवों के भावी प्रत्याशियों ने भी ग्राम पंचायतों का दर्जा दिलाने का श्रेय लेना शुरू कर दिया है। एडीओ पंचायत बिजेंद्र सैनी ने बताया कि दोनों मजरों को ग्राम पंचायत का दर्जा दिलाने की प्रक्रियाएं पूरी हो गई हैं। इस बार 45 ग्राम पंचायतों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होगा।