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Roorkee News: मनी लॉन्ड्रिंग के लिए गुप्ता और उसके बहनोई ने किया करोड़ों रुपये का लेनदेन

Tue, 04 Jun 2024 04:13 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jun 2024 04:13 AM IST
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Gupta and his brother-in-law carried out transactions
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IIसाहनी आत्महत्या प्रकरण : ईडी अधिकारियों ने की एसएसपी से मुलाकात, जुटाया गुप्ता की कंपनियों से लेनदेन का ब्योरा
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Iकरीब 35 से 40 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी आई पुलिस के संज्ञान में
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Iसाहनी आत्महत्या प्रकरण में अब गुप्ता बंधुओं और उनके बहनोई की कुंडलियां धीरे-धीरे खुल रही हैं। बहाना रिहायशी कॉम्प्लेक्स के निर्माण में साझेदारी का था, लेकिन अपने काले धन को सफेद करने में भी गुप्ता ने कमी नहीं छोड़ी। पुलिस जांच में अब तक 35 से 40 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग के लिहाज से लेनदेन की बात सामने आई है। ऐसे में ईडी के अधिकारियों ने भी पुलिस कप्तान से मुलाकात कर इसकी जानकारी जुटाई है।
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Iदरअसल, बाबा साहनी को प्रोजेक्ट में जब किसी निवेशक की जरूरत पड़ी तो उन्होंने अपने परिचित बलजीत सोनी से मुलाकात की। सोनी ने उन्हें गुप्ता बंधुओं के बहनोई अनिल गुप्ता का नाम सुझा दिया। साहनी भी तैयार हो गए। अनिल गुप्ता ने शुरुआत में 25 करोड़ रुपये निवेश किया। लेकिन, धीरे-धीरे अनिल तो परदे के पीछे हो गया और सामने गुप्ता बंधुओं में से एक अजय गुप्ता आ गया। अब जैसे अजय गुप्ता को अपने काले धन को सफेद करने का मौका मिल गया। डील अनिल गुप्ता की कंपनी से साहनी की कंपनी के शेयर के बदले कारोबार की हुई थी, लेकिन अजय गुप्ता अब अपनी कंपनी से लेनदेन करने लगा।
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Iसारी बातें अजय गुप्ता ही करता था। वही साहनी से अपने पैसे वापस करने और उनके पूरे प्रोजेक्ट को अपने नाम कराने को लेकर डराने-धमकाने लगा। पुलिस की जांच जब आगे बढ़ी तो गुप्ता की ये हरकतें भी सामने आने लगीं। पता चला कि डील तो अनिल के साथ हुई थी, लेकिन अजय गुप्ता की एक नहीं पांच कंपनियां इस प्रोजेक्ट में दाएं-बाएं से निवेश करने लगी। सूत्रों के मुताबिक पुलिस को ऐसे 35 से 40 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी मिली है। पुलिस ने रविवार को इन कंपनियों को नोटिस भी जारी किए थे। अब इस जानकारी को जुटाने के लिए ईडी के अधिकारियों ने भी पुलिस कप्तान अजय सिंह से मुलाकात की है। अब देखने वाली बात है कि गुप्ता बंधु और उनके बहनोई ईडी की जांच में फंसते हैं या नहीं। पुलिस ने ईडी को सारी जानकारी उपलब्ध करा दी है।
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Iकहीं इसी बात का तो नहीं था साहनी को डर
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Iअब तक साहनी के सुसाइड नोट के आधार पर कार्रवाई की गई है। हालांकि, साहनी ने गुप्ता के इस खेल का जिक्र अपने सुसाइड नोट में नहीं किया था। लेकिन अब माना जा रहा है कि गुप्ता ने साहनी को इस बारे में बताया होगा कि वे मनी लॉन्ड्रिंग के लिए भी उनकी कंपनी का इस्तेमाल कर रहे हैं। जब साहनी फंसे तो उन्हें लगा होगा कि वह गुप्ता के साथ केंद्रीय एजेंसियों के चंगुल में फंस सकते हैं या गुप्ता ही उन्हें इस तरह के षड्यंत्र में फंसा सकते हैं। इसी कारण से उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया।

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Iआज ईडी के अधिकारियों ने मुलाकात की थी। उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के सारे तथ्य और लेनदेन की जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। पुलिस इस मामले में गंभीरता से जांच कर रही है। - अजय सिंह, एसएसपी देहरादूनI
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