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गंगनहर पटरी पर चलें संभलकर, यहां कदम-कदम पर हैं खतरें

Sun, 03 Jul 2022 08:12 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 03 Jul 2022 08:12 PM IST
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Gangnahar track safe for Kanwariyas to walk
शहर के बीचोंबीच निकल रही गंगनहर की पटरी इस बार कांवड़ियों के चलने के लिए सुरक्षित नजर नहीं आ रही है। मेहवड़ पुल से लेकर आसफनगर झाल तक सुरक्षा के लिए बनाई गई सुरक्षा दीवार और जाली वर्तमान में 100 से ज्यादा जगह से टूट चुकी है। एक जगह तो स्थिति यह है कि दो किलोमीटर तक सुरक्षा जाली का नामोनिशान तक खत्म है। यह स्थिति तब है, जब कांवड़ यात्रा शुरू होने में महज 12 दिन शेष रह गए हैं।
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हर साल कांवड़ यात्रा में प्रशासन का पूरा प्रयास रहता है कि कांवड़िये हाईवे पर चलने के बजाय कांवड़ पटरी पर चलें। हालांकि दो साल कोरोना महामारी के चलते कांवड़ यात्रा नहीं हो पाई थी। इस बार यात्रा कराई जा रही है। वहीं इस बार भी कांवड़िये पटरी से होकर गुजरें, इसके लिए प्रशासन पूरे प्रयास कर रहा है। इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि दो साल बाद यात्रा होने के चलते इस बार कांवड़ियों की भारी भीड़ उमड़ेगी। इसके बावजूद कांवड़ पटरी पर कांवड़ियों की सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। जब कांवड़ पटरी की पड़ताल की गई तो स्थिति का पता चला। दअरसल, कांवड़ पटरी के दोनों ओर सुरक्षा के लिहाज से दीवार और जाली लगाई गई है, लेकिन वर्तमान में मेहवड़ पुल से लेकर आसफनगर झाल तक कांवड़ पटरी पर सुरक्षा जाली 100 से अधिक जगह पर टूटी पड़ी है। जहां पर पटरी किनारे दीवार बनाई गई है, वहां भी दीवार टूटी हुई है। ऐसे में बिना सुरक्षा जाली के कांवड़ पटरी पर कांवड़ियों के साथ कभी भी अनहोनी हो सकती है।
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कुछ जगह गायब हो गई सुरक्षा जाली
कांवड़ पटरी पर अधिकतर जगह ऐसी हैं, जहां पर सुरक्षा जाली टूटी हुई है। कुछ जगह ऐसी हैं, जहां पर सुरक्षा जाली का ढांचा तक गायब हो गया है। ऐसे में इन जगहों पर जाली लगाना भी चुनौती का काम होगा। वहीं अब जबकि समय बेहद कम रह गया है तो ढांचा तैयार करना भी मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में बिना सुरक्षा जाली के कांवड़ यात्रा करवाना बेहद जोखिमभरा हो सकता है।
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नहीं हुई टंकियों की मरम्मत
कांवड़ पटरी पर कांवड़ यात्रियों के लिए पहले पानी के टैंक खड़े करवाए जाते थे। बाद में कांवड़ियों के लिए पानी की स्थायी व्यवस्था के लिए कई जगह टंकियां लगा दी गई थीं। हालांकि हर साल कांवड़ यात्रा खत्म होने के बाद अधिकतर जगह से कुछ असामाजिक तत्व टंकियां चोरी कर लेते हैं। इस बार अभी तक इन टंकियों की मरम्मत कर वहां पानी की व्यवस्था नहीं की गई है।
कांवड़ पटरी पर झाड़ियों की कटाई का काम शुरू
गंगनहर पटरी पर सुरक्षा के लिए कई जगहों पर टूटी जाली खतरे का सबब बनी है। वहीं गंगनहर किनारे उग आई झाड़ियां भी मुसीबत बनी हैं। इन झाड़ियों के चलते सड़क पर चलने की जगह सीमित हो रही थी। इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से झाड़ियों को कटाई का काम शुरू किया गया है। इससे कांवड़ पटरी पर यातायात संचालन में मदद मिलेगी।

यहां टूटी पड़ी है जाली
1- मेहवड़ पुल से 20 मीटर दूर करीब एक मीटर तक टूटी है सुरक्षा दीवार
2-मेहवड़ पुल से रुड़की गंगनहर की तरफ करीब दो किलोमीटर दूरी पर टूटी पड़ी है सुरक्षा दीवार
3- चाट मार्केट के पास टूटी पड़ी है सुरक्षा जाली
4- लोहे के पुल के पास गायब है सुरक्षा जाली
5- प्रशासनिक भवन के सामने करीब तीन जगह टूटी पड़ी है जाली
6- पूर्व विधायक प्रणव चैंपियन के कैंप कार्यालय के पास भी गायब है सुरक्षा जाली
7- नगर विधायक के कैंप कार्यालय के सामने टूटी पड़ी है जाली
8- गणेशपुर पुल से आसफनगर की तरफ चलते हुए दो किमी गायब है पूरी जाली
9- रेलवे पुल से पीर बाबा कॉलोनी तक नहीं है जाली
10- आसफनगर झाल के पास कई जगह टूटी पड़ी है जाली
कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले ही सुरक्षा समेत सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए जाएंगे।
-प्रमेंद्र डोबाल, एसपी देहात
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