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आरपार की लड़ाई के लिए भरी हुंकार
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विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने प्रशासन और सरकार से आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए हुंकार भर दी है। मोर्चा ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार की किसी भी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैै। यदि सरकार ने एस्मा लागू कर दिया तो कर्मचारी खुद ही गिरफ्तारी देकर जेल में बंद हो जाएंगे। मोर्चा ने स्पष्ट किया कि छह अक्तूबर से शुरू होने वाली अनिश्चितकालीन हड़ताल टालने के लिए सरकार को उनकी सभी मांगें पूरी करनी पड़ेंगी। शाम को मोर्चा ने शहर में मार्च निकालकर विरोध भी जताया।
छह अक्तूबर को होने वाले बिजली अधिकारियों और कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर सरकार व ऊर्जा निगम आमने-सामने आ गए हैं। हालांकि, ऊर्जा निगम के अधिकारियों को प्रशासन और सरकार ने प्रभाव में लेना शुरू कर दिया है। विभाग का एक बड़ा तबका हड़ताल के पक्ष में है। ऐसे में इस हड़ताल को टालना सरकार और प्रशासन के सामने टेढ़ी खीर साबित हो रही है। हड़ताल की रणनीति बनाने के लिए सोमवार को संयुक्त मोर्चा की एक बैठक अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर हुई। ऊर्जा के तीनों निगमों के कर्मचारियों ने बैठक में भाग लिया और छह अक्तूबर को होने वाली हड़ताल की रणनीति बनाई गई।
संगठन के महामंत्री दीपक शांडिल्य ने कहा कि जुलाई में हुई वार्ता में सरकार ने उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन चौदह सूत्री मांगें आज तक पूरी नहीं की गईं। सरकार ने हड़तालियों को डराने के लिए एस्मा लागू किया है। साथ ही अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब कार्मिकों ने सरकार और प्रशासन से आरपार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। इसलिए एस्मा लागू होने पर वे स्वयं गिरफ्तारी देंगे और जेल में जाएंगे। उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन भी किया। इसके बाद शाम को शहर में जुलूस निकाला। इस दौरान संजीव चौहान, सौरभ कौशिक, राजेंद्र अतुल गिरी, विनीत सैनी, विकास जैन, अनूप गोरिया, सुरेंद्र दत्त शर्मा, भरत सिंह, नीरज कपिल, सर्वेश कुमार, सुनील मोगा, मयंक सिंह, दीपक शुक्ला, आदेश टंडन, अमित शर्मा, मुकेश कुमार, पुष्कर सिंह मौजूद रहे।
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छह अक्तूबर को होने वाले बिजली अधिकारियों और कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर सरकार व ऊर्जा निगम आमने-सामने आ गए हैं। हालांकि, ऊर्जा निगम के अधिकारियों को प्रशासन और सरकार ने प्रभाव में लेना शुरू कर दिया है। विभाग का एक बड़ा तबका हड़ताल के पक्ष में है। ऐसे में इस हड़ताल को टालना सरकार और प्रशासन के सामने टेढ़ी खीर साबित हो रही है। हड़ताल की रणनीति बनाने के लिए सोमवार को संयुक्त मोर्चा की एक बैठक अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर हुई। ऊर्जा के तीनों निगमों के कर्मचारियों ने बैठक में भाग लिया और छह अक्तूबर को होने वाली हड़ताल की रणनीति बनाई गई।
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संगठन के महामंत्री दीपक शांडिल्य ने कहा कि जुलाई में हुई वार्ता में सरकार ने उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन चौदह सूत्री मांगें आज तक पूरी नहीं की गईं। सरकार ने हड़तालियों को डराने के लिए एस्मा लागू किया है। साथ ही अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब कार्मिकों ने सरकार और प्रशासन से आरपार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। इसलिए एस्मा लागू होने पर वे स्वयं गिरफ्तारी देंगे और जेल में जाएंगे। उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन भी किया। इसके बाद शाम को शहर में जुलूस निकाला। इस दौरान संजीव चौहान, सौरभ कौशिक, राजेंद्र अतुल गिरी, विनीत सैनी, विकास जैन, अनूप गोरिया, सुरेंद्र दत्त शर्मा, भरत सिंह, नीरज कपिल, सर्वेश कुमार, सुनील मोगा, मयंक सिंह, दीपक शुक्ला, आदेश टंडन, अमित शर्मा, मुकेश कुमार, पुष्कर सिंह मौजूद रहे।
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