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हौंसलों ने दी उड़ान तो छू लिया आसमान

Sun, 07 Mar 2021 11:08 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 07 Mar 2021 11:08 PM IST
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Freshly touched the sky
रुड़की। पति से विवाद के बाद मायके लौटीं तो हिम्मत टूट चुकी थी। छोटे भाई और बहन ने हौसला दिया तो अलग मुकाम बना लिया। वर्ष 2010 में महज 500 रुपये से घर में ही ब्यूटी पार्लर का काम शुरू करने वाली पारुल दो-दो ब्यूटी पार्लर संचालित कर रही हैं। यही नहीं, भाई के साथ ट्रैक्टर से खेत की जुताई से लेकर गन्ना बुवाई और सिंचाई जैसे काम भी करती हैं।
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मंगलौर के मन्नाखेड़ी गांव निवासी पारुल की शादी वर्ष 2005 में मुजफ्फरनगर निवासी बंटी से हुई थी। चार साल तो सब ठीक रहा, लेकिन वर्ष 2009 में पति से विवाद शुरू हो गया। इसी बीच पारुल ने 14 फरवरी को एक बेटे को जन्म दिया, लेकिन पति से विवाद बढ़ने पर उसी महीने मायके लौट आईं। मायके में एक छोटा भाई, मां और छोटी बहनें हैं। पति से अलग होकर पारुल का हौसला टूट चुका था। एक साल बाद छोटी बहन और भाई ने सब भूलकर आगे बढ़ने का हौसला दिया। वर्ष 2010 में पारुल ने मात्र 500 रुपये से घर में ही ब्यूटी पार्लर का काम शुरू किया। धीरे-धीरे आमदनी बढ़ने लगी। एक-एक रुपया जोड़कर वर्ष 2014 में घर में ही एक शॉप बनाकर ब्यूटी पार्लर शुरू कर दिया। काम जमने लगा तो वर्ष 2019 में गांव के पास ही लखनौता चौराहे पर एक लाख लोन लेकर करीब चार लाख की लागत से नया ब्यूटी पार्लर खोल दिया। संवाद
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पुरुषों से कम नहीं महिलाएं
पारुल बताती हैं कि पति से विवाद के बाद अकेले बेटे को पालना बड़ी चुनौती थी। इस दौरान भाई मोंटी और छोटी बहनों ने हौसला बढ़ाया। अब वह मायके में रहकर बेटे का पालन-पोषण कर रही है। उन्होंने बताया कि छोटा भाई खेती-बाड़ी करता है। भाई की मदद के लिए उन्होंने ट्रैक्टर चलाना भी सीखा। पार्लर के काम से फुर्सत मिलने पर वह भाई के साथ कदम से कदम मिलाकर खेत की जुताई, बुवाई और सिंचाई जैसे काम करवाती हैं। उनका कहना है कि महिलाएं खुद को कभी कमजोर न समझें। वर्तमान में महिला किसी भी स्थिति में पुरुषों से कम नहीं हैं।
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चार अन्य को भी रोजगार दिया
पारुल का कहना है कि वर्ष 2013 में जब खुद का पार्लर खोला तो अपनी शक्ति का एहसास हुआ। इसी बीच कुछ ऐसी युवतियां मिलीं, जो खुद के पैरों पर खड़ा होना चाहती थीं। उन्होंने युवतियों की मदद करने की ठानी। पहले उन्होंने घर पर खोले गए ब्यूटी पार्लर पर दो युवतियों को काम दिया। बाद में दूसरे पार्लर पर भी दो अन्य युवतियों को रोजगार दिया। वर्तमान में उनके साथ पांच युवतियां काम कर रही हैं।
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