{"_id":"610c2be08ebc3ec20073653d","slug":"four-get-life-imprisonment-for-collecting-ransom-roorkee-news-drn3866480181","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिरौती वसूलने पर चार को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिरौती वसूलने पर चार को आजीवन कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लक्सर/खानपुर। नौ साल पहले संघीपुर के बर्फ कारोबारी का अपहरण कर फिरौती वसूलने के मामले में एडीजे कोर्ट ने चार लोगों को सश्रम उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में कोर्ट ने उन्हें छह-छह महीने के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।
लक्सर एडीजे कोर्ट के शासकीय अधिवक्ता भूपेश्वर ठकराल ने बताया कि संघीपुर निवासी अफजाल पुत्र आजम बर्फ कारोबारी हैं। दिसंबर 2012 में वह पथरी थाना क्षेत्र के बोड्डाहेड़ी से घर लौट रहे थे। इस दौरान कुछ बदमाशों ने उनका अपहरण कर परिवार के लोगों से फिरौती की मांग की थी। बाद में 30 हजार रुपये और सोने का हार फिरौती के रूप में वसूलकर उन्हें रिहा किया गया था। बाद में अफजाल के भाई इरफान ने अपहरण करने वालों में से गांव के शहजाद को पहचानने का दावा करते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के दौरान शहजाद का नाम मुकदमे से हटाते हुए मुजफ्फरनगर के ककरौली के अफसर और मोहम्मद उस्मान के अलावा पथरी थाना क्षेत्र के कासमपुर के अब्दुल रहीम और हाकम निवासी संघीपुर को जेल भेजा था। इनमें हाकम और अफसर के पास से पुलिस ने फिरौती में वसूली गई 10 हजार की रकम और हार भी बरामद कर लिया था। बाद में चारों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय भेजा गया था। एडीजे कोर्ट में इसकी सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के बाद न्यायाधीश नीलम रात्रा ने अपहरण के मामले में चारों को दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास और 25-25 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें छह छह महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
-------------
विज्ञापन
लक्सर एडीजे कोर्ट के शासकीय अधिवक्ता भूपेश्वर ठकराल ने बताया कि संघीपुर निवासी अफजाल पुत्र आजम बर्फ कारोबारी हैं। दिसंबर 2012 में वह पथरी थाना क्षेत्र के बोड्डाहेड़ी से घर लौट रहे थे। इस दौरान कुछ बदमाशों ने उनका अपहरण कर परिवार के लोगों से फिरौती की मांग की थी। बाद में 30 हजार रुपये और सोने का हार फिरौती के रूप में वसूलकर उन्हें रिहा किया गया था। बाद में अफजाल के भाई इरफान ने अपहरण करने वालों में से गांव के शहजाद को पहचानने का दावा करते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के दौरान शहजाद का नाम मुकदमे से हटाते हुए मुजफ्फरनगर के ककरौली के अफसर और मोहम्मद उस्मान के अलावा पथरी थाना क्षेत्र के कासमपुर के अब्दुल रहीम और हाकम निवासी संघीपुर को जेल भेजा था। इनमें हाकम और अफसर के पास से पुलिस ने फिरौती में वसूली गई 10 हजार की रकम और हार भी बरामद कर लिया था। बाद में चारों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय भेजा गया था। एडीजे कोर्ट में इसकी सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के बाद न्यायाधीश नीलम रात्रा ने अपहरण के मामले में चारों को दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास और 25-25 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें छह छह महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
विज्ञापन
-------------