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पटाखों की दुकानों में हो रहा बड़ा खेल
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
Updated Thu, 27 Oct 2016 11:25 PM IST
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दीपावली के लिए पटाखों की दुकानें सज गई हैं। शहर के नेहरू स्टेडियम में ही सौ से अधिक दुकानें लगी हैं। इसके साथ ही लालकुर्ती, रामनगर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी दुकान लगी हैं। दुकानदारों की मानें तो नेहरू स्टेडियम में एक दुकान के लिए 500 रुपये का चालान जमा करना है, लेकिन इसके विपरीत दलालों के माध्यम से 2500 रुपये वसूले जा रहे हैं। यही नहीं नेहरू स्टेडियम में इस बार टीन शेड के लिए भी दुकानदारों से पांच हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। पटाखों की दुकानें लगाने के लिए दुकानदारों को 12-13 हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
दीपावली से पहले पटाखों की दुकान सज गई हैं। हालांकि अब तक प्रशासन और अग्निशमन विभाग की ओर से अधिकांश दुकानदारों को अनुमति भी नहीं मिल पाई है। फिलहाल नेहरू स्टेडियम में लगभग सौ दुकानों की अनुमति मिली है। लालकुर्ती और रामनगर में भी पटाखा बाजार सजता है, जहां क्रमश: 18 और छह लाइसेंस स्वीकृत किए गए हैं। वहीं मंगलौर में 18, खंजरपुर में दो, इकबालपुर में दो पटाखों के लाइसेंस स्वीकृत किए गए हैं। बड़ी संख्या में बिना लाइसेंस की भी पटाखों की दुकानें सजाई जा रही हैं।
सूत्रों के अनुसार पटाखों के एक लाइसेंस के लिए तय फीस 500 के बजाए 2500 रुपये वसूले जा रहे हैं। ऐसे में देखा जाए तो शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगभग दो सौ से अधिक लाइसेंस जारी होते हैं, जिसमें चार लाख रुपये का खेल किया जाता है। इसके बाद दुकानदारों से टीन शेड के लिए भी पांच से छह हजार रुपये वसूले जाते हैं। इस संबंध में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से इस बार टीन शेड की दुकानों में ही पटाखों की बिक्री के निर्देश दिए गए हैं।
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इन क्षेत्रों में बिना लाइसेंस की दुकानेें
अग्निशमन अधिकारी बृजलाल डबराल के अनुसार भगवानपुर, झबरेड़ा, लंढौरा में अब तक लाइसेंस के लिए कोई आवेदन नहीं मिला है। इसके बावजूद यहां दुकानें सजनें लगी हैं। अधिकारियों के अनुसार बिना लाइसेंस के किसी को भी पटाखें बेचने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
अग्निशमन ने कसी कमर
एक ओर जहां पटाखों की दुकानें सजने लगी हैं वहीं अग्निशमन विभाग ने भी कमर कस ली है। अग्निशमन अधिकारी बृजलाल डबराल के अनुसार संसाधनों और कर्मचारियों की कमी के बावजूद सुरक्षा के लिए जरूरी एहतियात बरती जा रही हे। उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग की रणनीति तैयार की गई है।
दीपावली से पहले पटाखों की दुकान सज गई हैं। हालांकि अब तक प्रशासन और अग्निशमन विभाग की ओर से अधिकांश दुकानदारों को अनुमति भी नहीं मिल पाई है। फिलहाल नेहरू स्टेडियम में लगभग सौ दुकानों की अनुमति मिली है। लालकुर्ती और रामनगर में भी पटाखा बाजार सजता है, जहां क्रमश: 18 और छह लाइसेंस स्वीकृत किए गए हैं। वहीं मंगलौर में 18, खंजरपुर में दो, इकबालपुर में दो पटाखों के लाइसेंस स्वीकृत किए गए हैं। बड़ी संख्या में बिना लाइसेंस की भी पटाखों की दुकानें सजाई जा रही हैं।
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सूत्रों के अनुसार पटाखों के एक लाइसेंस के लिए तय फीस 500 के बजाए 2500 रुपये वसूले जा रहे हैं। ऐसे में देखा जाए तो शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगभग दो सौ से अधिक लाइसेंस जारी होते हैं, जिसमें चार लाख रुपये का खेल किया जाता है। इसके बाद दुकानदारों से टीन शेड के लिए भी पांच से छह हजार रुपये वसूले जाते हैं। इस संबंध में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से इस बार टीन शेड की दुकानों में ही पटाखों की बिक्री के निर्देश दिए गए हैं।
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इन क्षेत्रों में बिना लाइसेंस की दुकानेें
अग्निशमन अधिकारी बृजलाल डबराल के अनुसार भगवानपुर, झबरेड़ा, लंढौरा में अब तक लाइसेंस के लिए कोई आवेदन नहीं मिला है। इसके बावजूद यहां दुकानें सजनें लगी हैं। अधिकारियों के अनुसार बिना लाइसेंस के किसी को भी पटाखें बेचने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
अग्निशमन ने कसी कमर
एक ओर जहां पटाखों की दुकानें सजने लगी हैं वहीं अग्निशमन विभाग ने भी कमर कस ली है। अग्निशमन अधिकारी बृजलाल डबराल के अनुसार संसाधनों और कर्मचारियों की कमी के बावजूद सुरक्षा के लिए जरूरी एहतियात बरती जा रही हे। उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग की रणनीति तैयार की गई है।