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गलती सुधार को ऊर्जा और नगर निगम की जुगलबंदी
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
Updated Thu, 29 Dec 2016 10:21 PM IST
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रामनगर में दस लाख से अधिक के नाले निर्माण का ऊर्जा निगम और नगर निगम के एसडीओ, जेई ने बृहस्पतिवार को संयुक्त निरीक्षण किया। साथ ही गलती सुधार के लिए मंथन भी किया। संयुक्त निरीक्षण तब किया गया जब हीलाहवाली संबंधी खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया । ऊर्जा निगम के सहायक अभियंता का कहना है कि बिना एनओसी ऊर्जा निगम की लाइनों को डिस्टर्ब कर निर्माण कार्य करने के मामले में नगर निगम को लिखित में भी पत्र भेजा जाएगा। साथ ही निर्माण के दौरान संभावित खतरों से अवगत कराया जाएगा।
रामनगर में लेबर चौराहे के पास नगर निगम की ओर से पिछले कई दिनों से नाला निर्माण का कार्य कराया जा रहा था, लेकिन इस दौरान ऊर्जा निगम के पोल को भी खोद डाला गया। साथ ही विद्युत पोल नाले के बीचोबीच आ गए। लापरवाही और संभावित हादसों से आगाह करते हुए बृहस्पतिवार के अंक में जब अमर उजाला ने मामले को प्रमुखता से उठाया तो नगर निगम के सहायक अभियंता जेपी रतूड़ी और अवर अभियंता प्रेम शर्मा मौके पर पहुंचे। साथ ही ऊर्जा निगम के सहायक अभियंता अश्वनी कुमार और अवर अभियंता रामकुमार भी मौके पर पहुंचे। ऊर्जा निगम के अधिकारियों के अनुसार नाले की खुदाई के दौरान कई पोल खतरनाक हो गए हैं जो हादसे का सबब बन सकते हैं। नगर निगम के अधिकारियों ने भी इसे स्वीकार करते हुए दुरुस्त कराने की बात कही। मालूम हो कि खबर छपने से पहले दोनों ही विभाग मामले से अंजान बने हुए थे, जबकि निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
दूसरी ओर क्षेत्रवासी पूरे निर्माण कार्य पर ही सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि नाले के बीच में बिजली के पोल होने से पानी की निकासी संभव नहीं हो सकेगी, लेकिन निर्माण शुरू करने से पहले इसकी किसी ने सुध नहीं ली। इस संबंध में निगम के सहायक नगर अधिकारी उत्तम सिंह नेगी का कहना है कि दोनों ही विभागों की ओर से संयुक्त निरीक्षण किया गया है। शीघ्र ही समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर ऊर्जा निगम के सहायक अभियंता अश्वनी कुमार का कहना है कि निगम को पत्र लिखकर मामले में संभावित खतरों से भी अवगत कराया जाएगा।
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रामनगर में लेबर चौराहे के पास नगर निगम की ओर से पिछले कई दिनों से नाला निर्माण का कार्य कराया जा रहा था, लेकिन इस दौरान ऊर्जा निगम के पोल को भी खोद डाला गया। साथ ही विद्युत पोल नाले के बीचोबीच आ गए। लापरवाही और संभावित हादसों से आगाह करते हुए बृहस्पतिवार के अंक में जब अमर उजाला ने मामले को प्रमुखता से उठाया तो नगर निगम के सहायक अभियंता जेपी रतूड़ी और अवर अभियंता प्रेम शर्मा मौके पर पहुंचे। साथ ही ऊर्जा निगम के सहायक अभियंता अश्वनी कुमार और अवर अभियंता रामकुमार भी मौके पर पहुंचे। ऊर्जा निगम के अधिकारियों के अनुसार नाले की खुदाई के दौरान कई पोल खतरनाक हो गए हैं जो हादसे का सबब बन सकते हैं। नगर निगम के अधिकारियों ने भी इसे स्वीकार करते हुए दुरुस्त कराने की बात कही। मालूम हो कि खबर छपने से पहले दोनों ही विभाग मामले से अंजान बने हुए थे, जबकि निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
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दूसरी ओर क्षेत्रवासी पूरे निर्माण कार्य पर ही सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि नाले के बीच में बिजली के पोल होने से पानी की निकासी संभव नहीं हो सकेगी, लेकिन निर्माण शुरू करने से पहले इसकी किसी ने सुध नहीं ली। इस संबंध में निगम के सहायक नगर अधिकारी उत्तम सिंह नेगी का कहना है कि दोनों ही विभागों की ओर से संयुक्त निरीक्षण किया गया है। शीघ्र ही समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर ऊर्जा निगम के सहायक अभियंता अश्वनी कुमार का कहना है कि निगम को पत्र लिखकर मामले में संभावित खतरों से भी अवगत कराया जाएगा।
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