क्षेत्र के किसानों ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर रकबे की पैमाइश कर सरकारी भूमि को किसानों की जोत की भूमि से अलग करने की मांग उठाई है।
सोमवार को सिकंदरपुर अबदीपुर, धर्मुपुर गांव के किसानों ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर एसडीएम से मुलाकात की। किसानों ने एसडीएम को बताया कि उनके गांव में ग्रामसभा और सोलानी नदी की काफी जमीन है। इस जमीन में कुछ ऐसे खसरा नंबर हैं, जिसमें सरकार और किसान दोनों की जमीनें हैं। पिछले दिनों नैनीताल हाईकोर्ट ने ग्रामसभा और सोलानी नदी की जमीन खाली करने के आदेश दिए थे। बाद में किसानों की अपील पर कोर्ट ने पूरे रकबे की पैमाइश कर किसान, ग्रामसभा और सोलानी की भूमि अलग-अलग चिह्नित करने के आदेश प्रशासन को दिए थे। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों उक्त रकबे पर खड़ी गन्ने की फसल को प्रशासन ने कटवाकर बेच दिया और जमीन खाली पड़ी है। अब उन्हें अपनी जमीनों पर फसलों की बुवाई करनी है। उन्होंने पैमाइश कराकर किसानों की जमीन चिह्नित करने की मांग की। एसडीएम ने बताया कि मामले में पत्रावली तलब की गई है। इसका अध्ययन करने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान कुशलपाल, दीप सिंह, नेतराम, शेर सिंह, किरण सिंह, ब्रह्मपाल, ओमवीर सिंह, राजवीर सिंह, रफल सिंह, बबलू, चरण सिंह, आदेश कुमार, महकार सिंह मौजूद रहे।