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आज गुरुकुल कांगड़ी छात्रों की होगी जांच
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Thu, 18 Aug 2016 11:41 PM IST
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ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज में बीएएमएस में मुन्नाभाई हायर करके प्रवेश लेने के मामले में 27 छात्रों के सामने आने के बाद अब गुरुकुल कांगड़ी आयुर्वेदिक कालेज के छात्रों की जांच होगी। इंटेलीजेंस और प्रोफेसरों की जांच कमेटी शुक्रवार को ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज में जांच करेगी। अंदेशा जताया जा रहा है कि गुरुकुल कांगड़ी में ऋषिकुल कालेज से अधिक छात्रों के मामले निकलेंगे।
ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज में 2013 बैच में 18, 2014 बैच में 3 और 2015 बैच में 6 छात्र ऐसे मिले हैं, जिन्होंने प्रवेश परीक्षा के दौरान मुन्नाभईयों को हायर किया था। कुल 27 छात्रों के मामलों में से 10 को पुलिस जेल भेज चुकी है। अन्य 17 फरार की गिरफ्तारी को पुलिस की तलाश जारी है। इनमें से 2013 बैच में भाजपा के पूर्व राज्यमंत्री विनोद आर्य का पुत्र पुलकित आर्य भी शामिल है। नगर कोतवाली सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है। कोतवाली प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह भदौरिया ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी को तलाश जारी है।
कई प्रोफेसर की भूमिका भी संदिग्ध
ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज में 2013 बैच के छात्र हमेशा पिछड़े रहे। इस बैच में 27 छात्र-छात्राओं की ईयर बैक रही। जैसे तैसे करके सेमेस्टर झटके मारकर उत्तीर्ण किया। जब भी कक्षा में इनसे कुछ पूछा जाता तो ये कोई भी जानकारी नहीं दे पाते थे। इनके प्रवेश मेरिट में नंबर आने पर काउंसिलिंग होने पर हमेशा शक होता था। इस पर कालेज के प्रोफेसर सहित अन्य फैकल्टी के साथ इनके बैच के अन्य छात्र-छात्राएं भी शक करते थे, लेकिन इनके खिलाफ कोई कुछ भी कार्रवाई नहीं कर सके। यही नहीं संदिग्ध होने के बावजूद भी जब रिकार्ड इन्हीं कालेज प्रशासन के पास ही था तो जांच क्यों नहीं कराई गई। इस पर सभी चुप्पी साधे हुए हैं। प्रोफेसर दबी जुबां यही कहते है कि शक तो था, लेकिन धमकी से डर लगता था, उन्हें नौकरी करते हुए अपनी और अपने परिवार की भी सुरक्षा करनी है।
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परीक्षाओं से बचते थे
2013 बैच के छात्र परीक्षाओं से बचते थे और कोई न कोई मुद्दे को लेकर आंदोलन शुरू कर देते थे। परीक्षा का बहिष्कार करते रहे। सख्ती की तो दवाब बनाने के लिए अन्य छात्रों को भी परीक्षा छुड़वा देकर आंदोलन शुरू कर दिया। वर्ष 2014 में इसी बैच के छात्रों ने कालेज छोड़कर ऋषिकुल मैदान में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था।
कालेज में इस तरह का मामले दुर्भाग्यपूर्ण है। जांच में स्पष्ट हो गया, करनी भरनी पड़ती है। अब गुरुकुल कांगड़ी आयुर्वेदिक कालेज की जांच शुक्रवार से होगी।
- प्रो. आदित्य नारायण पांडेय, निदेशक, ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज।
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ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज में 2013 बैच में 18, 2014 बैच में 3 और 2015 बैच में 6 छात्र ऐसे मिले हैं, जिन्होंने प्रवेश परीक्षा के दौरान मुन्नाभईयों को हायर किया था। कुल 27 छात्रों के मामलों में से 10 को पुलिस जेल भेज चुकी है। अन्य 17 फरार की गिरफ्तारी को पुलिस की तलाश जारी है। इनमें से 2013 बैच में भाजपा के पूर्व राज्यमंत्री विनोद आर्य का पुत्र पुलकित आर्य भी शामिल है। नगर कोतवाली सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है। कोतवाली प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह भदौरिया ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी को तलाश जारी है।
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कई प्रोफेसर की भूमिका भी संदिग्ध
ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज में 2013 बैच के छात्र हमेशा पिछड़े रहे। इस बैच में 27 छात्र-छात्राओं की ईयर बैक रही। जैसे तैसे करके सेमेस्टर झटके मारकर उत्तीर्ण किया। जब भी कक्षा में इनसे कुछ पूछा जाता तो ये कोई भी जानकारी नहीं दे पाते थे। इनके प्रवेश मेरिट में नंबर आने पर काउंसिलिंग होने पर हमेशा शक होता था। इस पर कालेज के प्रोफेसर सहित अन्य फैकल्टी के साथ इनके बैच के अन्य छात्र-छात्राएं भी शक करते थे, लेकिन इनके खिलाफ कोई कुछ भी कार्रवाई नहीं कर सके। यही नहीं संदिग्ध होने के बावजूद भी जब रिकार्ड इन्हीं कालेज प्रशासन के पास ही था तो जांच क्यों नहीं कराई गई। इस पर सभी चुप्पी साधे हुए हैं। प्रोफेसर दबी जुबां यही कहते है कि शक तो था, लेकिन धमकी से डर लगता था, उन्हें नौकरी करते हुए अपनी और अपने परिवार की भी सुरक्षा करनी है।
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परीक्षाओं से बचते थे
2013 बैच के छात्र परीक्षाओं से बचते थे और कोई न कोई मुद्दे को लेकर आंदोलन शुरू कर देते थे। परीक्षा का बहिष्कार करते रहे। सख्ती की तो दवाब बनाने के लिए अन्य छात्रों को भी परीक्षा छुड़वा देकर आंदोलन शुरू कर दिया। वर्ष 2014 में इसी बैच के छात्रों ने कालेज छोड़कर ऋषिकुल मैदान में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था।
कालेज में इस तरह का मामले दुर्भाग्यपूर्ण है। जांच में स्पष्ट हो गया, करनी भरनी पड़ती है। अब गुरुकुल कांगड़ी आयुर्वेदिक कालेज की जांच शुक्रवार से होगी।
- प्रो. आदित्य नारायण पांडेय, निदेशक, ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज।