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मांगों को लेकर सरकार पर गरजे अधिकारी ओर कर्मचारी
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रुड़की। समान काम, समान वेतन सहित 14 सूत्री मांगों को लेकर विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। साथ ही सरकार से उनकी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। इस दौरान 26 जुलाई तक मांग पूरी नहीं होने पर देहरादून में जल विद्युत मुख्यालय पर सत्याग्रह शुरू करने पर भी चर्चा की गई।
शनिवार को उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में जिले के सभी अधिकारी और कर्मचारियों की एक बैठक अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर आयोजित की गई। इस दौरान मोर्चा की 14 सूत्री मांगों को लेकर चर्चा की गई। इसके बाद मोर्चा ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। धरने को संबोधित करते हुए वरिष्ठ सदस्य अनिल मिश्रा ने कहा कि ऊर्जा निगम के तीनों निगमों यूपीसीएल, पिटकुल और यूजेवीएनएल के अधिकारी और कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर वर्षों से संघर्ष करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांगों में तीनों निगमों में 2016 से लागू एसीपी खत्म कर दी गई थी, उसे लागू किया जाए। ऊर्जा निगम में 30 सितंबर 2005 तक नियुक्त कार्मिकों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की जाए। निगम में उपनल के माध्यम से कार्य कर रहे कर्मचारियों को भी समान कार्य के अनुसार समान वेतन दिया जाए। ऊर्जा निगम में निजीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए अभियंता, अवर अभियंता और लेखा संवर्ग में नियमित भर्ती की जाए। मिश्रा ने बताया कि इन मांगों सहित सभी 14 मांगों को पूरा किए जाने को लेकर धरना दिया गया। धरने का संचालन करते हुए दीपक शांडिल्य ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर मोर्चा 26 जुलाई को देहरादून स्थित जल विद्युत मुख्यालय पर सत्याग्रह करेगा और रैली निकालेगा। वहीं 26 तक मांग पूरी नहीं होने पर बिजलीघर के कर्मचारी 27 जुलाई को हड़ताल पर चले जाएंगे। इस मौके पर एसई राहुल जैन, ईई अनिल कुमार मिश्रा, ईई अमित कटारिया, ईई अमित आनंद, ईई सिराज उस्मान, ईई वीके सिंह, एसडीओ विनीत गुप्ता, सजल हटवाल, मनोज कुमार अग्रवाल, प्रियंका सैनी, देवेंद्र कुमार, सुनील पोखरियाल, ईश्वर चंद टंडन, संदीप शर्मा, केडी जोशी, पंकज गौतम, दीपक शुक्ला और अनिल मिश्रा आदि मौजूद रहे।
किसान नेताओं ने भी दिया समर्थन
उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के धरने में किसान नेताओं ने भी पहुंचकर अपना समर्थन दिया। धरने में पहुंचकर भारतीय किसान यूनियन (रोड़) के प्रदेश उपाध्यक्ष पदम रोड ने कहा कि यूनियन का पूरा समर्थन संघर्ष मोर्चा के साथ है। अधिकारियों और कर्मचारियों की मांगें पूरी करवाने के लिए जरूरत पड़ी तो देहरादून मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड़ ने कहा कि वह ऊर्जा निगम के साथ खड़े हैं। इसके लिए यदि उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा तो पीछे नहीं हटेंगे। वहीं रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने भी मोर्चा को समर्थन दिया।
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शनिवार को उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में जिले के सभी अधिकारी और कर्मचारियों की एक बैठक अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर आयोजित की गई। इस दौरान मोर्चा की 14 सूत्री मांगों को लेकर चर्चा की गई। इसके बाद मोर्चा ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। धरने को संबोधित करते हुए वरिष्ठ सदस्य अनिल मिश्रा ने कहा कि ऊर्जा निगम के तीनों निगमों यूपीसीएल, पिटकुल और यूजेवीएनएल के अधिकारी और कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर वर्षों से संघर्ष करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांगों में तीनों निगमों में 2016 से लागू एसीपी खत्म कर दी गई थी, उसे लागू किया जाए। ऊर्जा निगम में 30 सितंबर 2005 तक नियुक्त कार्मिकों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की जाए। निगम में उपनल के माध्यम से कार्य कर रहे कर्मचारियों को भी समान कार्य के अनुसार समान वेतन दिया जाए। ऊर्जा निगम में निजीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए अभियंता, अवर अभियंता और लेखा संवर्ग में नियमित भर्ती की जाए। मिश्रा ने बताया कि इन मांगों सहित सभी 14 मांगों को पूरा किए जाने को लेकर धरना दिया गया। धरने का संचालन करते हुए दीपक शांडिल्य ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर मोर्चा 26 जुलाई को देहरादून स्थित जल विद्युत मुख्यालय पर सत्याग्रह करेगा और रैली निकालेगा। वहीं 26 तक मांग पूरी नहीं होने पर बिजलीघर के कर्मचारी 27 जुलाई को हड़ताल पर चले जाएंगे। इस मौके पर एसई राहुल जैन, ईई अनिल कुमार मिश्रा, ईई अमित कटारिया, ईई अमित आनंद, ईई सिराज उस्मान, ईई वीके सिंह, एसडीओ विनीत गुप्ता, सजल हटवाल, मनोज कुमार अग्रवाल, प्रियंका सैनी, देवेंद्र कुमार, सुनील पोखरियाल, ईश्वर चंद टंडन, संदीप शर्मा, केडी जोशी, पंकज गौतम, दीपक शुक्ला और अनिल मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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किसान नेताओं ने भी दिया समर्थन
उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के धरने में किसान नेताओं ने भी पहुंचकर अपना समर्थन दिया। धरने में पहुंचकर भारतीय किसान यूनियन (रोड़) के प्रदेश उपाध्यक्ष पदम रोड ने कहा कि यूनियन का पूरा समर्थन संघर्ष मोर्चा के साथ है। अधिकारियों और कर्मचारियों की मांगें पूरी करवाने के लिए जरूरत पड़ी तो देहरादून मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड़ ने कहा कि वह ऊर्जा निगम के साथ खड़े हैं। इसके लिए यदि उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा तो पीछे नहीं हटेंगे। वहीं रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने भी मोर्चा को समर्थन दिया।
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