अगर ऐसा हुआ तो भूकंप के महाविनाश से हिल जाएगा हिमालय!
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रुड़की आईआईटी वैज्ञानिकों की मानें तो अफगानिस्तान के हिंदुकुश में आए भूकंप की तीव्रता के बराबर का भूकंप हिमालयी क्षेत्र में आता है तो यह महाविनाशकारी होगा।
क्योंकि हिंदुकुश में आने वाले भूकंप की गहराई 150 से 200 किलोमीटर के बीच होती है। जबकि हिमालयी क्षेत्र में आने वाले भूकंप की गहराई केवल 20 से 25 किलोमीटर तक होती है। भूकंप की जमीन से कम गहराई बेहद खतरनाक होती है।
रविवार को अफगानिस्तान के हिंदुकुश की पहाड़ियों में आए भूकंप की रिएक्टर पैमाने पर तीव्रता 6.8 थी। भूकंप का यह केंद्र पृथ्वी की सतह से करीब 200 किलोमीटर नीचे था। इस संबंध में आईआईटी के भूकंप अभियांत्रिकी विभाग के वैज्ञानिक प्रो. एमएल शर्मा ने बताया कि हिंदुकुश में आमतौर पर 150 से 200 किलोमीटर की गहराई में ही भूकंप आते हैं।
इसकी वजह इंडो-यूरेशियन प्लेट की हलचल का अधिक गहराई में होना है। इसलिए इस क्षेत्र के भूकंप से नुकसान की आशंका बेहद कम होती है।
जबकि इतनी तीव्रता का भूकंप यदि हिमालयी क्षेत्र में (जम्मू से अरुणाचल के बीच) कहीं आता है तो महाविनाशकारी साबित होगा। क्योंकि यहां आने वाले भूकंप की गहराई 20 से 25 किलोमीटर तक होती है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सहित हिमालयी क्षेत्र में बड़े भूकंप की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में हमें भूकंप से पूर्व की तैयारी रखनी चाहिए।
घरों से निकले लोग, दहशत
रुड़की में जैसे ही दोपहर बाद करीब चार बजे जमीन हिली तो लोगों ने भी इसका कंपन महसूस किया। लोग दफ्तरों-घरों से निकलकर सड़कों और मैदान में आए। काफी देर तक लोग बाहर खड़े होकर एक-दूसरे से भूकंप का अहसास होने को लेकर चर्चा करते रहे। वैज्ञानिकों के अनुसार शहर में इसकी तीव्रता चार के आसपास रही है।
यह तीव्रता सामान्य श्रेणी में आती है। इस दौरान सिविललाइंस, रामनगर, आवास विकास, आदर्शनगर सहित पूरे शहर और देहात क्षेत्रों में भी भूकंप की दहशत रही। लोग फोन पर एक-दूसरे को इसकी जानकारी देते नजर आए।
गढ़वाल के विभिन्न हिस्सों में भी रविवार शाम भूकंप के झटके महसूस किए गए। कम तीव्रता के चलते भूकंप का कोई असर देखने को नहीं मिला।
उत्तरकाशी में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट नई दिल्ली के हवाले से भूकंप के झटकों की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान के हिंदूकुश रीजन में इस भूकंप का केंद्र था। रविवार शाम 3.59 बजे आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.8 मापी गई। जनपद में इस भूकंप से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।
टिहरी जिले में भी भूकंप का हल्का झटका महसूस किया गया। जी ब्लॉक निवासी रुकमणी ने बताया कि घर के अंदर पंखा हिलने पर उन्हें भूकंप का एहसास हुआ। प्रभारी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने बताया कि जिले में कोई नुकसान नहीं हुआ है। सभी तहसीलों से इस बारे में जानकारी ले ली गई है। चमोली जिले में भी रविवार शाम तीन बजकर 58 मिनट पर लोगों ने भूकंप का झटका महसूस किया।