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नशे के सौदागरों की जकड़ में लक्सर शहर और देहात
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नशे के सौदागरों ने कस्बे में अपना जाल बिछा लिया है। नगर समेत ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब, अफीम, चरस, सुल्फा, स्मैक और अन्य मादक पदार्थ खुलेआम बेचे जा रहे हैं। थोड़े से मुनाफे के चक्कर में नशे के सौदागर मासूम बच्चों तक को नशे के दलदल में धकेल रहे हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले चार महीनों में ही पुलिस ने 37 आरोपियों को शराब व मादक पदार्थों की तस्करी में गिरफ्तार किया है।
नगर में नशे का अवैध कारोबार तेजी से फल-फूल रहा हैं। नशे के कारोबारी मोबाइल पर आने वाले शराब से लेकर स्मैक तक के ऑर्डर मनचाहे ठिकाने पर आसानी से पहुंचा देते हैं। क्षेत्र में रोजाना लाखों रुपये का नशे का अवैध कारोबार हो रहा है। अवैध शराब कम दामों में तो सुल्फा और चरस मुंहमांगे दामों में बिक रही है। शराब के साथ ही चरस, सुल्फा, अफीम व स्मैक की लत वाले इसे मनचाहे दामों पर खरीदते हैं, जिससे इस धंधे से जुड़े लोग मालामाल हो रहे हैं। पुलिस के ही आंकड़े नशे के अवैध कारोबार की हकीकत उजागर कर रहे हैं। पुलिस ने तीन माह के दौरान 37 लोगों को इस तरह के अवैध धंधे के आरोप में पकड़ा है। खास बात ये है कि पकड़े गए आरोपी तो तस्कर थे जबकि असली सौदागर पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
नशे के सौदागरों के ठिकाने
नशे के कारोबारियों ने रेलवे कॉलोनियों में खंडहर पड़े क्वार्टर और इंदिरा ग्राउंड में अपने ठिकाने बनाए हैं। नशे का कारोबार कई ग्रामीण इलाकों में भी चल रहा है, जहां पुलिस कभी दबिश नहीं देती। स्थिति ये है कि मेडिकल स्टोर पर कोडवर्ड बताने पर नशे की गोली और इंजेक्शन भी धड़ल्ले से मिल जाते हैं। सूत्रों का कहना है कि कई मेडिकल स्टोर स्वामी यह धंधा घर से भी चलाते हैं। कोतवाली प्रभारी यशपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि सूचना मिलने पर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाती है। इस तरह की सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गुप्त रखा जाएगा।
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नगर में नशे का अवैध कारोबार तेजी से फल-फूल रहा हैं। नशे के कारोबारी मोबाइल पर आने वाले शराब से लेकर स्मैक तक के ऑर्डर मनचाहे ठिकाने पर आसानी से पहुंचा देते हैं। क्षेत्र में रोजाना लाखों रुपये का नशे का अवैध कारोबार हो रहा है। अवैध शराब कम दामों में तो सुल्फा और चरस मुंहमांगे दामों में बिक रही है। शराब के साथ ही चरस, सुल्फा, अफीम व स्मैक की लत वाले इसे मनचाहे दामों पर खरीदते हैं, जिससे इस धंधे से जुड़े लोग मालामाल हो रहे हैं। पुलिस के ही आंकड़े नशे के अवैध कारोबार की हकीकत उजागर कर रहे हैं। पुलिस ने तीन माह के दौरान 37 लोगों को इस तरह के अवैध धंधे के आरोप में पकड़ा है। खास बात ये है कि पकड़े गए आरोपी तो तस्कर थे जबकि असली सौदागर पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
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नशे के सौदागरों के ठिकाने
नशे के कारोबारियों ने रेलवे कॉलोनियों में खंडहर पड़े क्वार्टर और इंदिरा ग्राउंड में अपने ठिकाने बनाए हैं। नशे का कारोबार कई ग्रामीण इलाकों में भी चल रहा है, जहां पुलिस कभी दबिश नहीं देती। स्थिति ये है कि मेडिकल स्टोर पर कोडवर्ड बताने पर नशे की गोली और इंजेक्शन भी धड़ल्ले से मिल जाते हैं। सूत्रों का कहना है कि कई मेडिकल स्टोर स्वामी यह धंधा घर से भी चलाते हैं। कोतवाली प्रभारी यशपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि सूचना मिलने पर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाती है। इस तरह की सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गुप्त रखा जाएगा।
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