{"_id":"cdb48b4e4400b8afc7bc9828c00ae627","slug":"when-the-body-was-chairman-participate-must-save-lives-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जब निकाय चेयरमैन को भागकर बचानी पड़ी जान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जब निकाय चेयरमैन को भागकर बचानी पड़ी जान
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Thu, 26 Nov 2015 07:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुड़की। पति-पत्नी का झगड़ा खत्म कराने के लिए मध्यस्थता करना एक निकाय चेयरमैन को भारी पड़ गया। किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। हंगामा बढ़ने पर मायके वालों को उल्टे पांव दौड़ना पड़ा। वहीं समझौता कराने आए चेयरमैन को भी भागकर जान बचानी पड़ी। मामला जोर शोर से चर्चाओं में है।
विज्ञापन
रामपुर के एक युवक की शादी आठ महीने पहले जिले के ही एक कस्बे में हुई थी। बताया गया है कि पति पत्नी के बीच शुरुआत से खटपट होती रही। पिछले दिनों झगड़ा ज्यादा बढ़ने पर वह अपने मायके चली गई। बात को सुलझाने के लिए मायके वाले अपने साथ कस्बे से चेयरमैन को लेकर रुड़की पहुंचे। यहां ससुराल पक्ष के साथ बातचीत चल ही रही थी कि किसी बात को लेकर तनातनी पैदा हो गई। चंद मिनट में ही नौबत मारपीट तक पहुंच गई।
विज्ञापन
शुरुआत में मायके वाले ससुराल वालों पर भारी पड़े। लेकिन, इलाका ससुराल वालों का होने के चलते बाद में मायके वालों ने लौटने में भलाई समझी। बताया जा रहा है कि समझौता कराने आए चेयरमैन को भी अपनी गाड़ी दौड़ाकर जान बचानी पड़ी। मामले को लेकर रामपुर गांव व मायके के कस्बे में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। वहीं कोतवाली प्रभारी जवाहर लाल का कहना मामले की कोई सूचना नहीं मिली है, तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन