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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   Custody of the absconding accused arrested KHATIMA

कस्टडी से फरार आरोपी खटीमा से गिरफ्तार

Sat, 26 Dec 2015 11:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की Updated Sat, 26 Dec 2015 11:35 PM IST
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रुड़की। मेडिकल के दौरान पुलिस कस्टडी से फरार आरोपी आखिरकार नौ दिन बाद कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस के हत्थे चढ़ गया। रुड़की पुलिस ने ऊधमसिंह नगर पुलिस के सहयोग से उसे खटीमा में गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने सिविल लाइंस कोतवाली में मामले का खुलासा किया।

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सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने बीते 16 दिसंबर की रात गश्त के दौरान गोठिया इस्लामनगर खटीमा निवासी शमीम को चाकू के साथ गिरफ्तार किया था। आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज कर अगले दिन जेल भेजने से पहले सिविल अस्पताल में उसका मेडिकल कराया जा रहा था। तभी वह कांस्टेबल धर्मेंद्र व होमगार्ड अतर सिंह को चकमा देकर फरार हो गया था। एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से सिपाही समेत कोतवाली प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह भदौरिया को सस्पेंड कर दिया था।
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इसके बाद आरोपी के खिलाफ गंगनहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर दोनों कोतवाली और एसओजी की टीमें लगातार आरोपी की तलाश में जुटी थी। एक टीम ने शुक्रवार की रात आरोपी को खटीमा से गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी ने टीम को ढाई हजार का इनाम देने की घोषणा की। वहीं एसपी देहात प्रमेंद्र सिंह डोबाल और सीओ कुलदीप असवाल ने टीम को कामयाबी के लिए शाबाशी दी।
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नौ दिन में मुंबई तक घूम आया आरोपी
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद वह पैदल मेहवड़ पुल पहुंचा। जहां से लिफ्ट लेेकर कलियर आया और जायरीनों से पैसे इकट्ठा कर अपने दो दोस्तों के साथ रात में रुड़की स्टेशन से ट्रेन पकड़कर बरेली पहुंच गया। दोस्त अपने-अपने घर जाने के बाद आरोपी पुलिस के डर से मुंबई भाग गया। शुक्रवार की रात अचानक घर पहुंचने पर पहले से डेरा डाले बैठी पुलिस ने उसे दबोच लिया।

शेखर और इसरार की अहम भूमिका
खुलासा करने वाली टीम में इंस्पेक्टर योगेंद्र पाल सिंह भदौरिया, उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार, कांस्टेबल इसरार, एसओजी सिपाही शेखर, विपिन, अकबर अली, धर्मेंद्र समेत खटीमा थाने के सिपाही नासिर और तवेंद्र जोशी शामिल रहे। खुलासे में गंगनहर कोतवाली के सिपाही इसरार और एसओजी सिपाही शेखर की अहम भूमिका रही। अफसरों ने इसकी सराहना की। वहीं मुकदमा गंगनहर कोतवाली में दर्ज होने के बावजूद खुलासा सिविल लाइंस कोतवाली में होने पर महकमे में अंदरूनी चर्चाएं होती रही।

चूक से लिया सबक, गाड़ी में भेजा आरोपी
पुलिस ने पिछली चूक से बड़ा सबक हासिल किया। आर्म्स एक्ट जैसे छोटे समझे जाने वाले मामले के आरोपी के कारण न सिर्फ इंस्पेक्टर व सिपाही को सस्पेंड होना पड़ा, बल्कि पुलिस को खासी फजीहत भी झेलनी पड़ी। शनिवार को आरोपी को दोबारा जेल भेजा गया तो एक दारोगा समेत कई सिपाही गाड़ी में साथ रहे।




भदौरिया बहाल, फिर बने रुड़की कोतवाल
रुड़की। पुलिस कस्टडी से आरोपी फरार होने पर सस्पेंड किए गए इंस्पेक्टर योगेंद्र पाल सिंह भदौरिया को एसएसपी ने शनिवार को बहाल कर दिया। नौ दिन की कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर रुड़की लाया गया। गिरफ्तार करने वाली टीम में इंस्पेक्टर योगेंद्र पाल सिंह भदौरिया भी शामिल थे। एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने दोपहर में खुलासे के बाद शाम के समय इंस्पेक्टर भदौरिया को फिर से सिविल लाइंस कोतवाली का प्रभारी बना दिया।

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