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ग्रामीणों ने घेरी सीमेंट फैक्ट्री
Updated Fri, 16 Mar 2018 12:24 AM IST
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भगवानपुर। जहाजगढ़ गांव से सटी के एक सीमेंट फैक्ट्री का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप था कि फैक्ट्री से उड़ने वाले डस्ट के कारण लोगों को बीमारी हो रही है। ग्रामीणों ने फैक्ट्री प्रबंधन से सुरक्षा के मानकों का पालन करने की मांग की। वहीं फैक्ट्री प्रबंधन ने भी ग्रामीणों को भरोसा दिलाया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव से सटे क्षेत्र में करीब आठ साल पूर्व एक सीमेंट फैक्ट्री की स्थापना हुई थी। फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से सुरक्षा मानकों का पालन न किए जाने से क्षेत्र के लोगों में बीमारियां लग रही है। ग्रामीण राजेश कुमार का कहना है कि फैक्ट्री से उड़ने वाले डस्ट के कारण लोग श्वास, दमा और त्वचा संबंधी रोगों की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीमारी के कारण जहाजगढ़ गांव के 10 से अधिक लोग बीमारियों की चपेट में आ गए हैं। फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से डस्ट उड़ने को रोकने के लिए मशीन नहीं लगायी गई है। जिससे आसपास की हवा भी प्रदूषित हो गई है। खेतों और पशुओं के चारे पर भी डस्ट का असर हो रहा है। लोगों का आरोप था कि फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से सीएसआर का पैसा भी गांव और आसपास के इलाकों के विकास कार्यों पर खर्च नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द ही फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से सुरक्षा के उपाय न किए गए तो फैक्ट्री प्रबंधन की शिकायत जिला प्रशासन से की जाएगी। जहाजगढ़ और आसपास के गांव के ग्रामीणों ने सीमेंट फैक्ट्री प्रबंधन से वार्ता भी की। वहीं फैक्ट्री प्रबंधन ने ग्रामीणों को सुरक्षा मानक का इंतजाम करने का भरोसा दिलाया गया।
विरोध करने वालों में राकेश, शिमला, रहती देवी, सुधा, नकली देवी, ईश्वर, मांगा, सहित कई किसान नेता भी मौजूद रहे। उधर नन्हेड़ा अनंतपुर के ग्राम प्रधान संदीप सैनी ने बताया उनके गांव के किसानों की भूमि भी सीमेंट फैक्ट्री लगने के बाद प्रभावित हो गई। गांव के लोगों पर भी उसका असर हो रहा है।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव से सटे क्षेत्र में करीब आठ साल पूर्व एक सीमेंट फैक्ट्री की स्थापना हुई थी। फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से सुरक्षा मानकों का पालन न किए जाने से क्षेत्र के लोगों में बीमारियां लग रही है। ग्रामीण राजेश कुमार का कहना है कि फैक्ट्री से उड़ने वाले डस्ट के कारण लोग श्वास, दमा और त्वचा संबंधी रोगों की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीमारी के कारण जहाजगढ़ गांव के 10 से अधिक लोग बीमारियों की चपेट में आ गए हैं। फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से डस्ट उड़ने को रोकने के लिए मशीन नहीं लगायी गई है। जिससे आसपास की हवा भी प्रदूषित हो गई है। खेतों और पशुओं के चारे पर भी डस्ट का असर हो रहा है। लोगों का आरोप था कि फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से सीएसआर का पैसा भी गांव और आसपास के इलाकों के विकास कार्यों पर खर्च नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द ही फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से सुरक्षा के उपाय न किए गए तो फैक्ट्री प्रबंधन की शिकायत जिला प्रशासन से की जाएगी। जहाजगढ़ और आसपास के गांव के ग्रामीणों ने सीमेंट फैक्ट्री प्रबंधन से वार्ता भी की। वहीं फैक्ट्री प्रबंधन ने ग्रामीणों को सुरक्षा मानक का इंतजाम करने का भरोसा दिलाया गया।
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विरोध करने वालों में राकेश, शिमला, रहती देवी, सुधा, नकली देवी, ईश्वर, मांगा, सहित कई किसान नेता भी मौजूद रहे। उधर नन्हेड़ा अनंतपुर के ग्राम प्रधान संदीप सैनी ने बताया उनके गांव के किसानों की भूमि भी सीमेंट फैक्ट्री लगने के बाद प्रभावित हो गई। गांव के लोगों पर भी उसका असर हो रहा है।
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