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कोतवाली के सामने ही पत्रकार बन ठगें दस हजार
Updated Tue, 05 Jun 2018 10:44 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की। पुलिस की सूचना पर बेटे को छुडाने कोतवाली पहुंचे एक फरयादी से कोतवाली के सामने ही पत्रकार बताकर एक व्यक्ति दस हजार रुपये ठगी कर फरार हो गया। पुलिस तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
सोमवार देर रात लक्सर के शिवपुरी निवासी द्रोणेश के बेटे देवांश अग्रवाल को गंगनहर पुलिस ने बीएसएम चौक पर नशे में कार चलाते हुए पकड़ लिया था। पुलिस ने आरोपी का चालान कर उसके घर सूचना दी थी। इस पर द्रोणेश देर रात में ही गंगनहर कोतवाली पहुंचे। वहां कोतवाली के बाहर ही द्रोणेश की मुलाकात एक युवक से हुई। युवक ने स्वयं का नाम शेखर बताया । उसने द्रोणेश को बताया कि तुम्हारे बेटे ने पुलिस के साथ मारपीट की है, जिसमें पुलिस उसका कई धाराओं में चालान करने के लिए कह रही है। उसने बेटे का छुड़वाने के लिए दस हजार रुपये देने की मांग की। कहा कि ऐसा करने से वह पुलिस के बड़े अधिकारियों से बात करके उसके बेटे को छुड़वा सकता है।द्रोणेश ने बताया कि यह कहने के बाद स्वयं को पत्रकार बताने वाला युवक कोतवाली में चला गया। दस मिनट बाद वह बाहर आकर बोला कि उसकी अधिकारियों से बात हो चुकी है। उसको दस हजार रुपये दे दो। उसकी बात पर यकीन कर द्रोणेश ने उसको दस हजार रुपये दे दिए। पैसा लेने के बाद वह बोला कि इन पैसों को पुलिस के अधिकारियों को देकर आने तक तुम थोड़ी देर कोतवाली के बाहर ही प्रतीक्षा करो। वह कोतवाली के बाहर ही बैठ गए, लेकिन एक घंटे बाद भी कथित पत्रकार वापस नहीं आया। इसके बाद बेटे को छुडाने के लिए द्रोणेश कोतवाली में ही चले गए। जहां उन्होंने अपने साथ हुई घटना के बारे में पुलिस सको बताया। कोतवाली प्रभारी कमल कुमार लुंठी ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी कथित पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है।
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