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ढांग गिरने के कारण श्रमिक की मौत
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ब्यूरो/अमर उजाला, भगवानपुर
कंपनी में काम कर रहे श्रमिक के ऊपर की मिट्टी की ढांग गिर गई। आननफानन में श्रमिक को किसी तरह बाहर निकालकर इलाज के लिए देहरादून ले जाया, लेकिन यहां उपचार के दौरान श्रमिक की मौत हो गई। इसके बाद भड़के परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर कई घंटों तक कंपनी में हंगामा किया। भगवानपुर विधायक ममता राकेश भी पीड़ित परिवार के पक्ष में मौके पर पहुंचीं। कंपनी प्रबंधन ने परिवार को आर्थिक रूप से मदद करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी की।
जानकारी के अनुसार, महेश्वरी गांव निवासी राजपाल (50) पुत्र बिशन सिंह सिकंदरपुर गांव के पास एक सीमेंट कंपनी में काम करता थे। शुक्रवार को राजपाल काम करने कंपनी पहुंचे। बताया जा रहा है कि शुक्रवार दोपहर बाद राजपाल कुछ अन्य श्रमिकों के साथ गड्ढे की खुदाई कर रहे थे। इसी दौरान अन्य श्रमिक बाहर आ गए जबकि राजपाल गड्ढे में ही थे। इसी दौरान गड्ढे की ढांग गिर गई और राजपाल मिट़्टी में दब गए। इससे मौके पर अफरातफरी मच गई। आननफानन में राजपाल को मिट्टी के नीचे से निकाला गया। इसके बाद परिजन राजपाल को लेकर देहरादून के एक निजी चिकित्सालय पहुंचे, जहां राजपाल ने शुक्रवार रात दम तोड़ दिया।
इसके बाद परिजन और ग्रामीण शनिवार सुबह शव को लेकर कंपनी पहुंच गए। उन्होंने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। मृतक के परिजनों ने आर्थिक मदद की मांग की। वहीं, मामले की सूचना मिलते ही भगवानपुर विधायक ममता राकेश भी मौके पर पहुंच गईं और पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद का समर्थन किया। इस पर कंपनी प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके बाद परिजन शांत हो गए और पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसआई मनोज शर्मा ने बताया कि कंपनी के अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को मुआवजे का आश्वासन दिया है।
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कंपनी में काम कर रहे श्रमिक के ऊपर की मिट्टी की ढांग गिर गई। आननफानन में श्रमिक को किसी तरह बाहर निकालकर इलाज के लिए देहरादून ले जाया, लेकिन यहां उपचार के दौरान श्रमिक की मौत हो गई। इसके बाद भड़के परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर कई घंटों तक कंपनी में हंगामा किया। भगवानपुर विधायक ममता राकेश भी पीड़ित परिवार के पक्ष में मौके पर पहुंचीं। कंपनी प्रबंधन ने परिवार को आर्थिक रूप से मदद करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी की।
जानकारी के अनुसार, महेश्वरी गांव निवासी राजपाल (50) पुत्र बिशन सिंह सिकंदरपुर गांव के पास एक सीमेंट कंपनी में काम करता थे। शुक्रवार को राजपाल काम करने कंपनी पहुंचे। बताया जा रहा है कि शुक्रवार दोपहर बाद राजपाल कुछ अन्य श्रमिकों के साथ गड्ढे की खुदाई कर रहे थे। इसी दौरान अन्य श्रमिक बाहर आ गए जबकि राजपाल गड्ढे में ही थे। इसी दौरान गड्ढे की ढांग गिर गई और राजपाल मिट़्टी में दब गए। इससे मौके पर अफरातफरी मच गई। आननफानन में राजपाल को मिट्टी के नीचे से निकाला गया। इसके बाद परिजन राजपाल को लेकर देहरादून के एक निजी चिकित्सालय पहुंचे, जहां राजपाल ने शुक्रवार रात दम तोड़ दिया।
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इसके बाद परिजन और ग्रामीण शनिवार सुबह शव को लेकर कंपनी पहुंच गए। उन्होंने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। मृतक के परिजनों ने आर्थिक मदद की मांग की। वहीं, मामले की सूचना मिलते ही भगवानपुर विधायक ममता राकेश भी मौके पर पहुंच गईं और पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद का समर्थन किया। इस पर कंपनी प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके बाद परिजन शांत हो गए और पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसआई मनोज शर्मा ने बताया कि कंपनी के अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को मुआवजे का आश्वासन दिया है।
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