फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   दो बेटियों को तीन साल से कैद कर रखने का आरोप

दो बेटियों को तीन साल से कैद कर रखने का आरोप

Thu, 26 Oct 2017 10:47 PM IST
Updated Thu, 26 Oct 2017 10:47 PM IST
विज्ञापन
दो बेटियों को तीन साल से कैद कर रखने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

रुड़की।
नौकरी के लिए विदेश गए दंपति की दो बेटियों को उनके नाना-नानी ने जबरदस्ती कैद कर लिया है। यह आरोप बेटियों के माता- पिता ने लगाया है। पिता की लाख कोशिशों के बाद भी आरोपियों ने बेटियों को माता- पिता के हवाले नहीं किया। ऐसे में थक हारकर पिता ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से कार्रवाई की गुहार लगाई । जेएम ने सुनवाई करते हुए पुलिस को एक नवंबर तक दोनों बेटियों को कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं।

कोतवाली गंगनहर क्षेत्र के विनीत नगर, शफीपुर पनियाला रोड निवासी मनीष कोठारी ने जेएम नीतिका खंडेलवाल को पत्र देकर बताया कि वह नवंबर 2013 में नौकरी करने के लिए अमेरिका गया था। जिसके चलते वह अपनी दोनों बेटियों संस्कृति(14) एवं वान्य (10) को अपनी पत्नी कुसुम के पास छोड़कर गया था। मनीष का कहना है कि इसके बाद अमेरिका में उसकी अचानक उसकी तबियत बिगड़ गई। जिसके चलते उसने अपनी पत्नी कुसुम को भी अक्तूबर 2014 में अमेरिका बुलाया लिया, वहीं दोनों बेटियों को रानीपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित उसके नाना-नानी के घर छोड़ दिया। मनीष का कहना है कि इसके बाद वह लगातार अपनी बेटियों की पढ़ाई लिखाई और अन्य खर्च के लिए पैसा भेजता रहा, लेकिन अब वह अमेरिका से वापस आ गए तो उसकी पत्नी रानीपुर में बेटियों को लेने पहुंची तो नाना-नानी ने बेटियां देने से साफ इंकार कर दिया। आरोप है कि नाना-नानी दोनों बेटियों को बंधक बनाकर उनका उत्पीड़न करते हुए झाडू, चौका और बर्तन साफ कराने आदि का काम कराते हैं। पीड़ित पिता ने जेएम से बेटियों को दिलाने की मांग की है। जेएम नीतिका खंडेलवाल ने गंगनहर कोतवाली प्रभारी को आदेश जारी किए हैं कि वह एक नवंबर को दस बजे तक दोनों को कोर्ट में पेश करे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed