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Roorkee News: चेक बाउंस मामले में दोषी को एक वर्ष का कारावास

Thu, 25 Jun 2026 06:48 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jun 2026 06:48 PM IST
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Convict sentenced to one year imprisonment in cheque bounce case
चेक बाउंस के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए न्यायालय ने एक वर्ष के साधारण कारावास और 5.20 लाख के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसमें 5.15 लाख बतौर प्रतिकर प्रतिवादी को दिए जाने के आदेश दिए गए हैं। अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, परिवादी जयवीर सिंह निवासी पुरकाजी मार्ग लक्सर की ओर से न्यायालय में दायर किए गए परिवाद में बताया गया था कि रामवीर निवासी लक्सर के साथ उनका परिचय था। वह उनसे उधार पैसे लेकर समय पर वापस भी कर देता था। इस दौरान बेटी के शादी के लिए आरोपी ने उनसे 31 जुलाई 2018 को पांच लाख रुपये उधार लिए थे।
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उस समय दो माह में रकम वापस करने की बात कही गई थी लेकिन रकम वापस नहीं की गई। बार-बार तकादा करने पर आरोपी ने उन्हें 21 फरवरी 2022 को पांच लाख रुपये का एक चेक हस्ताक्षर करके दिया था। उन्होंने भुगतान के लिए चेक को बैंक में प्रस्तुत किया तो चेक बाउंस हो गया। उन्होंने फोन और नोटिस के माध्यम से इसकी सूचना आरोपी को दी लेकिन इसपर सुनवाई नहीं हुई।
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इसपर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। बचाव पक्ष की ओर से रकम उधार लेने से इन्कार करते हुए चेक के गुम होने की दलील दी गई थी। बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ललिता सिंह ने आरोपी को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास और 5.20 लाख के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड में 5.15 लाख की राशि बतौर प्रतिकर प्रतिवादी को दिए जाने व पूर्व में दी गई राशि को इसमें समायोजित करने के आदेश दिए गए। अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

धोखाधड़ी के आरोपियों की जमानत याचिका खारिज

सीएससी संचालकों से धोखाधड़ी कर रकम हड़पने का आरोप

संवाद न्यूज एजेंसी

लक्सर। धोखाधड़ी कर पैसे हड़पने के आरोप में गिरफ्तार दो आरोपियों की जमानत याचिका अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ललिता सिंह ने खारिज कर दी है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 31 मई को सीएससी संचालक मनीष कुमार निवासी दाबकी के केंद्र पर पहुंचकर एक युवक ने उनसे बैंक खाते में ट्रांसफर कराने की बात कहते हुए 91 हजार की रकम नकद ली थी। एक अन्य सीएससी संचालक सुशील कुमार से भी इसी प्रकार 80 हजार की रकम ली गई थी। खाते में आई रकम ऑनलाइन धोखाधड़ी की होने के कारण दोनों सीएससी संचालकों के खाते फ्रीज हो गए थे।

मामले में अलग - अलग प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने वारदात का खुलासा करते हुए आरोपी अंकित चौहान और विशाल चौहान निवासीगण शाहपुर, थाना बेहट जनपद सहारनपुर को गिरफ्तार किया था। मामले में दोनों आरोपियों की ओर से न्यायालय में जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दाखिल किया गया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से आरोपों को निराधार बताते हुए स्वयं को निर्दोष बताया गया।

अभियोजन पक्ष की ओर से आरोप को गंभीर बताते हुए मामले की विवेचना प्रारंभिक अवस्था में होने की दलील देते हुए जमानत का विरोध किया गया। बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ललिता सिंह ने आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
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