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चिकनगुनिया की जांच की सुविधा नहीं
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
Updated Wed, 21 Sep 2016 11:10 PM IST
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सिविल अस्पताल में डेंगू के साथ ही चिकनगुनिया के मामलों में बढ़ोत्तरी हो रही है। आए दिन चिकनगुनिया के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन जांच की सुविधा नहीं होने से उन्हें निजी अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बुधवार को सिविल अस्पताल में सात डेंगू के नए मामले सामने आए हैं।
डेंगू और चिकनगुनिया के अधिकांश लक्षण एक जैसे होते हैं। लेकिन चिकनगुनिया के मरीजों को जोड़ों में दर्द अधिक रहता है। इसके अलावा बुखार, शरीर में चकत्ते, उल्टी, सिरदर्द आदि दोनों की बीमारियों में लक्षण भी पाए जाते हैं। सिविल अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में वायरल और डेंगू से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल में डेंगू की जांच के बाद मरीजों को बाहर फिजिशियन से दिखाने की सलाह दी जाती है, जबकि चिकनगुनिया के मरीजों की जांच अस्पताल में उपलब्ध नहीं है।
जिसकी वजह से उन्हें निजी अस्पतालों में महंगी दरों पर जांच करानी पड़ती है। इसके बावजूद आज तक अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से इंतजाम नहीं किए गए हैं। इस संबंध में अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डा. संजय कंसल का कहना है कि चिकनगुनिया की जांच की सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को बाहर भेजना पड़ता है। चिकनगुनिया की जांच किट के लिए डिमांड भेजी गई है। जबकि डेंगू की जांच किट अस्पताल में उपलब्ध है। दूसरी ओर सुल्तानपुर में भी डेंगू के दो संदिग्ध मामले सामने आए हैं।
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डेंगू और चिकनगुनिया के अधिकांश लक्षण एक जैसे होते हैं। लेकिन चिकनगुनिया के मरीजों को जोड़ों में दर्द अधिक रहता है। इसके अलावा बुखार, शरीर में चकत्ते, उल्टी, सिरदर्द आदि दोनों की बीमारियों में लक्षण भी पाए जाते हैं। सिविल अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में वायरल और डेंगू से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल में डेंगू की जांच के बाद मरीजों को बाहर फिजिशियन से दिखाने की सलाह दी जाती है, जबकि चिकनगुनिया के मरीजों की जांच अस्पताल में उपलब्ध नहीं है।
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जिसकी वजह से उन्हें निजी अस्पतालों में महंगी दरों पर जांच करानी पड़ती है। इसके बावजूद आज तक अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से इंतजाम नहीं किए गए हैं। इस संबंध में अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डा. संजय कंसल का कहना है कि चिकनगुनिया की जांच की सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को बाहर भेजना पड़ता है। चिकनगुनिया की जांच किट के लिए डिमांड भेजी गई है। जबकि डेंगू की जांच किट अस्पताल में उपलब्ध है। दूसरी ओर सुल्तानपुर में भी डेंगू के दो संदिग्ध मामले सामने आए हैं।
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