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तत्कालीन प्रभारी बीडीओ व ग्राम प्रधान समेत सात पर केस
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तत्कालीन प्रभारी बीडीओ समेत छह कर्मचारियों पर दल्लावाला ग्राम प्रधान के साथ मिलीभगत कर ग्राम पंचायत के विकास कार्यों के लिए जारी हुए बजट में लाखों रुपये की गड़बड़ी का आरोप लगा है। दल्लावाला के ग्रामीण के प्रार्थनापत्र पर कोर्ट ने तत्कालीन प्रभारी बीडीओ समेत छह कर्मचारियों व ग्राम प्रधान के खिलाफ पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
खानपुर विकासखंड क्षेत्र की दल्लावाला ग्राम पंचायत निवासी महिपाल सैनी ने ग्राम प्रधान से कुछ माह पहले पंचायत में कराये गये विकास कार्य से संबंधित सूचनाएं मांगी थी। ग्राम प्रधान व संबंधित विभाग ने महिपाल को सूचनाएं उपलब्ध करा दी थी। सूचना मिलने पर महिपाल ने आरोप लगाया था कि गांव में कच्चे नाले की खुदाई, पक्की नाली के निर्माण, नाले की पिचिंग, सफाई और नाले के दोनों ओर वायर क्रेट लगाने के काम पर जो 10 लाख रुपये खर्च होने दर्शाए गए हैं, उसमें गोलमाल किया गया है। महिपाल सैनी ने इसकी शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों समेत ग्राम विकास विभाग से की थी। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने मामले की जांच कर क्लीन चिट दे दी थी। इसके बाद जांच से असंतुष्ट महिपाल ने लक्सर में कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर सरकारी धनराशि का गबन करने का आरोप लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने तत्कालीन प्रभारी बीडीओ समेत छह कर्मचारियों सहित ग्राम प्रधान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच करने के आदेश खानपुर पुलिस को दिए। एसआई रकम सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन प्रभारी बीडीओ मुनेश कुमार त्यागी, ग्राम विकास अधिकारी इरफान अंसारी, मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी अमृत राठी के अलावा ग्राम्य विकास विभाग के कर्मचारी शिवानी चौहान, सुबोध उनियाल और मोहित कुमार, ग्राम प्रधान आनंद के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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खानपुर विकासखंड क्षेत्र की दल्लावाला ग्राम पंचायत निवासी महिपाल सैनी ने ग्राम प्रधान से कुछ माह पहले पंचायत में कराये गये विकास कार्य से संबंधित सूचनाएं मांगी थी। ग्राम प्रधान व संबंधित विभाग ने महिपाल को सूचनाएं उपलब्ध करा दी थी। सूचना मिलने पर महिपाल ने आरोप लगाया था कि गांव में कच्चे नाले की खुदाई, पक्की नाली के निर्माण, नाले की पिचिंग, सफाई और नाले के दोनों ओर वायर क्रेट लगाने के काम पर जो 10 लाख रुपये खर्च होने दर्शाए गए हैं, उसमें गोलमाल किया गया है। महिपाल सैनी ने इसकी शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों समेत ग्राम विकास विभाग से की थी। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने मामले की जांच कर क्लीन चिट दे दी थी। इसके बाद जांच से असंतुष्ट महिपाल ने लक्सर में कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर सरकारी धनराशि का गबन करने का आरोप लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने तत्कालीन प्रभारी बीडीओ समेत छह कर्मचारियों सहित ग्राम प्रधान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच करने के आदेश खानपुर पुलिस को दिए। एसआई रकम सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन प्रभारी बीडीओ मुनेश कुमार त्यागी, ग्राम विकास अधिकारी इरफान अंसारी, मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी अमृत राठी के अलावा ग्राम्य विकास विभाग के कर्मचारी शिवानी चौहान, सुबोध उनियाल और मोहित कुमार, ग्राम प्रधान आनंद के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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