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बस ने बाइक को मारी टक्कर, ,एक की मौत, दूसरा गंभीर
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Sun, 04 Sep 2016 11:40 PM IST
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घटनास्थल पर पड़े घायल
- फोटो : amarujala
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दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिसौना गांव के समीप देहरादून डिपो की एक रोडवेज बस ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। जिससे दोनों गंभीर रुप से घायल हो गए। बाद में उपचार के दौरान एक युवक की मौत हो गई। दुर्घटना के बाद चालक बस लेकर भाग निकला। लेकिन लोगों ने बस को घेर लिया और चालक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
खुब्बनपुर के समीप स्थित एक दूध की कंपनी में काम कर रहे कर्मचारी विनीत निवासी स्योहारा, बिजनौर और निलेश निवासी बनारस बाइक से कंपनी का कुछ सामान लेने भगवानपुर जा रहे थे। जब यह लोग सिसौना गांव के समीप पहुंचे तो पीछे से आ रही एक रोडवेज बस ने उनको टक्कर मार दी। जिससे दोनों बाइक समेत सड़क पर जा गिरे। दुर्घटना के बाद चालक बस को लेकर वहां भागने लगा। लेकिन लोगों ने बस को घेर लिया और चालक को पकड़ लिया। चालक ने बचकर भागने का प्रयास किया। इस पर जमकर धक्का मुक्की हुई। दुर्घटना की सूचना पुलिस को दी गई। लेकिन पुलिस मौके पर नही पहुंची। जिसके चलते दोनों युवक काफी देर तक सड़क पर ही पड़े रहे। लोगों ने एक टेंपो से दोनों युवकों को भगवानपुर अस्पताल पहुंचाया। लेकिन अस्पताल में कोई भी चिकित्सक नहीं मिला। इस पर ग्रामीणों ने हंगामा भी काटा। बाद में दोनों युवकों को रुड़की स्थित सिविल अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया। विनीत की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। लेकिन रास्तव्े में ही उसकी मौत हो गई। विनीत शव पोस्टमार्ट के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। बाइक के टक्कर मारने वाले बस चालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बस चालक का नाम नौकानंद निवासी सतपुली बताया गया है।
पहले पुलिस और फिर चिकित्सक की लापरवाही बनी विनीत की मौत का कारण
पहले पुलिस फिर चिकित्सकों की लापरवाही ने विनीत की जान ले ली। बस की चपेट में आकर घायल हुए विनीत और निलेश काफी देर तक सड़क पर ही पड़े रहे। सूचना के बाद भी पुलिस की मौके पर नहीं पहुंची। करीब एक घंटे तक इंतजार देखने के बाद ग्रामीण ही टेंपो में डालकर दोनों घायलों को भगवानपुर के सरकारी अस्पताल में लाए। लेकिन अस्पताल में न तो कोई डाक्टर था न ही कोई अन्य स्टाफ। जिससे विनीत और निलेश को उपचार नहीं मिला। दुर्घटना के करीब दो घंटे बाद दोनों को सिविल अस्पताल रुड़की पहुंचाया गया। तब तक विनीत की हालत काफी बिगड़ चुकी थी। शरीर से काफी खून बह चुका था। सिविल अस्पताल रुड़की में विनीत को प्राथमिक उपचार दिया गया। उसकी बिगड़ती हालत को देखते हुए सिविल अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही उसने दमतोड़ दिया। यदि दुर्घटना के बाद पुलिस समय पर पहुंची और भगवानपुर अस्पताल के चिकित्सक गायब न मिलते तो विनीत जिंदा होता।
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खुब्बनपुर के समीप स्थित एक दूध की कंपनी में काम कर रहे कर्मचारी विनीत निवासी स्योहारा, बिजनौर और निलेश निवासी बनारस बाइक से कंपनी का कुछ सामान लेने भगवानपुर जा रहे थे। जब यह लोग सिसौना गांव के समीप पहुंचे तो पीछे से आ रही एक रोडवेज बस ने उनको टक्कर मार दी। जिससे दोनों बाइक समेत सड़क पर जा गिरे। दुर्घटना के बाद चालक बस को लेकर वहां भागने लगा। लेकिन लोगों ने बस को घेर लिया और चालक को पकड़ लिया। चालक ने बचकर भागने का प्रयास किया। इस पर जमकर धक्का मुक्की हुई। दुर्घटना की सूचना पुलिस को दी गई। लेकिन पुलिस मौके पर नही पहुंची। जिसके चलते दोनों युवक काफी देर तक सड़क पर ही पड़े रहे। लोगों ने एक टेंपो से दोनों युवकों को भगवानपुर अस्पताल पहुंचाया। लेकिन अस्पताल में कोई भी चिकित्सक नहीं मिला। इस पर ग्रामीणों ने हंगामा भी काटा। बाद में दोनों युवकों को रुड़की स्थित सिविल अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया। विनीत की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। लेकिन रास्तव्े में ही उसकी मौत हो गई। विनीत शव पोस्टमार्ट के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। बाइक के टक्कर मारने वाले बस चालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बस चालक का नाम नौकानंद निवासी सतपुली बताया गया है।
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पहले पुलिस और फिर चिकित्सक की लापरवाही बनी विनीत की मौत का कारण
पहले पुलिस फिर चिकित्सकों की लापरवाही ने विनीत की जान ले ली। बस की चपेट में आकर घायल हुए विनीत और निलेश काफी देर तक सड़क पर ही पड़े रहे। सूचना के बाद भी पुलिस की मौके पर नहीं पहुंची। करीब एक घंटे तक इंतजार देखने के बाद ग्रामीण ही टेंपो में डालकर दोनों घायलों को भगवानपुर के सरकारी अस्पताल में लाए। लेकिन अस्पताल में न तो कोई डाक्टर था न ही कोई अन्य स्टाफ। जिससे विनीत और निलेश को उपचार नहीं मिला। दुर्घटना के करीब दो घंटे बाद दोनों को सिविल अस्पताल रुड़की पहुंचाया गया। तब तक विनीत की हालत काफी बिगड़ चुकी थी। शरीर से काफी खून बह चुका था। सिविल अस्पताल रुड़की में विनीत को प्राथमिक उपचार दिया गया। उसकी बिगड़ती हालत को देखते हुए सिविल अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही उसने दमतोड़ दिया। यदि दुर्घटना के बाद पुलिस समय पर पहुंची और भगवानपुर अस्पताल के चिकित्सक गायब न मिलते तो विनीत जिंदा होता।
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