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पुण्य के प्रभाव से प्राप्त होती है भागवत : कोठारी
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प्राचीन शिव मंदिर ढंढेरा में चल रही श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन व्यासपीठ से पंडित सतीश चंद्र शास्त्री कोठारी ने कहा कि हमारे जीवन में मंगल पुण्यों की जब वृद्धि होती है। तब ही हमें श्रीमद्भागवत जैसे श्रेष्ठ सत्संग का लाभ होता है।
बुधवार को हुई कथा में पंडित सतीश चंद्र शास्त्री कोठारी ने कहा कि बहुत जन्मों के पुण्यों के प्रभाव से ही भागवत हमें प्राप्त होते हैं। हम सबको अपने जीवन के सुंदर उपार्जन से धर्मानुष्ठान करना चाहिए। हम सब अपने कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना चाहते हैं तो हमें भगवान के श्रीचरणों का आश्रय लेना चाहिए। भगवान के दिव्य चरित्रों के श्रवण से हमारे जीवन में दिव्यता आती है। इस दौरान श्रीकृष्ण के बालचरित्रों, पूतना वध, अनेकों असुरों का दमन, गोवर्धन लीला आदि कथा का श्रवण किया गया। इस दौरान अनिल पुंडीर, अशोक पुंडीर, राहुल चौहान, संजीव कुशवाहा, सुभाष पुंडीर, प्रेम वल्लभ उप्रेती, राम सिंह पुंडीर आदि मौजूद रहे।
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बुधवार को हुई कथा में पंडित सतीश चंद्र शास्त्री कोठारी ने कहा कि बहुत जन्मों के पुण्यों के प्रभाव से ही भागवत हमें प्राप्त होते हैं। हम सबको अपने जीवन के सुंदर उपार्जन से धर्मानुष्ठान करना चाहिए। हम सब अपने कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना चाहते हैं तो हमें भगवान के श्रीचरणों का आश्रय लेना चाहिए। भगवान के दिव्य चरित्रों के श्रवण से हमारे जीवन में दिव्यता आती है। इस दौरान श्रीकृष्ण के बालचरित्रों, पूतना वध, अनेकों असुरों का दमन, गोवर्धन लीला आदि कथा का श्रवण किया गया। इस दौरान अनिल पुंडीर, अशोक पुंडीर, राहुल चौहान, संजीव कुशवाहा, सुभाष पुंडीर, प्रेम वल्लभ उप्रेती, राम सिंह पुंडीर आदि मौजूद रहे।
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