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एशिया में टॉप पर तो देश की रैंकिंग में पिछड़ी आईआईटी
ब्यूूराो/ अमर उजाला रुड़की
Updated Wed, 06 Apr 2016 01:25 AM IST
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रुड़की। एशिया रैकिंग- 2015 में देश की सभी आईआईटी में आईआईटी रुड़की पहले स्थान पर थी। जबकि इस साल पहली बार एमएचआरडी मंत्रालय की ओर से जारी रैंकिंग में आईआईटी रुड़की अन्य के मुकाबले छठे स्थान पर है। इसे लेकर आईआईटी प्रशासन की चिंताएं भी बढ़ गई है। आईआईटी प्रशासन की ओर से रैंकिंग को उच्च स्तरीय कमेटी की बैठक की जाएगी। जिसमें रैंकिंग के स्तर को बढ़ाने के लिए मंथन होगा।
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मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से पहली बार देश के संस्थानों की रैंकिंग जारी करने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेम वर्क (एनईआरएफडब्लू) का गठन किया गया। इसमें आईआईटी रुड़की छठे स्थान पर है। जबकि मद्रास पहले, बांबे दूसरे, खडग़पुर तीसरे, दिल्ली चौथे और आईआईटी कानपुर पांचवें स्थान पर है। जबकि विगत वर्ष टाइम्स आफ हायर एजुकेशन यूनिवर्सिटी एशिया रैंकिंग-2015 के अनुसार आईआईटी रुड़की 55वें स्थान के साथ देश की सभी आईआईटी में टॉप पर थी। आईआईटी बांबे 57 रैंक के साथ दूसरे स्थान पर थी।
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ऐसे में यह सवाल भी पैदा हो रहा है कि जब एक वर्ष पहले एशिया में रुड़की का प्रदर्शन अच्छा था तो इसके बाद स्तर में गिरावट किन कारणों के चलते हैं। हालांकि संस्थान प्रशासन रैंकिंग के मानकों को लेकर भी विचार मंथन कर रहा है। बहरहाल देश में छठी रैंकिंग मिलने के बाद संस्थान प्रशासन के अधिकारी चिंतित नजर आ रहे हैं। चूंकि सभी आईआईटी एमचआरडी के अंतर्गत आती है। ऐसे में मंत्रालय की ओर से जारी रैंकिंग को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। संस्थान प्रशासन इसके मद्देनजर जल्द बैठक कर मंथन किए जाने की तैयारी में जुट गया है।
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शोध की गुणवत्ता और उपयोगिता पर देना होगा ध्यान
रुड़की। विशेषज्ञों के अनुसार संस्थान में शोध की गुणवत्ता के साथ-साथ इस बात पर भी ध्यान देना होगा कि संबंधित शोध एवं तकनीक में धरातल पर उपयोग हो रहा है या नहीं। संस्थान के प्रोफेसर अरुण सराफ की माने तो रैंकिंग के दौरान साइटेशन इंडेक्स में उतार चढ़ाव शोध की उपयोगिता पर निर्भर करता है। किसी भी शोध का उपयोग होने पर उसके लिए साइटेशन इंडेक्स में एक अंक मिलता है। साथ ही पीएचडी के तहत होने वाले शोध कार्य और उनके जनरलों में प्रकाशन आदि की संख्या से भी रैंकिंग प्रभावित होती है।
इन बिंदुओं को ध्यान में रखा गया
रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिस, ट्रेनिंग, कैंपस सेलेक्शन, स्टूडेंट एक्टिविटी, हास्टल और मेस की सुविधाएं, ग्रेजुएशन आउटकम, कोर एक्टिविटी, एक्सीलेंस इन टीचिंग एंड लर्निंग, इंटरनेट एवं लाइब्रेरी आदि की सुविधाएं।