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Roorkee News: अधर में लटका आंगनबाड़ी भवन, अब एक महीने में होगा तैयार
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I नारसन में तैनात तत्कालीन ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को बीडीओ ने किया तलबI
Iअब तक भवन में खर्च हो चुके चार लाख 60 हजार रुपये, छह महीने में करना था तैयार
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Iगजीवाली गांव में वर्षों से अधर में लटका हुआ आंगनबाड़ी भवन अब एक महीने में नौनिहालों के लिए तैयार हो जाएगा। बीडीओ ने अमर उजाला की प्रकाशित की खबर का संज्ञान लेते हुए तत्कालीन ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को तलब किया। उनसे आंगनबाड़ी भवन के निर्माण की जानकारी हासिल की।I
Iगाजीवाली गांव में दो आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों पर आने वाले बच्चों को किराये के भवन में बैठाकर अक्षर ज्ञान दिया जा रहा है। बच्चों के लिए आंगनबाड़ी भवन बनाने के लिए सात लाख रुपये से वर्ष 2018 में निर्माण कार्य शुरू किया गया था, लेकिन छह साल में भी भवन नहीं बना है।
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Iमंगलवार को अमर उजाला की ओर से आंगनबाड़ी भवन का आंगन सूना शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई तो बीडीओ मानस मित्तल ने ग्राम पंचायत के तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव दिनेश सैनी को बुलाया। उनसे पूछताछ के बाद बताया कि भवन में चार लाख 60 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। बताया कि भवन निर्माण के दौरान तत्कालीन ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दिनेश सैनी की जिम्मेदारी थी, उनको छह महीने में भवन तैयार कराना था। खंड विकास अधिकारी ने बताया कि भवन के अधूरे हिस्से का निरीक्षण करने के लिए एक टीम गांव में भी भेजी। उन्होंने बताया कि एक-दो दिन में निर्माण कार्य दोबारा शुरू होगा, जो एक महीने में पूरा कर लिया जाएगा। तैयार करने के बाद भवन को आंगनबाड़ी संचालित करने के लिए ग्राम पंचायत के हैंड ओवर कर दिया जाएगा।I
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Iग्रामीणों की उम्मीदें जगीं I
Iग्रामीणों ने वर्षों से इस भवन के निर्माण के लिए कई बार शिकायतें की थीं। अब खंड विकास अधिकारी के निर्देश के बाद ग्रामीणों को उम्मीद जगी है कि आंगनबाड़ी केंद्र जल्द ही बन जाएगा। उनके बच्चे आंगनबाड़ी भवन में बैठकर पढ़ सकेंगे। इससे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी राहत मिलेगी। भवन निर्माण में पूर्व के अधिकारियों की लापरवाही गांव और जिला प्रशासन में चर्चा का विषय भी बनी हुई है।I
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Iआंगनबाड़ी भवन के निर्माण में गुणवत्ता और समयबद्धता का ध्यान रखा जाएगा। संबंधित विभाग के अधिकारी और टीम कार्य की निगरानी करेगी, ताकि दोबारा कोई रुकावट न आए। -मानस मित्तल, खंड विकास अधिकारी, बहादरबाद I
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Iअब तक भवन में खर्च हो चुके चार लाख 60 हजार रुपये, छह महीने में करना था तैयार
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Iगजीवाली गांव में वर्षों से अधर में लटका हुआ आंगनबाड़ी भवन अब एक महीने में नौनिहालों के लिए तैयार हो जाएगा। बीडीओ ने अमर उजाला की प्रकाशित की खबर का संज्ञान लेते हुए तत्कालीन ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को तलब किया। उनसे आंगनबाड़ी भवन के निर्माण की जानकारी हासिल की।I
Iगाजीवाली गांव में दो आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों पर आने वाले बच्चों को किराये के भवन में बैठाकर अक्षर ज्ञान दिया जा रहा है। बच्चों के लिए आंगनबाड़ी भवन बनाने के लिए सात लाख रुपये से वर्ष 2018 में निर्माण कार्य शुरू किया गया था, लेकिन छह साल में भी भवन नहीं बना है।
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Iमंगलवार को अमर उजाला की ओर से आंगनबाड़ी भवन का आंगन सूना शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई तो बीडीओ मानस मित्तल ने ग्राम पंचायत के तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव दिनेश सैनी को बुलाया। उनसे पूछताछ के बाद बताया कि भवन में चार लाख 60 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। बताया कि भवन निर्माण के दौरान तत्कालीन ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दिनेश सैनी की जिम्मेदारी थी, उनको छह महीने में भवन तैयार कराना था। खंड विकास अधिकारी ने बताया कि भवन के अधूरे हिस्से का निरीक्षण करने के लिए एक टीम गांव में भी भेजी। उन्होंने बताया कि एक-दो दिन में निर्माण कार्य दोबारा शुरू होगा, जो एक महीने में पूरा कर लिया जाएगा। तैयार करने के बाद भवन को आंगनबाड़ी संचालित करने के लिए ग्राम पंचायत के हैंड ओवर कर दिया जाएगा।I
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Iग्रामीणों की उम्मीदें जगीं I
Iग्रामीणों ने वर्षों से इस भवन के निर्माण के लिए कई बार शिकायतें की थीं। अब खंड विकास अधिकारी के निर्देश के बाद ग्रामीणों को उम्मीद जगी है कि आंगनबाड़ी केंद्र जल्द ही बन जाएगा। उनके बच्चे आंगनबाड़ी भवन में बैठकर पढ़ सकेंगे। इससे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी राहत मिलेगी। भवन निर्माण में पूर्व के अधिकारियों की लापरवाही गांव और जिला प्रशासन में चर्चा का विषय भी बनी हुई है।I
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Iआंगनबाड़ी भवन के निर्माण में गुणवत्ता और समयबद्धता का ध्यान रखा जाएगा। संबंधित विभाग के अधिकारी और टीम कार्य की निगरानी करेगी, ताकि दोबारा कोई रुकावट न आए। -मानस मित्तल, खंड विकास अधिकारी, बहादरबाद I
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