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आंबेड़कर की मूर्ति की खंडित, तनाव
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रविवार को कुछ अराजकतत्वों ने बाकरपुर गांव में स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को खंडित कर दिया। इसे लेकर दो पक्षों के बीच तनाव हो गया। अनुसूचित जाति के लोगों ने दूसरी बिरादरी के लोगों पर प्रतिमा को खंडित करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इसकी जानकारी मिलते ही एसडीएम और पुलिस क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर मामला शांत कराया।
मिली जानकारी के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के बाकरपुर गांव में काफी समय से डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की हुई है। रविवार दोपहर कुछ अराजकतत्वों ने प्रतिमा को खंडित कर दिया। ग्रामीणों के मुताबिक किसी शरारती तत्वों ने प्रतिमा पर पत्थर फेंक दिया, जिससे वह खंडित हो गई। इसकी जानकारी लगते ही अनुसूचित जाति के अनेक लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। उन्होंने दूसरी बिरादरी के कुछ लोगों पर जानबूझकर प्रतिमा को खंडित करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इसकी जानकारी मिलते ही एसडीएम पूरण सिंह राणा, पुलिस क्षेत्राधिकारी राजन सिंह और कोतवाल वीरेंद्र सिंह नेगी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। घटना से गुस्साए अनुसूचित जाति के लोगों ने प्रतिमा को खंडित करने वाले आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई किए जाने की मांग की। इस बीच दोनों अधिकारियों ने मौके पर ही मामले की जांच पड़ताल की। इसमें प्रतिमा को जानबूझकर खंडित किए जाने की घटना की पुष्टि नहीं हो सकी। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने हंगामा कर रहे ग्रामीणों को शांत कर वापस भेज दिया। उधर, एसडीएम पूरण सिंह राणा का कहना है कि किसी सिरफिरे व्यक्ति की गलती से पत्थर प्रतिमा को लग गया होगा। अब प्रतिमा को सही कराया जा रहा है, गांव में किसी भी प्रकार का कोई तनाव नहीं है, फिर भी गांव में नजर रखी जा रही है।
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मिली जानकारी के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के बाकरपुर गांव में काफी समय से डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की हुई है। रविवार दोपहर कुछ अराजकतत्वों ने प्रतिमा को खंडित कर दिया। ग्रामीणों के मुताबिक किसी शरारती तत्वों ने प्रतिमा पर पत्थर फेंक दिया, जिससे वह खंडित हो गई। इसकी जानकारी लगते ही अनुसूचित जाति के अनेक लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। उन्होंने दूसरी बिरादरी के कुछ लोगों पर जानबूझकर प्रतिमा को खंडित करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इसकी जानकारी मिलते ही एसडीएम पूरण सिंह राणा, पुलिस क्षेत्राधिकारी राजन सिंह और कोतवाल वीरेंद्र सिंह नेगी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। घटना से गुस्साए अनुसूचित जाति के लोगों ने प्रतिमा को खंडित करने वाले आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई किए जाने की मांग की। इस बीच दोनों अधिकारियों ने मौके पर ही मामले की जांच पड़ताल की। इसमें प्रतिमा को जानबूझकर खंडित किए जाने की घटना की पुष्टि नहीं हो सकी। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने हंगामा कर रहे ग्रामीणों को शांत कर वापस भेज दिया। उधर, एसडीएम पूरण सिंह राणा का कहना है कि किसी सिरफिरे व्यक्ति की गलती से पत्थर प्रतिमा को लग गया होगा। अब प्रतिमा को सही कराया जा रहा है, गांव में किसी भी प्रकार का कोई तनाव नहीं है, फिर भी गांव में नजर रखी जा रही है।
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