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Roorkee News: सात माह के मासूम का भीख मंगवाने के लिए किया था अपहरण

Thu, 11 Jun 2026 11:55 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jun 2026 11:55 PM IST
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A seven-month-old boy was kidnapped to beg
कलियर दरगाह परिसर से अगवा हुए सात माह के मासूम अली रजा को पुलिस ने चार दिन की कड़ी मशक्कत के बाद ढूंढ लिया। मामले में गिरफ्तार एक विकलांग महिला और उसके साथी ने जो कहानी बताई उसने हर किसी को हैरान कर दिया। आरोपियों ने अधिक भीख मिलने के लालच में मासूम के अपहरण की साजिश रची थी।
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एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी जिले की रहने वाली कलसूम खातून ने सात जून को पुलिस को सूचना दी थी कि करीब 09 महीने पहले अपनी लड़की रजिया खातून पत्नी असमत व अपने लड़के खुशराज और नाती मोहम्मद अली रजा पुत्र असमत उम्र सात माह को लेकर नई बस्ती कलियर में किराये पर रह रहे थे।
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उसकी बेटी रजिया खातून की दिमागी हालात ठीक नहीं है जो दरगाह में हाजिरी के लिए रोज आती है। सात जून को उसका सात माह का नाती अली रजा दरगाह परिसर से अचानक लापता हो गया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच टीम गठित की। पुलिस ने दरगाह परिसर, रुड़की बस अड्डे, रेलवे स्टेशन, मुख्य बाजार और आसपास के क्षेत्रों में लगे 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
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संदिग्ध महिला और पुरुष की तस्वीरें प्रचारित की गईं। इस दौरान संदिग्ध विकलांग महिला की बैसाखियां व अगवा बालक के दोनों हाथों में छह-छह अंगुलियां पहचान का जरिया बनीं।इसके बाद बृहस्पतिवार को सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस को उस समय बड़ी सफलता मिली जब लक्सर रेलवे स्टेशन के पास एक विकलांग महिला बच्चे को गोद में लेकर भीख मांगती मिली।



पुलिस ने बच्चे को अपने संरक्षण में लेने के साथ ही महिला और उसके साथी समीर उर्फ सोनू उर्फ बड़ा निवासी गोल्डन कॉलोनी, लंढौरा, मंगलौर को भी गिरफ्तार किया। चार दिन से बच्चे की तलाश में भटक रहे परिजनों की आंखों में बच्चे को देखकर खुशी के आंसू छलक पड़े। पूछताछ में आरोपी समीर ने बताया कि उन्होंने करीब एक सप्ताह तक मां और बच्चे की रेकी के बाद बच्चा चुराया और इसके बाद वह सीधे लंढौरा पहुंचा। वहां विकलांग महिला उसका इंतजार कर रही थी।

हिंदू बनकर लोगों को दे रहा था धाेखा



आरोपी समीर कितना शातिर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जगह के हिसाब से खुद को हिंदू युवक के रूप में प्रस्तुत करता था जबकि वह मूलत: मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखता है। एसपी देहात ने शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि यह बात तब सामने आई जब देखा कि समीर ने अपने हाथ पर ओम लिखवा रखा था। महिला ने बताया कि वह और समीर करीब दो साल से साथ में रह रहे हैं।


छोटे बच्चे के साथ ज्यादा मिलती है भीख



पूछताछ में महिला ने बताया कि वह बचपन से पोलियो ग्रस्त है और भीख मांगकर गुजर-बसर करती है। दरगाह में उसने देखा कि गोद में छोटे बच्चों को लेकर भीख मांगने वाली महिलाओं को ज्यादा पैसे मिलते हैं। इसके बाद उसने अपने साथी समीर के साथ मिलकर किसी छोटे बच्चे का अपहरण करने की योजना बनाई ताकि उसे सहारा बनाकर ज्यादा भीख मांगी जा सके।
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