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सचिवालय घेराव की तैयारी में जुटे किसान
Updated Sat, 02 Sep 2017 12:28 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो।
रुड़की। कर्ज माफ करने समेत तीन सूत्री मांगों को लेकर किसानों का धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। किसानों ने शासन-प्रशासन पर मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए अब सचिवालय के घेराव का ऐलान किया है। इसे लिए रणनीति भी बनानी शुरू कर दी है।
प्रदेश के किसानों का कर्ज माफ करने, हरियाणा की तर्ज पर सिंचाई के लिए भी मुक्त बिजली की मांग को लेकर भाकियू के पदाधिकारी किसानों के साथ जेएम कार्यालय पर पांच अगस्त से धरना दे रहे है।
धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने की किसान लगातार मांगाें को लेकर धरना और भूख हड़ताल कर रही है लेकिन शासन और प्रशासन आज भी मांगों की अनदेखी कर रहा है। अब किसान आंदोलन को ओर उग्र किया जाएगा। सचिवालय का घेराव किया जाएगा।
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धरने का नेतृत्व कर रहे किसान नेता विजय शास्त्री ने बताया कि यदि मांगों पर संज्ञान नहीं लिया जाता है, तो सचिवालय का घेेराव किया जाएगा। जिसकी रणनीति बनाई जा रही है। वहीं दूसरी ओर जेएम कार्यालय पर 28वें दिन शुक्रवार को भी धरना जारी रहा। इस दौरान रविपाल, राममूर्ति धर्मेंद्र, अंकुर, विरेंद्रपाल, पप्पू, विकेश, मो. अखलाक, ओमपाल, जनक, महिपाल, सुक्रमपाल व चमन लाल आदि किसान मौजूद थे।
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रुड़की। कर्ज माफ करने समेत तीन सूत्री मांगों को लेकर किसानों का धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। किसानों ने शासन-प्रशासन पर मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए अब सचिवालय के घेराव का ऐलान किया है। इसे लिए रणनीति भी बनानी शुरू कर दी है।
प्रदेश के किसानों का कर्ज माफ करने, हरियाणा की तर्ज पर सिंचाई के लिए भी मुक्त बिजली की मांग को लेकर भाकियू के पदाधिकारी किसानों के साथ जेएम कार्यालय पर पांच अगस्त से धरना दे रहे है।
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धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने की किसान लगातार मांगाें को लेकर धरना और भूख हड़ताल कर रही है लेकिन शासन और प्रशासन आज भी मांगों की अनदेखी कर रहा है। अब किसान आंदोलन को ओर उग्र किया जाएगा। सचिवालय का घेराव किया जाएगा।
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धरने का नेतृत्व कर रहे किसान नेता विजय शास्त्री ने बताया कि यदि मांगों पर संज्ञान नहीं लिया जाता है, तो सचिवालय का घेेराव किया जाएगा। जिसकी रणनीति बनाई जा रही है। वहीं दूसरी ओर जेएम कार्यालय पर 28वें दिन शुक्रवार को भी धरना जारी रहा। इस दौरान रविपाल, राममूर्ति धर्मेंद्र, अंकुर, विरेंद्रपाल, पप्पू, विकेश, मो. अखलाक, ओमपाल, जनक, महिपाल, सुक्रमपाल व चमन लाल आदि किसान मौजूद थे।