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चुनाव से पहले 80 योद्धा हुए रण से बाहर
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पंचायत चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच में ही 80 योद्धा रण से बाहर हो गए हैं। कुछ न कुछ कमियों के कारण इनके नामांकन पत्र निरस्त कर दिए गए हैं। सबसे अधिक 69 नामांकन सदस्य पद के दावेदारों के निरस्त हुए हैं। वहीं सोमवार को नाम वापसी के लिए भी अधिकारियों ने तैयारियां कर ली है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में छह से आठ सितंबर तक नामांकन पत्र जमा किए जाने की प्रक्रिया की गई। इसके बाद शुक्रवार से रविवार तक नामांकन पत्रों की जांच की प्रक्रिया चली। आखिरी दिन भी नामांकन पत्रों की जांच के लिए दावेदारों की ब्लॉक में भीड़ लगी रही। इस दौरान सहायक निर्वाचन अधिकारियों ने एक-एक पत्रों की गंभीरता से जांच की। इस दौरान अंतिम दिन 80 दावेदारों के नामांकन पत्र निरस्त हुए। अधिकारियों के मुताबिक कुछ दावेदारों ने नामांकन पत्र में केवल दो बच्चे होने का घोषणापत्र दिया हुआ था जबकि जांच में उसके दो से अधिक बच्चे थे। ऐसे में पर्चा निरस्त कर दिया गया।
वहीं कुछ दावेदारों ने वोटर लिस्ट में लिखी आयु के आधार पर नामांकन जमा किया जबकि मार्कशीट में दावेदार की आयु कम पाई गई। इसी तरह कुछ ने दूसरे वार्ड में रहने वाले व्यक्ति को प्रस्तावक बना दिया जबकि प्रस्तावक दावेदार के वार्ड से ही होना चाहिए। इस कारण भी कुछ नामांकन पत्र निरस्त हुए। बहरहाल कुल मिलाकर ये दावेदार बिना चुनाव लड़े ही मैदान से बाहर हो गए हैं। अब इन्हें दोबारा मैदान में उतरने के लिए पांच साल तक इंतजार करना पड़ेगा। वहीं इन दावेदारों के नामांकन पत्र खारिज होने से दूसरे खेमों में खुशी की लहर है। अन्य दावेदारों की संख्या कम करने के लिए अब मान मनौव्वल चल रही है। निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र सिंह धामी ने बताया कि तीन दिन की जांच प्रक्रिया के बाद 80 दावेदारों के नामांकनपत्र निरस्त कर दिए गए हैं। इनमें सबसे अधिक ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 69, ग्राम प्रधान पद के लिए सात और बीडीसी पद के लिए चार दावेदारों के नामांकन पत्र निरस्त हुए हैं। आज ब्लॉक में नाम वापसी होनी है। इसके लिए सभी तैयारियां पूर कर ली गई हैं।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में छह से आठ सितंबर तक नामांकन पत्र जमा किए जाने की प्रक्रिया की गई। इसके बाद शुक्रवार से रविवार तक नामांकन पत्रों की जांच की प्रक्रिया चली। आखिरी दिन भी नामांकन पत्रों की जांच के लिए दावेदारों की ब्लॉक में भीड़ लगी रही। इस दौरान सहायक निर्वाचन अधिकारियों ने एक-एक पत्रों की गंभीरता से जांच की। इस दौरान अंतिम दिन 80 दावेदारों के नामांकन पत्र निरस्त हुए। अधिकारियों के मुताबिक कुछ दावेदारों ने नामांकन पत्र में केवल दो बच्चे होने का घोषणापत्र दिया हुआ था जबकि जांच में उसके दो से अधिक बच्चे थे। ऐसे में पर्चा निरस्त कर दिया गया।
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वहीं कुछ दावेदारों ने वोटर लिस्ट में लिखी आयु के आधार पर नामांकन जमा किया जबकि मार्कशीट में दावेदार की आयु कम पाई गई। इसी तरह कुछ ने दूसरे वार्ड में रहने वाले व्यक्ति को प्रस्तावक बना दिया जबकि प्रस्तावक दावेदार के वार्ड से ही होना चाहिए। इस कारण भी कुछ नामांकन पत्र निरस्त हुए। बहरहाल कुल मिलाकर ये दावेदार बिना चुनाव लड़े ही मैदान से बाहर हो गए हैं। अब इन्हें दोबारा मैदान में उतरने के लिए पांच साल तक इंतजार करना पड़ेगा। वहीं इन दावेदारों के नामांकन पत्र खारिज होने से दूसरे खेमों में खुशी की लहर है। अन्य दावेदारों की संख्या कम करने के लिए अब मान मनौव्वल चल रही है। निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र सिंह धामी ने बताया कि तीन दिन की जांच प्रक्रिया के बाद 80 दावेदारों के नामांकनपत्र निरस्त कर दिए गए हैं। इनमें सबसे अधिक ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 69, ग्राम प्रधान पद के लिए सात और बीडीसी पद के लिए चार दावेदारों के नामांकन पत्र निरस्त हुए हैं। आज ब्लॉक में नाम वापसी होनी है। इसके लिए सभी तैयारियां पूर कर ली गई हैं।
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