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60 हजार बच्चों को खिलाई गई एलबेंडाजोल
ब्यूरो/रुड़की, अमर उजाला
Updated Wed, 10 Feb 2016 10:32 PM IST
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राष्ट्रीय कृमि दिवस पर सरकारी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं दीनी मदरसों में शहर से लेकर देहात तब छात्र-छात्राओं को एलबेंडा जोल की गोलियां खिलाई गई ताकि बच्चों को पेट के कीड़ों से मुक्ति दिलाई जा सके और उनका बेहतर विकास हो सके। एक अनुमान के मुताबिक शहर और देहात क्षेत्र में करीब 60 हजार बच्चों को यह गोलियां खिलाई गई है।
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राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर शहर और देहात क्षेत्र के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों पर छात्र-छात्राओं को एलबेंडा जोल की गोलियां खिलाई गई। शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने अपने सामने ही प्रत्येक बच्चे को एक-एक गोली दी। एलबेंडा जोल की गोलियां पांच वर्ष से 19 वर्ष के साथ सभी छात्र-छात्राओं को खिलाई जाएगी। शहर में 139 आंगनबाड़ी केंद्रो पर यह गोलियां खिलाई गई। शहर और देहात में स्थित सभी सरकारी और अशासकीय विद्यालयों में भी छात्र-छात्राओं को यह दवा दी गई। रुड़की, भगवानपुर, कलियर, मंगलौर, झबरेड़ा आदि में 60 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को यह गोलियां खिलाई गई है।
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इस बीच ब्लॉक रुड़की के पांच अशासकीय विद्यालयों में एलबेंडा जोल की गोलियां नहीं पहुंच पाई। जिसके कारण वहां यह दवा बच्चों को नहीं खिलाई जा सकी है। बता दें कि पहले यह गोलियां केवल आशसकीय विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर खिलाई जानी थी। लेकिन मंगलवार को आदेश आया कि अशासकीय विद्यालयों में भी यह गोलियां खिलाई जानी है। आनन फानन में बुधवार को विद्यालयों को इस बात से अवगत कराया गया और उनके यहां दवाएं आदि भिजवाई गई। जबकि कुछ विद्यालय स्वयं ही यह दवाएं ले गए। पांच विद्यालय मेें यह दवा नहीं पहुंच पाई। यहां पर अब यह दवा 15 फरवरी को खिलाई जाएगी।
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