{"_id":"5afdcc374f1c1b5a798b4a52","slug":"31526582327-roorkee-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब डिजीटलाइज्ड होंगी नगर निगम की गृहकर व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब डिजीटलाइज्ड होंगी नगर निगम की गृहकर व्यवस्था
Updated Fri, 18 May 2018 12:08 AM IST
विज्ञापन
रुड़की।
नगर निगम गृहकर की व्यवस्था डिजिटलाइज्ड करने जा रहा है। इसके तहत उपभोक्ता गृहकर ऑनलाइन जमा कर सकेंगे।
बृहस्पतिवार को सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट ने बताया कि गृहकर संबंधित सभी कार्यों को डिजिटलाइज्ड करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके लिए आईटी एक्सपर्ट की मदद से साफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। गृहकर जमा करने वाले उपभोक्ताआें की सभी जानकारी डिजिटल फार्म में दर्ज की जाएगी। इसके बाद उपभोक्ताओं को गेटवे पेमेंट के तहत ऑनलाइन गृहकर जमा कराने की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए बैंकों से भी अनुबंध किया जाएगा। गौरतलब है कि शहर में करीब 36 हजार आवासीय भवन हैं। करीब दस हजार व्यवसायिक भवन हैं। अभी तक इन 46 हजार उपभोक्ताओं को हर साल गृहकर जमा कराने के लिए नगर निगम के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
एसएमएस करेगा अलर्ट
रुड़की। यदि आप अपना गृहकर जमा कराना भूल जाएं और आप पर पैनल्टी लगने वाली है तो इससे सावधान करने के लिए भी निगम ने तैयारियां शुरू कर दी है। सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट ने बताया कि साफ्टवेयर के जरिए मोबाइल कंपनियों की तरह गृहकर उपभोक्ताओं को एसएमएस भेजे जाएंगे।
हाउस टैक्स नंबर के आधार पर क्लिक पर मिलेगी जानकारी
रुड़की। सभी उपभोक्ताओं को एक हाउस टैक्स नंबर अलोट किया जाएगा। साफ्टवेयर में इस नंबर पर क्लिक करते ही गृह मालिक से संबंधित सभी जानकारियां आपके मोबाइल स्क्रीन पर आ जाएंगी। मसलन, आपने कब से से हाउस टैक्स जमा नहीं किया या फिर आपका हाउस टैक्स का कितना बकाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर निगम गृहकर की व्यवस्था डिजिटलाइज्ड करने जा रहा है। इसके तहत उपभोक्ता गृहकर ऑनलाइन जमा कर सकेंगे।
बृहस्पतिवार को सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट ने बताया कि गृहकर संबंधित सभी कार्यों को डिजिटलाइज्ड करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके लिए आईटी एक्सपर्ट की मदद से साफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। गृहकर जमा करने वाले उपभोक्ताआें की सभी जानकारी डिजिटल फार्म में दर्ज की जाएगी। इसके बाद उपभोक्ताओं को गेटवे पेमेंट के तहत ऑनलाइन गृहकर जमा कराने की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए बैंकों से भी अनुबंध किया जाएगा। गौरतलब है कि शहर में करीब 36 हजार आवासीय भवन हैं। करीब दस हजार व्यवसायिक भवन हैं। अभी तक इन 46 हजार उपभोक्ताओं को हर साल गृहकर जमा कराने के लिए नगर निगम के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
एसएमएस करेगा अलर्ट
रुड़की। यदि आप अपना गृहकर जमा कराना भूल जाएं और आप पर पैनल्टी लगने वाली है तो इससे सावधान करने के लिए भी निगम ने तैयारियां शुरू कर दी है। सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट ने बताया कि साफ्टवेयर के जरिए मोबाइल कंपनियों की तरह गृहकर उपभोक्ताओं को एसएमएस भेजे जाएंगे।
विज्ञापन
हाउस टैक्स नंबर के आधार पर क्लिक पर मिलेगी जानकारी
रुड़की। सभी उपभोक्ताओं को एक हाउस टैक्स नंबर अलोट किया जाएगा। साफ्टवेयर में इस नंबर पर क्लिक करते ही गृह मालिक से संबंधित सभी जानकारियां आपके मोबाइल स्क्रीन पर आ जाएंगी। मसलन, आपने कब से से हाउस टैक्स जमा नहीं किया या फिर आपका हाउस टैक्स का कितना बकाया है।
विज्ञापन