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प्राइवेट चिकित्सकों की हड़ताल, मरीज और तीमारदार परेशान
Updated Sat, 28 Jul 2018 10:48 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) बिल के विरोध में शनिवार को आईएमए के बैनर तले शहर के सभी प्राइवेट डाक्टरों ने क्लीनिक बंद रखे। इससे मरीजों को असुविधाओं का सामना करना पड़ा।
आईएमए से जुड़े डाक्टरों ने रुड़की के तहसीलदार मनजीत सिंह को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान आईएमए के सचिव डा. जोगराज सिंह ने कहा कि नेशनल मेडिकल कमीशन के असर से कारपोरेट घराने अपनी मनमर्जी से डाक्टरी की सीटें भरेंगे। बिल के प्रावधानों से भ्रष्टाचार बढ़ेगा। नए मेडिकल कालेज की अनुमति लेने की प्रक्रिया में कठोर नियम नहीं होंगे। यही नहीं डाक्टर बनने के बाद भी प्रैक्टिस करने के लिए लाइसेंस परीक्षा पास करनी होगी। इस बिल के पास होने से चिकित्सा शिक्षा मंहगी महंगी होगी। इसका असर मरीजों पर भी पड़ेगा। वहीं दूसरी ओर शनिवार सुबह ही प्राइवेट अस्पतालों पर मरीज पहुंचने शुरू हो गए, लेकिन अस्पतालों पर हड़ताल के बोर्ड लटके देख उन्हें लौटना पड़ा। इस मौके पर डा. भटनागर, डा. एसके कौशिक डा. एसके गुप्ता, डा. अरुण, डा. जीएस ग्रोवर, डा. वंदना ग्रोवर, डा. सहारन, डा. विकराल, डा. गोयल, डा. प्रदीप रस्तोगी, डा. संजीव गर्ग, डा. सुशील नागर, डा. पारित अग्रवाल, डा. नवीन शर्मा, डा. अजय भार्गव, डा आशीष गुप्ता आदि मौजूद रहे।
रुड़की। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) बिल के विरोध में शनिवार को आईएमए के बैनर तले शहर के सभी प्राइवेट डाक्टरों ने क्लीनिक बंद रखे। इससे मरीजों को असुविधाओं का सामना करना पड़ा।
आईएमए से जुड़े डाक्टरों ने रुड़की के तहसीलदार मनजीत सिंह को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान आईएमए के सचिव डा. जोगराज सिंह ने कहा कि नेशनल मेडिकल कमीशन के असर से कारपोरेट घराने अपनी मनमर्जी से डाक्टरी की सीटें भरेंगे। बिल के प्रावधानों से भ्रष्टाचार बढ़ेगा। नए मेडिकल कालेज की अनुमति लेने की प्रक्रिया में कठोर नियम नहीं होंगे। यही नहीं डाक्टर बनने के बाद भी प्रैक्टिस करने के लिए लाइसेंस परीक्षा पास करनी होगी। इस बिल के पास होने से चिकित्सा शिक्षा मंहगी महंगी होगी। इसका असर मरीजों पर भी पड़ेगा। वहीं दूसरी ओर शनिवार सुबह ही प्राइवेट अस्पतालों पर मरीज पहुंचने शुरू हो गए, लेकिन अस्पतालों पर हड़ताल के बोर्ड लटके देख उन्हें लौटना पड़ा। इस मौके पर डा. भटनागर, डा. एसके कौशिक डा. एसके गुप्ता, डा. अरुण, डा. जीएस ग्रोवर, डा. वंदना ग्रोवर, डा. सहारन, डा. विकराल, डा. गोयल, डा. प्रदीप रस्तोगी, डा. संजीव गर्ग, डा. सुशील नागर, डा. पारित अग्रवाल, डा. नवीन शर्मा, डा. अजय भार्गव, डा आशीष गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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